Wednesday, February 24, 2021
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यूपी सरकार का बजट: किसी ने सराहा, तो किसी ने नकारा

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जनवाणी संवाददाता |

मुजफ्फरनगर: योगी सरकार द्वारा अपने कार्यकाल का अंतिम बजट पेश किया गया है, यह पांच लाख 50 हजार 270 करोड़ 78 लाख रुपये का बजट है, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट है। इस बजट में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने हर वर्ग को साधने का प्रयास किया है।

किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त पानी, दुर्घटना बीमा योजना, ब्लॉक स्तर पर कृषि उत्पादन संगठन बनाने के लिए बजट रखा है, तो छात्रों के लिए 19 जनपदों में 40 छात्रावास, महिला श्रमिकों को बराबर की मजदूरी व 16 जिलों में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए बजट दिया गया है।

श्रमिकों को साधने के लिए 18 मंडलों में अटल आवासीय विद्यालय बनाये जायेंगे, जहां श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा दी जायेगी। इस बजट में धार्मिक भावनाओं का भी ध्यान रखा गया है, जिसके चलते अयोध्या को चमकाने के लिए 140 करोड़ का बजट दिया गया है।

इस बजट को लेकर लोगों में तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं हैं। ‘दैनिक जनवाणी’ की टीम ने बजट को लेकर लोगों से चर्चा की। आईये जानते हैं लोगों के बजट को लेकर क्या विचार हैं:


चौधरी छोटूराम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नरेश मलिक ने बजट का संतुलित बताया है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा सभी गतिविधियों को अच्छे तरीके से निभाया जा रहा है। कानून व्यवस्था सुदृढ है, मगर सरकार ने जो दुर्घटना मुआवजा राशि किसानों के लिए पांच लाख रुपये की है, यह तो पहले से ही है। सरकार को चाहिए कि बिजली व पानी दोनों किसानों के लिए माफ किये जाने चाहिए और गन्ना रेट बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की अन्य समस्याओं को भी निस्तारित किया जाये।

चौधरी छोटूराम इंटर कॉलेज की अध्यापिका शैलजा सिंह का कहना है कि योगी सरकार ने महिला श्रमिकों को पुरुष श्रमिकों के बराबर मानदेय की घोषणा करना सराहनीय है। साथ ही जनपदों में उनके बच्चों की शिक्षा के लिए अटल आवासीय विद्यालय खोले जाना भी अच्छा कदम है।


सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी एडवोकेट ने योगी सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को जनहितों के विपरीत बताते हुए जनता के लिए सिर्फ धोखा बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में किसानों,मजदूरो व अन्य वर्ग के हितों के लिए कुछ भी नही है। किसानों के बकाया भुगतान व खाद बिजली पर कोई सब्सिडी व लाभ पहुंचाने की कोई घोषणा नही है,किसानों के 5 लाख के बीमा व फ्री सिंचाई की योजना पहले से ही सपा सरकार द्वारा चलाई गई थी। बजट पूरी तरह किसान विरोधी है।

समाजसेवी सुमित मलिक का कहना है कि योगी सरकार का बजट छलावा है। किसानों के लिए जो दुर्घटना मुआवजा राशि व सिंचाई के लिए पानी मुफ्त किये जाने की घोषणा की गई है, वह पूर्ववर्ती सरकारों में पहले से ही लागू की जा चुकी है।


किसान जसवीर सिंह का कहना है कि किसानों के लिए मुफ्त पानी की घोषणा किया जाना ऊंट के मुंह में जीरा है। रजवाहों में तो पानी नहीं है और सरकार किसानों को मुफ्त में पानी देने की घोषणा किस आधार पर कर रही है, रही बात किसानों दुर्घटना मुआवजे की तो वह भी पिछली सरकार से ही लागू है। बजट में कुछ खास बात नहीं है।

