Wednesday, February 24, 2021
Advertisment Booking
Home Uttar Pradesh News Muzaffarnagar 26 को सोरम की ऐतिहासिक चौपाल पर होगी ‘महापंचायत’

26 को सोरम की ऐतिहासिक चौपाल पर होगी ‘महापंचायत’

- Advertisement -
0
  • केन्द्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान समेत 20-25 समर्थकों के खिलाफ तहरीर
  • पुलिस ने घायलों का कराया चिकित्सीय परीक्षण, मामले की कर रही जांच

जनवाणी संवाददाता |

मुजफ्फरनगर: सोमवार को सौरम में केन्द्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान के समर्थकों व किसानों के बीच हुई मारपीट के प्रकरण अब आंदोलन का रूप लेने लगा है। इस मामले में पंचायतों का दौर शुरू हो गया है। इस घटना के विरोध में थाने का घेराव कर रहे किसानों ने थाने का घेराव किया।

डा. संजीव बालियान समेत 20-25 समर्थकों के खिलाफ जान से मारने की नियत से हमला करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी। थाने में ही ऐलान किया गया कि अब इस मामले में 26 फरवरी को सोरम की ऐतिहासिक चौपाल में महापंचायत की जायेगी, जिसमें अहम निर्णय लिये जायेंगे।

गौरतलब है कि सोमवार को केंद्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम शौरम में राजवीर सिंह की तेहरवी में शामिल होने गए थे, जहां शामिल होने के बाद वह पूर्व प्रधान सुधीर चौधरी के घर पर उसके पिताजी का हाल जानने के लिए पहुंचे थे।

बताया जाता है कि वहां से निकलते समय सामने कुछ ग्रामीण इकट्ठे थे, जिन्होंने संजीव बालियान को देखते ही किसान एकता जिंदाबाद और भाजपा मुदार्बाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। नारेबाजी से क्षुब्ध होकर मंत्री के साथ चल रहे ग्रामीणों और भाजपा समर्थकों की किसानों से कहासुनी शुरू हो गई, जो संघर्ष में बदल गई। दोनों पक्षों में जमकर हाथापाई व मारपीट भी हुई, जिसके बाद डॉक्टर संजीव बालियान तो वहां से निकल गए।

सोरम गांव में जाते केन्द्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और पुलिस ने करीब दस ग्रामीणों को हिरासत में ले लिया। ग्रामीणों को हिरासत में लिये जाने से ग्रामीणों में रोष फैल गया और आनन-फानन में शोरम की ऐतिहासिक चौपाल में एक पंचायत बुलाई गई, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया। पंचायत में जहां भाजपा की जमकर निंदा की गई। पंचायत में रालोद के पूर्व विधायक राजपाल बालियान, योगराज सिंह आदि भी पहुँच गए।

संचालन कर रहे सतबीर सेकेट्री ने भाकियू कार्यकर्ताओ की रिहाई व मारपीट करने वाले भाजपा के कार्यकतार्ओं के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई को लेकर थाने पँहुचने का आह्वान किया। इस निर्णय के बाद हजारों ग्रामीण शाहपुर थाने पर पहुंच गए और थाने का घेराव कर लिया। घटना की सूचना के बाद पूर्व सांसद हरेन्द्र मलिक भी अपने साथियों के साथ शाहपुर थाने पहुंच गये।

इस दौरान यह निर्णय लिया गया कि इस घटना के विरोध में सौरम की ऐतिहासिक चौपाल में एक महापंचायत की जायेगी। इस घटना को लेकर सौरम निवासी योगेश पुत्र राजवीर सिंह ने केन्द्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान व उसके 20-25 समर्थकों के खिलाफ शाहपुर थाने में तहरीर दी है, जिसमें आरोप लगाया गया कि डा. संजीव बालियान ने अपने समर्थकों के साथ जानलेवा हमला किया है। पुलिस ने तहरीर पर कार्रवाई करते हुए घायलों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।

सपा ने की सौरम घटना की निंदा

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने कहा कि केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान की मौजूदगी में सौरम में किसानों द्वारा कृषि कानूनों व भाजपा की जनविरोधी नीतियों का विरोध करने पर मंत्री के गुर्गों द्वारा किसानो से मारपीट की समाजवादी पार्टी कड़ी निंदा करती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अब सत्ता व गुण्डागर्दी के बल पर कृषि कानूनों के विरोध को दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के केंद्रीय राज्यमंत्री को यह कतई शोभा नही देता कि उनकी मौजूदगी में कृषि कानूनों का विरोध करने वाले किसानों को उनके भाजपा कार्यकर्ता गुंडागर्दी दिखाते हुए मारपीट करे। प्रमोद त्यागी ने पूरे प्रकरण पर किसानों के समर्थन की बात करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ऐसी गुंडागर्दी की सख्त निंदा करते हुए दोषी भाजपा नेताओं व कार्यकतार्ओं के खिलाफ कार्यवाही की मांग करती है।

घटना को लेकर छिड़ा ट्वीटरवार

सौरम की घटना को लेकर ट्वीटरवार छिड़ गया है। घटना के तुरन्त बाद ही रालोद के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने पहला ट्वीट किया कि ‘‘सोरम गांव में बीजेपी नेताओं और किसानों के बीच संघर्ष, कई लोग घायल! किसान के पक्ष के पा में बात नहीं होती तो कम से कम, व्यवहार तो अच्छा रखो। किसान की इज्जत तो करो! इब कानूनों के फायदे बताने जा रहे सरकार के नुमाइंदों की गुंडागर्दी बर्दाश्त करेंगे गांववाले’’।

केन्द्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान ने दी सफाई 

केन्द्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान द्वारा भी ट्वीट कर अपनी स्थिति को साफ किया गया। केन्द्रीय राज्यमंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा कि ‘‘ आज जब सोरम में स्वर्गीय श्री राजबीर सिह जी की शोकसभा एवं रस्म पगड़ी में शामिल हुआ, इस दौरान लोकदल के 5-6 नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने बदतमीजी तथा गाली-गलौच की, जिस पर स्थानीय निवासियों ने उन्हें ऐसा करने को मना किया तथा वहां से भगा दिया।’’

What’s your Reaction?
+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments