जनवाणी संवाददाता,
मेरठ: बाइक बोट घोटाले में तीन आरोपियों के खिलाफ जेल चुंगी निवासी एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपियों ने इससे पांच बाइकों के लिये 310500 रुपये वसूल लिये थे।
मेडिकल थाने में दर्ज कराई गये मुकदमे में जेल चुंगी निवासी रोहताश सिंह ने अंकित निवासी जागृति विहार, श्यामवीर सिंह पंवार निवासी गंगानगर, अभिजीत पंवार निवासी गंगा नगर और कुंवर पाल निवासी ग्रेटर नोयडा को नामजद किया है। इससे पहले ईओडब्लू और एसटीएफ ने नोएडा से गाजियाबाद निवासी सचिन भाटी और उसके भाई पवन भाटी को गिरफ्तार किया गया।
वहीं, गाजियाबाद से मेरठ की गंगा सागर कॉलोनी निवासी करण पाल को गिरफ्तार किया गया। एसपी राम सुरेश यादव के मुताबिक बाइक बोट घोटाले के बाद से यह तीनों ही आरोपी फरार चल रहे थे। इस मामले में सचिन भाटी और करण पाल पर 50-50 हजार का इनाम भी घोषित था। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
बताते चलें आरोपियों द्वारा एक फर्म बनाकर देश के कई हिस्सों में रहने वाले लोगों के पैसे बाइक बोट कंपनी में इन्वेस्ट कराए गए थे। जिसके बाद करोड़ों की रकम लेकर कंपनी के संचालक फरार हो गए थे। इस मामले की जांच एसटीएफ और ईओडब्ल्यू द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार करणपाल शातिर किस्म का बदमाश है और उसके खिलाफ नोएडा के दादरी थाने में धोखाधड़ी के 56 मुकदमे दर्ज हैं। वह 2016-2017 में संजय भाटी के संपर्क में आया था। जो गर्वित इनोवेटिड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी नोएडा का मालिक था। जो बाइक के नाम पर लोगों से 62100 रुपये जमा करवाता था। इसके लालच में पैसा लगाने वाले को हर माह 9800 रुपये देने का वायदा किया जाता था।
एक व्यक्ति के द्वारा तीन बाइक लगाने पर दोगुना बोनस देने का लालच दिया जाता था। एसपी ने बताया कि इन लोगों ने 4200 करोड़ का चूना लगाया है। 2018 में संजय भाटी ने साइनिग अथार्टी दे दी थी। 2019 में जब बहुत सारा पैसा जमा हो गया तो सभी फरार हो गए।

