Thursday, April 25, 2024
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चीफ सेक्रेटरी करेंगे गांधी आश्रम की जांच

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  • गांधी आश्रम की जमीन पर कब्जे का विरोध, 62 दिन से चल रहा धरना
  • पीएम आफिस ने मुख्य सचिव को सौंपी जांच

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: गांधी आश्रम की करोड़ों की जमीन कब्जाने के मामले की शिकायत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दरबार में पहुंची। प्रधानमंत्री कार्यालय से इस मामले को गंभीरता से लिया गया तथा एक पत्र मुख्य सचिव लखनऊ को लिखा गया तथा इसकी जांच करने के लिए कहा गया। दरअसल, गांधी आश्रम के कर्मचारी 62 दिन से धरना दे रहे हैं। इनका क्रमिक अनशन भी चल रहा हैं। आंदोलनकारियों की कोई अधिकारी सुध नहीं रहे हैं, जिसके चलते आंदोलनकारी अब कभी भी लखनऊ कूच कर सकते हैं।

गांधी आश्रम की ऐतिहासिक बिल्डिंग को कुछ लोगों ने क्षति पहुंचाने का काम किया था। प्राचीन बिल्डिंग का लिंटर व दीवार तोड़ दी गई थी। ये जमीन कब्जाने की दिशा में प्रयास चल रहे हैं। प्राइवेट व्यक्ति कैसे गांधी आश्रम की बिल्डिंग को तोड़ सकता हैं, इसको लेकर बवाल खड़ा हो गया था। प्रशासन के हस्ताक्षेप के बाद ही प्राचीन बिल्डिंग को बचाया जा सका था। इस पूरे घालमेल में गांधी आश्रम समिति के पदाधिकारी भी संलिप्त थे,

यहीं वजह है कि समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ भी लखनऊ स्थित हजरत गंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। ये तमाम ऐसे मामले थे, जिसके बाद गांधी आश्रम की करोड़ों की सम्पत्ति सुर्खियों में आ गई। गांधी आश्रम को जो सम्पत्ति कभी दान में मिली थी, वो सम्पत्ति कैसे बेची जा सकती हैं। इसको लेकर प्रकरण लखनऊ से लेकर दिल्ली तक पहुंचा। अब प्रधानमंत्री कार्यालय में इसकी शिकायत अजय राय ने की हैं। उनकी शिकायत का ही प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लेते हुए एक पत्र मुख्य सचिव उप्र शासन को लिखा गया हैं,

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जिसमें कहा गया है गांधी आश्रम की जमीन पर कब्जे व अन्य बिन्दुओं को लेकर जो शिकायत है, उसकी जांच पड़ताल की जाए। इसके बाद जो भी इसमें दोषी है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यालय के इस पत्र से हड़कंप मच गया हैं। अब गांधी आश्रम के आंदोलित कर्मचारियों को अब उम्मीद जगी है कि निश्चित रूप से अब उन्हें न्याय मिल सकता हैं।

ये है मामला

गढ़ रोड स्थित गांधी आश्रम की करोड़ों की जमीन हैं, जिसमें कभी खादी से संबंधित मशीने चलती थी। तिरंगा भी यहीं पर तैयार होता था। बड़ी तादाद में यहां कर्मचारी काम करते थे, लेकिन वर्तमान में ये खंडहर में तब्दील हो गया हैं। अब कुछ लोगों की इसकी करोड़ों की जमीन पर निगाहें पड़ गई हैं। लोग गांधी आश्रम की कीमती जमीन को बेचना चाहते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर भी हो चुकी हैं। फिर भी बाज नहीं आ रहे हैं।

चल रहा है धरना

आंदोलित कर्मचारियों का वर्तमान में भी गांधी आश्रम परिसर में धरना चल रहा हैं। क्रमिक अनशन पर भी कुछ कर्मचारी बैठे हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार के आॅफिस पर भी ये आंदोलनकारी प्रदर्शन कर चुके हैं। फिर से इस मामले को लेकर कमिश्नर और डीएम आॅफिस में प्रदर्शन करने की बात कर रहे हैं। न्याय मिलने तक इनका आंदोलन जारी रहेगा।

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