जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली : घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को शुरुआती कारोबार में हल्की तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सीमित बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। मजबूत घरेलू मांग, कंपनियों के उम्मीद से बेहतर पहली तिमाही के नतीजों और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को सहारा मिला। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में करीब एक फीसदी की तेजी ने बाजार पर कुछ दबाव बनाए रखा।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 177.81 अंक यानी 0.22 फीसदी की बढ़त के साथ 78,676 अंक के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी करीब 50 अंक यानी 0.20 फीसदी चढ़कर 24,620 अंक के स्तर तक पहुंचा।
फार्मा और आईटी शेयरों में खरीदारी
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी फार्मा सोमवार को प्रमुख सूचकांकों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वालों में रहा और इसमें 0.72 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर और निफ्टी500 हेल्थकेयर में भी 0.63 फीसदी की बढ़त रही।
आईटी शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी देखने को मिली। निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम 0.58 फीसदी और निफ्टी आईटी 0.53 फीसदी चढ़ा।
इसके अलावा निजी बैंक, ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी कंपनियों के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते रहे।
हालांकि, कुछ सेक्टरों में दबाव देखने को मिला। निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.27 फीसदी गिरकर सबसे कमजोर सेक्टर रहा। इसके बाद पीएसयू बैंक इंडेक्स में 0.21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
बेहतर तिमाही नतीजों से निवेशकों का भरोसा मजबूत
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल शेयर बाजार का रुख हल्का सकारात्मक बना हुआ है। कंपनियों के पहली तिमाही के उम्मीद से बेहतर नतीजे और देश में मजबूत घरेलू मांग बाजार के लिए प्रमुख सहारा बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि कमाई का मौजूदा सीजन अब लगभग समाप्ति की ओर है और अधिकांश कंपनियों ने उम्मीद से बेहतर आय वृद्धि दर्ज की है। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
मजबूत घरेलू मांग बनी रहने की स्थिति में चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे में बढ़ोतरी जारी रहने की उम्मीद है।
इन सेक्टरों पर रहेगी निवेशकों की नजर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मेटल और डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियां मौजूदा चुनौतियों के बावजूद अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
हालांकि, कमजोर मानसून बाजार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। देश के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रही है। लेकिन जुलाई में बारिश की स्थिति में सुधार होने से इस कमी के संभावित असर को कुछ हद तक कम किया गया है।
कुल मिलाकर, मजबूत घरेलू मांग, बेहतर कॉरपोरेट नतीजों और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार का सेंटीमेंट फिलहाल सकारात्मक बना हुआ है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और मानसून की स्थिति पर बनी रहेगी।

