- सीईओ कैंट की अवैध निर्माणों पर लापरवाही बरतने वालों पर टेढ़ी नजर
- कैंट बोर्ड में अवैध निर्माणों के पैरोकारों पर भी सख्त कार्रवाई की कवायद
- तमाम ठेकेदारों से हमदर्दी रखने वाले बोर्ड के सदस्यों की भी उलटी गिनती शुरू
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अवैध निर्माणों के खिलाफ जनवाणी की मुहिम का असर होता दिखाई दे रहा है। पूरे कैंट क्षेत्र में जितने भी अवैध निर्माण व कब्जे हुए हैं। सीईओ कैंट ने उन पर रिपोर्ट तलब कर ली है। इस कार्रवाई से अवैध निर्माण करने वालों, उसकी अनदेखी व पैरोकारी करने वालों में खलबली मची हुई है।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सीईओ कैंट अवैध निर्माणों को लेकर बड़ी कार्रवाई कराने के मूड में हैं। इसकी आहट सुनाई देने लगी है। जो भी अवैध निर्माण हुए हैं सीईओ के निर्देश पर उनकी मेजरमेंट शुरू हो गई। अवैध निर्माणों की यदि बात की जाए तो यूं तो पूरा कैंट क्षेत्र ही इसके लिए बदनाम रहा है, लेकिन इन दिनों सीईओ के रडार पर जो इलाके बताए जा रहे हैं उनमें सदर का एक बड़ा इलाका शामिल है।
जिसके चलते आने वाले दिनों में कैंट क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई की आशंका से अवैध निर्माण करने वाले व उनको संरक्षण देने वालों की नींद उड़ी हुई है। ये भी सुनने में आया है कि अवैध निर्माणों के लिए जो भी जिम्मेदार हैं और जो अब तक पैरवी करते हैं उन पर भी टेढ़ी नजर तय मानी जा रही है। ऐसे मामलों में लिप्त रहे कुछ की तो कैंट बोर्ड में आवाजाही पहले से बहुत कम हो गयी है।
यदि अवैध निर्माणों के खिलाफ जैसी की आहट सुनाई दे रही है सीईओ कार्रवाई के लिए ग्रीन सिग्नल देते हैं तो उनके बुरे दिनों की शुरूआत मानी जा रही है। ऐसे तमाम लोगों की कारगुजारियों की कुंडली भी बाची जा रही है। इनको ठिकाने लगाने की तैयारी है। अवैध निर्माणों के अलावा कैंट बोर्ड में जिनकी पहचान ठेकेदारों के हमदर्दों व खास पैराकारों के तौर पर की जाती रही है, इन दिनों कैंट बोर्ड में उनके भी बुरे दिनों की शुरूआत मानी जा रही है।
पिछले एक साल की यदि बात की जाए तो कैंट बोर्ड में तमाम ठेकेदारों के हमदर्दों की पौबारह थी। जो ठेकेदार चाहते थे वो होता रहा है ऐसी परंपरा कैंट बोर्ड में बन गयी थी, लेकिन लगता है कि अब ऐसे तत्वों के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। सीईओ जो सही है वो सही है जो गलत है उसकी खैर नहीं की तर्ज पर काम कर रहे हैं। उनके काम करने के इस नए अंदाज से दिक्कत केवल उन्हें को हो रही बतायी जाती है, जिनकी कारगुजारियों के चलते कैंट बोर्ड को लंबे अरसे से चूना लग रहा है।
सिर्फ खरीदारी का जिम्मा
माल रोड स्थित सीईओ कैंट के सरकारी बंगले की रंगाई पुताई का काम इन दिनों चल रहा बताया जाता है। नवागत सीईओ के आने के बाद बंगले की सजावट का काम शुरू किया गया है। पता चला है कि इस काम की जिम्मेदारी स्टाफ के जिन लोगों पर होती है, इस बार उन्हें साइड लाइन कर दिया गया है।
इनसे केवल सामान की खरीदारी भर करायी जा रही है। हालांकि जनवाणी इस बात की पुष्टि नहीं करता। इसमें कितनी सच्चाई है, यह तो अधिकृत प्रवक्ता ही बता सकते हैं, लेकिन सुनने में आया है कि पुराने व भरोसे वाले किसी शख्स को ये जिम्मेदारी सौंपी गयी है।

