- आरोप बसपा के एक बड़े नेता इनके हैं करीबी रिश्तेदार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सामाजिक कार्यकर्ता राहुल ठाकुर ने नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल सिंह पर आरोपों का बम फोड़ दिया है। उन्होंने बताया कि वह शीघ्र ही सीएम योगी से मिलकर उन्हें डा. हरपाल सिंह के खिलाफ शिकायतों की पूरी फेहरिस्त सौपेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने डा. हरपाल सिंह को स्वास्थ्य विभाग का अस्थायी पशु चिकित्सक बताते हुए खुलासा किया कि वह अर्हता पूरी किए बगैर ही स्वास्थ्य अधिकारी क्लास दो के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा के एक बड़े नेता इनके करीबी रिश्तेदार हैं।
नियमानुसार पूरे मानक व डिग्री धारक को ही जिस पद डा. हरपाल सिंह कार्यरत हैं। उस पर काम की अनुमति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि डा. हरपाल सिंह विभाग को एक निजी फैक्ट्री की तर्ज पर चल रहे हैं। वह ये भी भूल चुके हैं कि यह एक सरकारी विभाग है। राहुल ठाकुर ने डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली कंपनी को भी अनुचित लाभ पहुंचाए जाने तथा नगर निगम को घाटा पहुंचाने के भी गंभीर आरोप डा. हरपाल सिंह पर लगा। इसके अलावा मुर्दा मवेशियों के ठेके को लेकर भी राहुल ठाकुर ने कई गंभीर आरोप निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल सिंह पर लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तमाम आरोपों की जांच की मांग सीएम योगी से मिलकर करेंगे।
डा. गजेंद्र ने खोली निगम की अव्यवस्था की पोल
मेरठ: जन्म-मृत्यु अनुभाग में मची घमासान के बीच प्रभारी रहे डा. गजेन्द्र सिंह ने नगर निगम में अव्यवस्था की पोल खोल दी। उन्होंने नगरायुक्त को पत्र भेजकर पशु चिकित्साधिकारी डा. हरपाल से प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कार्य लेने पर भी सवाल खड़े किए। सीएमओ रैंक के इस अधिकारी ने पत्र भेजकर नगर निगम में खलबली मचा दी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. गजेन्द्र सिंह नगर निगम में जन्म-मृत्यु पंजीयन अनुभाग में प्रभारी रहे। अनुभाग पिछले एक माह से चर्चा का विषय बना है। यहां दलालों का बोलबाला है, लोग कई कई माह तक जन्म-मृत्यु के प्रमाण पत्र बनवाने या उनमें संशोधन कराने के लिए भटकते रहते हैं।
इस अनुभाग में लगभग रोजाना हंगामा होता रहता है। कभी पार्षद हंगामा करते हैं तो कभी आवेदक हंगामा करते हैं। इस बीच डा.गजेन्द्र ने गुरुवार को नगरायुक्त को पत्र भेजकर अपने आपको उक्त अनुभाग में असहज होने की बात कही। उन्होंने पत्र में कहा कि शासनादेश के अनुसार नगर निगम में उनसे काम नहीं लिया जा रहा, उनके पद के हिसाब से उन्हें काम नहीं दिया गया। शासनादेश के अनुसार रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र का काम नगर स्वास्थ्य अधिकारी से वापस ले लिया गया था, लेकिन उन पर बेवजह जिम्मेदारी डाल दी गई। इस अनुभाग में कर्मचारी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनाते, जिस कारण लोग उनका घेराव करते हैं। शायद ही कोई दिन ऐसा जाता है, जिस दिन पार्षद या अन्य लोग हंगामा नहीं करते हों। इससे वह बेहद दुखी हैं और परेशान हैं।
उन्हें लगता है कि उन्हें उनके मूल पद पर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में वापस भेज दिया जाए, जिससे वह मरीजों की सेवा कर सकेेंगे। डा. गजेन्द्र ने प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल सिंह से काम लेने पर सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा कि डा. हरपाल सिंह पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी हैं। उन्हें नगर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा दे रखा है, यह गलत है। सफाई व्यवस्था नगर स्वास्थ्य अधिकारी के अधीन आती है। सभी नगर निगमों में सफाई व्यवस्था नगर स्वास्थ्य अधिकारी संभालते हैं, लेकिन नगर निगम अनोखा एक मात्र नगर निगम है, जहां इस पद पर पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी को बैठा रखा है।

