जनवाणी ब्यूरो |
UP News: उत्तर प्रदेश के नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर सरकार से पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
चंद्रशेखर आजाद ने वीडियो में दावा किया कि एक फार्म हाउस में उनकी हत्या की साजिश रची गई है। उन्होंने कहा कि वह यह बात पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहे हैं और उनके पास इस संबंध में जो सूचनाएं और स्रोत हैं, वे गलत नहीं हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि कथित हत्या की साजिश के साथ-साथ बाराबंकी में हुई घटना में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जाए। सांसद ने कहा कि जांच के जरिए पूरे मामले की सच्चाई सामने आनी चाहिए।
एक फार्म हाउस में मेरी हत्या करने का षड्यंत्र रचा गया है। मैं यह बात बहुत जिम्मेदारी से कह रहा हूं। मेरे पास जो सूचनाएं और स्रोत हैं, वे गलत नहीं हैं। मैं सरकार से मांग करता हूं कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए और हत्या की साजिश से लेकर बाराबंकी हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका सामने लाई जाए।
मैं अपने विरोधियों से भी कहना चाहता हूं—मौत तो एक दिन आनी है, मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता। अगर मेरी मौत आपके हाथों लिखी होगी तो वह भी हो जाएगी, लेकिन अगर आप अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हुए और मेरे लोगों ने मुझे ताकत, हिम्मत और मेरा साथ दे दिया, तो याद रखिए, आप जैसे गुंडों को उत्तर प्रदेश से पलायन करना पड़ेगा।
आज सवाल सिर्फ मेरी सुरक्षा का नहीं है। जब सुरक्षा प्राप्त एक चुने हुए जनप्रतिनिधि और सांसद के साथ दिनदहाड़े पत्थरबाजी की जाए, पेट्रोल-डीजल जैसी ज्वलनशील चीजों से भरी बोतलों के जरिए गाड़ी में आग लगाने का प्रयास किया जाए और आरोपी इतने बेखौफ हों, तो सोचिए इस प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति क्या होगी?
मैं अपने साथियों से भी कहना चाहता हूं—डरने की जरूरत नहीं है। संघर्ष जारी रहेगा। मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता।
जय भीम!
— Aazad Samaj Party – Kanshi Ram (@AzadSamajParty) September 15, 2026
‘मौत से डरकर जिया नहीं जा सकता’
अपने विरोधियों को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि मौत एक दिन सभी को आनी है और वह मौत से डरकर नहीं जी सकते। उन्होंने कहा कि यदि उनकी मौत किसी के हाथों लिखी होगी तो वह हो जाएगी, लेकिन उनके समर्थकों ने साथ दिया तो विरोधियों को उत्तर प्रदेश से पलायन करना पड़ेगा।
सांसद ने अपने बयान में अपनी सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सवाल केवल उनकी सुरक्षा का नहीं है, बल्कि प्रदेश में आम लोगों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था का भी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक सुरक्षा प्राप्त निर्वाचित जनप्रतिनिधि और सांसद के साथ दिनदहाड़े पत्थरबाजी की गई तथा पेट्रोल-डीजल जैसी ज्वलनशील चीजों से भरी बोतलों के जरिए उनके वाहन में आग लगाने का प्रयास किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसी घटनाओं में आरोपी बेखौफ नजर आते हैं तो प्रदेश में दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों की सुरक्षा और न्याय की स्थिति क्या होगी।
गोंडा जाते समय बाराबंकी में रोका गया था काफिला
दरअसल, चंद्रशेखर आजाद हाल ही में गोंडा में व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या के बाद उनके परिजनों से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान बाराबंकी में टोल प्लाजा के पास उनके काफिले को रोके जाने की बात सामने आई थी।
इस दौरान सांसद के समर्थकों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई थी। घटना के बाद चंद्रशेखर आजाद ने वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन पर कई आरोप लगाए थे और गोंडा जाने से रोके जाने पर सवाल उठाए थे।
अब उन्होंने इसी घटनाक्रम के बीच अपनी हत्या की कथित साजिश का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

