- रणबांकुरों के पराक्रम को सैल्यूट, पूर्व सैनिक सम्मान के साथ विजय ज्योति रवाना
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: युद्ध में शत्रु के पराक्रम को नष्ट करने वाले अपने पराक्रमी रणबांकुरों के पराक्रम को सैल्यूट कर सेना ने पाकिस्तान पर फतह का जश्न मनाया। छावनी स्थित भगत लाइन में इस मौके पर सेना की ओर से अपनी शहीदों की याद और साल 1971 में दर्ज की गयी शानदार जीत के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
मुख्य अतिथि सांसद राजेन्द्र अग्रवाल व एडीजी राजीव सबरवाल व 22 इंफ्रेंटी डिविजन के मेजर जनरल संजय कुमार विद्यार्थी सेना मेडल रहे। कार्यक्रम में मेरठ छावनी के तमाम उच्च पदस्थ अधिकारी मौजूद रहे। इस स्वर्णिम विजय दिवस के मौके पर सेना के तमाम अफसर अपनी आन-बान-शान से रूबरू कराते नजर आए।

मेजर भवानी सिंह भाटी और मेज कृतिका पाटिल ने कार्यक्रम का संचालन किया। उन्होंने मेजर जनरल संजय कुमार विद्यार्थी सेना मेडल, जनरल आफिसर कमांडिंग 22 इंफ्रैट्री डिविजन व सांसद राजेन्द्र अग्रवाल का स्वागत किया। उन्होंने हमारे गौरव शाली राष्ट्र की उस विजय के 50 वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में राष्ट्र उस स्वर्णिम विजय वर्ष के रूप में मना रहा है।

जिसके तहत दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चार गौरवशाली मशालों को प्रज्वलित किया गया है। ये चारों देश के अलग-अलग कौनों में जाएंगी। हमारे वीरों की गाथाओं को हमारे देश के जन-जन तक पहुंचाएंगी। उन्हीं चार गौरवशाली मशालों में से एक दिल्ली, गाजियाबाद व मोदीनगर होते हुए मेरठ कैंट आयी है और फिर यह उत्तर भारत के विभिन्न शहरों, गांवों व कस्बों से होते हुए विश्व की सबसे ऊंचाई पर स्थित रणभूमि सिचाचिन तक जाएगी।

इसके बाद वहां स्थापित की गयी सैन्य अफसरोंने मशाल को सैल्यूट किया। इस मौके पर सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने भारतीय सेना के पराक्रम की प्रशंसा की। संक्षिप्त संबोधन के बाद वीर नारियों को सम्मानित किया गया। इनमें कुंती देवी पत्नी सिपाही राम सिंह मरोणपरांत छह राजूत रेजिमेन्ट, सतपालो देवी पत्नी सिपाही रामलाल मरणोपरांत जाट रेजीमेन्ट, रामप्यारी पत्नी सीमैन ओम प्रकाश मरणोपरांत भारतीय नौ सेना, राजकुमारी पत्नी सिपाही महेन्द्रपाल मरणोपरांत आर्टलरी रेजीमेन्ट, राजकुमार पत्नी सिपाही भोपाल सिंह मरणोपरांत जाट रेजीमेन्ट शामिल रहीं। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तत किए गए।
शेरों की धरती पंजाब का भांगड़ा प्रस्तुत किया। 17 पंजाब रेजीमेन्ट के हवलदार मेजर सिंह और उनके साथियों की प्रस्तुति को सभी ने सराहा। महाराष्ट्र का लोकनृत्य भी प्रस्तुत किया गया। सैन्य बैंड सेना की शान होती है। यह युद्ध के दौरान देश के बहादुर सैनिकों का मनोबल ऊंचा रखता है उसकी प्रस्तुति की गयी।
बैंड का नेतृत्व नायब सूबेदार गुरमीत सिंह ने किया। 1971 के युद्ध में ब्रिगेडियर राजकुमार सिंह महावीर चक्र 14 पंजाब रेजीमेन्ट को आपरेशन कैक्टस लिली में अदम्य साहस व उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए सर्वथा युद्ध कौशल चक्र से सम्मानित किया गया। इस मौके पर उनकी सुपुत्री पूनम सिंह ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।
कर्नल जीतेन्द्र कुमार वीर चक्र आर्टिलरी रेजिमेन्ट को 1971 के भारत पाक युद्ध के दौरान आॅपरेशन कैक्टस लिली बहादुरी और उत्कृष्ट नेतृत्व युद्ध कौशल के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया। अंत में जीओसी ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

