Wednesday, April 22, 2026
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रक्षाबंधन पर चांदी की राखी से सजेगी भाइयों की कलाई

  • वाटरप्रूफ और आकर्षक लिफाफे में पहुंचेगी राखी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: भारतीय संस्कृति की पहचान उसकी विविधताओं और त्योहारों में हैं। हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को रक्षाबंधन के रूप में मनाते हैं। सनातन धर्म में रक्षाबंधन हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार सबसे पहले सतयुग में मां लक्ष्मी ने राजा बली को रक्षा सूत्र बांधकर इस पर्व का शुभारंभ किया था। महाभारतकाल में युद्ध के दौरान भगवान कृष्ण का हाथ घायल हो गया था। उस समय द्रौपदी ने साड़ी चीरकर उनकी अंगुली में बांधी थी। जिसके बाद श्रीकृष्ण ने उनको सदैव रक्षा करने का वचन दिया था।

रेशमी धागे से शुरू हुआ यह अटूट विश्वास व भाई-बहन के अटूट प्रेम का संबंध आज आधुनिक दौर में नया स्वरूप ले चुका है। इस बार देशभर में 19 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाइयों पर एक से एक राखियां बांधकर कलाई सजाएंगी पिछले कुछ सालों से न सिर्फ रेशम के धागे बल्कि एक से एक डिजाइनर राखी बाजार में उपलब्ध है। यहां तक कि बहने भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए सोने व चांदी की राखियां भी पसंद कर रही है।

सराफा बाजार स्थित जेम्स एंड ज्वेलर्स के मालिक मुकुल जैन बताते हैं कि इस बार बाजारों में चांदी कि राखी सहित क्रिस्टल राखी व कोलकाता की राखी भी खूब बिक रही है। उन्होंने बताया कि सराफा बाजार की चांदी की देश में ही नही बल्कि सिंगापुर, यूके, यूएसए तक भेजी जा रही है। चांदी की राखियां राजकोट से तैयार होकर आती है। जिसे खासतौर पर मीणा, चांदी, जरकन व स्टोन से बनाया जाता हैं। चांदी की राखियो में भगवान गणेश, राम, भाई, मां, ब्रो, श्रीराधा-कृष्ण के डिजाइन कि राखिया ट्रेंड कर रही हैं।

चांदी के साथ क्रिस्टल स्टोन कि मांग

व्यापारी अभिनव जैन बताते हैं कि उनके यहां सेमी प्रेशियस स्टोन राखी यानी कि क्रिस्टल राखी सबसे ज्यादा प्रचलित है। इस राखी को क्रिस्टल यानी अलग अलग पत्थरों से तैयार किया जाता हैं। इसके साथ ही लोग कोलकाता स्पेशल राखी भी खूब पसंद कर रहे हैं। इस राखी में विशेष ये है कि लूम्बा यानि कि भाभी राखी के जोड़े में आती हैं। इस राखी में कई तरीके के रंग जैसे पर्पल, पिंक, आॅरेंज, पीला, नीला, लाल आदि उपलब्ध है और इसकी कीमत मात्र 200 है।

रक्षाबंधन पर डाक विभाग की खास तैयारी

जहां एक तरफ बाजार राखियों से सजकर तैयार हैं। वहीं, दूसरी ओर पोस्ट आॅफिस भी बहनो के लिये इस बार विशेष पैकिंग में राखी पहुंचाने के लिए तैयार है। रक्षा बंधन स्नेह प्यार का प्रतीक है इस दिन बहनें भाइयों की कलाई पर राखियां बांधती है। मगर किसी कारणवश जो भाई बहन एक-दूसरे से दूर रहते हैं वह हर वर्ष सप्ताहभर या 15 दिन पहले से ही अपने भाइयों को डाक द्वारा राखी भेज देती हैं। जिससे राखी के दिन भाई कि कलाई सूनी ना रहे। इस बार भारतीय डाकघर ने बहनों के लिए वाटरप्रूफ डिजाइनर लिफाफे की व्यवस्था की है। इन लिफाफों की कीमत मात्र 10 रुपये है। इस लिफाफे को खासतौर पर रक्षाबंधन के लिए तैयार किया गया है।

हलके पीले रंग के इस लिफाफे पर राखी व तिलक की थाली की तस्वीर बनी हुई है। साथ में हैप्पी राखी भी लिखा गया हैं। लिफाफे की विशेषता यह है कि वाटरप्रूफ होने की वजह से इसमें राखी के भीगने और खराब होने का खतरा भी नहीं हैं। साथ ही पोस्टमैन को भी यह पता चल पाएगा कि यह राखी का लिफाफा हैं। जिससे समय रहते भाइयों तक राखी पहुंच पाएगी। लिफाफे में बहने अपने भाइयों के लिए राखी रोली चंदन रखकर पोस्ट कर सकती। धर्मेश बागनेजा सीनियर पोस्ट मास्टर मेरठ सिटी प्रधान डाकघर बताते हैं कि राखी का लिफाफा हर डाकघर के काउंटर पर उपलब्ध है। अब तक 564 राखी के लिफाफे बिक चुके हैं।

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