- सेना से रिटायर्ड फौजी पर दर्ज हैं 56 मुकदमे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: देश के चर्चित 4200 करोड़ के बाइक बोट घोटाले में एसटीएफ और नोएडा की ईओडब्ल्यू यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस मामले में फरार चल रहे 50-50 हजार के दो इनामियों सहित तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बदमाशों में एक सेना से रिटायर्ड फौजी है और उस पर नोएडा के दादरी थाने में धोखाधड़ी के 56 मुकदमे हैं।
ईओडब्ल्यू के एसपी राम सुरेश यादव ने बताया कि देर रात एक सूचना पर कार्रवाई करते हुए नोएडा और गाजियाबाद में पुलिस और एसटीएफ की टीम ने अलग-अलग जाल बिछाया। इस दौरान नोएडा से गाजियाबाद निवासी सचिन भाटी और उसके भाई पवन भाटी को गिरफ्तार किया गया।
वहीं, गाजियाबाद से मेरठ की गंगा सागर कॉलोनी निवासी करणपाल को गिरफ्तार किया गया। एसपी राम सुरेश यादव के मुताबिक बाइक बोट घोटाले के बाद से यह तीनों ही आरोपी फरार चल रहे थे। इस मामले में सचिन भाटी और करण पाल पर 50-50 हजार का इनाम भी घोषित था।
फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। बताते चले कि आरोपियों द्वारा एक फर्म बनाकर देश के कई हिस्सों में रहने वाले लोगों के पैसे बाइक बोट कंपनी में इन्वेस्ट कराए गए थे। जिसके बाद करोड़ों की रकम लेकर कंपनी के संचालक फरार हो गए थे।
इस मामले की जांच एसटीएफ और ईओडब्ल्यू द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार करणपाल शातिर किस्म का बदमाश है और उसके खिलाफ नोएडा के दादरी थाने में धोखाधड़ी के 56 मुकदमे दर्ज हैं। वह भारतीय सेना के छह जाट रेजीमेंट बरेली से 2009 में रिटायर हुआ था।
2013-14 में देहरादून की सिक्योर लाइफ इनवेस्टमेंट कंपनी में काम किया था। इसमें लोगों से पैसे इनवेस्टमेंट करवाये थे। इसके बाद वह 2016-17 में संजय भाटी के संपर्क में आया था। जो गर्वित इनोवेटिड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नोएडा का मालिक था। जो बाइक के नाम पर लोगों से 62,100 रुपये जमा करवाता था।
इसके लालच में पैसा लगाने वाले को हर माह 9800 रुपये देने का वायदा किया जाता था। एक व्यक्ति द्वारा तीन बाइक लगाने पर दोगुना बोनस देने का लालच दिया जाता था। एसपी ने बताया कि इन लोगों ने 4200 करोड़ का चूना लगाया है। 2018 में संजय भाटी ने साइनिग अथार्टी दे दी थी। 2019 में जब बहुत सारा पैसा जमा हो गया तो सभी फरार हो गए।