किसान रामसिंह गौतम ने कहा कि सरकार यदि गन्ना भुगतान कराये और गन्ने का रेट बढ़ाये तो ज्यादा अच्छा है। किसानों के बच्चों को पालना भी दुभर हो रहा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने किसान की रीढ़ तोड़ दी है। रही बात प्रदेश सरकार द्वारा पेश किये गये बजट की, तो मात्र एक छलावा है।

किसान नरेन्द्र कुमार का बजट को लेकर कहना है कि योगी सरकार ने जो बजट पारित किया है, वह तो सिर्फ दिखावा है। गन्ना का भुगतान और गन्ने का रेट न बढ़ना किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या है।

एडवोकेट नीरज शर्मा ने योगी सरकार द्वारा पेश किये गये बजट को जनकल्याणकारी बताया। उन्होंने बताया कि सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने बजट की घोषणा की है। वहीं सरकार कानून व्यवस्था को लेकर भी अच्छा काम कर रही है। साथ ही पड़ौसी जिले मेरठ में खेल यूनिवर्सिटी बनाने की घोषणा स्वागत योग्य कदम है, इससे खेल प्रति•ााओं को निखरने का मौका मिलेगा।

डीएवी डिग्री कॉलेज के छात्र अमन जैन का कहना है कि मेरठ में खेल यूनिवर्सिटी बनाये जाने की घोषणा से युवाओं में जोश है, मगर सरकार को प्रत्येक जिले के स्पोर्ट्स स्टेडियम में परमानेंट कोच की भी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे खेल प्रतिभाओं का सही मार्गदर्शन हो सके।


रालोद के जिलाध्यक्ष अजित राठी का कहना है कि प्रदेश सरकार द्वारा पारित किया गया बजट किसानों को छलने वाला है। बजट जारी की गई घोषणाएं पिछली सरकारों से ही चली आ रही है। किसानों की मुख्य समस्या गन्ना भीगतान, गन्ने का रेट न बढ़ना और डीजल की बढ़ी कीमते हैं, जिससे किसान को लागत का मूल्य भी सही नहीं मिल रहा है और वह कर्ज के बोझ में दबकर आत्महत्या जैसे कदम उठा रहा है।

रालोद नेता सुधीर भारतीय का कहना है कि सरकार को चाहिए कि किसानों के लिए बिजली-पानी मुफ्त करे और गन्ना रेट बढ़ाने के साथ-साथ गन्ना मूल्य भुगतान भी समय से कराये। साथ ही किसानों की अन्य समस्याओं का निस्तारण भी किया जाये।

स्पोर्ट्स व्यापारी नीरज पंवार का कहना है कि खेल यूनिवर्सिटी मेरठ में बनाया जाना स्वागत योग्य कदम है। मगर स्थानीय स्तर पर भी खेल प्रतिभाएं निखारने के लिए स्पोर्ट्स स्टेडियम में उचित व्यवस्थाएं होनी चाहिए और स्थायी कोच का प्रबंध किया जाना चाहिए।

भाकियू (तोमर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. संजीव तोमर का कहना है कि केन्द्र सरकार के साथ-साथ यूपी सरकार ने भी किसानों को एक बार फिर ठगने का काम करते हुए बजट के रूप में झुनझुना थमाया है। उन्होंने किसानों के लिए कृषि बीमा योजना व मुफ्त पानी की घोषणा की सराहना तो की, लेकिन गन्ना के बकाया भुगतान व डीजल की बढ़ी कीमतों को वापस न लेने पर भी नाराजगी जताई।

रालोद प्रवक्ता अभिषेक चौधरी ने कहा कि यूपी विधानसभा में पेश बीजेपी सरकार का बजट भी केन्द्र सरकार के बजट की तरह ही निराश करने वाला है। केन्द्र सरकार की तरह यूपी के बजट में भी वायदे व हसीन सपने जनता को दिखाने का प्रयास किया गया है। यूपी की लगभग 23 करोड़ जनता के विकास की लालसा की तृप्ति के मामले में यूपी सरकार का रिकार्ड केन्द्र व यूपी में एक ही पार्टी की सरकार होने के बावजूद भी वायदे के अनुसार संतोषजनक नहीं रहा।

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