- कृषि विज्ञान केन्द्र पर फसल अवशेष को लेकर गोष्ठी का आयोजन
जनवाणी संवाददाता |
खेकड़ा: नगर के कृषि विज्ञान केन्द्र पर प्रमोशन आफ एग्रीकल्चर में केरेजाइशन फॉर इन सी टू मैनेजमेंट क्रॉप रेजिडयू योजना के अंतर्गत जनपद स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठि में किसानों से फसल अवशेष ना जलाने का आहवान किया गया।
कृषि विज्ञान केंद्र पर मंगलवार को फसल अवशेष को लेकर एक गोष्ठि का आयोजन किया गया। गोष्ठि का शुभारंभ सीडीओ अभिराम त्रिवेदी व कृषि उप निदेशक धुरेन्द्र कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि किसान फसल अवशेष को जलाए ना फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषित होती है। जिनसे अनेक बीमारिया उतपन्न होती है। भूमि संरक्षण अधिकारी संदीप पाल ने कहा किसान फसल अवशेष ना जलाकर उन्हें खाद के रूप में प्रयोग करें।
इसके लिए मलचर से खेतों की गहराई तक जुताई करें, जिससे कि फसल अवशेष गहराई तक पहुंच जाए। इससे वह खाद में परिवर्तित हो जाए। जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि धान की पराली व गन्ने की पत्ती को जलाने वाले किसानों पर मुकदमा दर्ज कर जुमार्ना वसूल किया जा सकता है।
इसलिए किसान ऐसी समस्याओं से बचने के लिए फसल अवशेष ना जलाए। बल्कि उन्हें खेतों में ही दबाकर खाद के रूप में उपयोग करें। कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी गजेंद्र पाल ने कहा कि फसल अवशेष जलाने से वायु की गुणवत्ता खराब हो जाती है, जिससे अन्य फसलों में भी कीट का खतरा बढ़ जाता है।
इसलिए किसानों को फसल अवशेष जलाने से दूरी बनानी चाहिए। इस अवसर पर एसडीएम अजय कुमार, एसडीएम कृष्ण कुमार, तहसीलदार यदुवंश कुमार, कृषि वैज्ञानिक संदीप कुमार, सरिता जोशी, शैलेन्द्र सिंह, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।

