- निगम सड़क में गड्ढों को भरने के नाम पर खजाना करेगी खाली
- नई सड़क निर्माण पर मंडराए संकट के बादल
- 19 अगस्त को खुलेगा सड़कों के गड्ढों को भरने वाला टेंडर
- निगम ने टेंडर में 41 हजार से अधिक गड्ढों को दर्शाए
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम शहर की सड़कों में बने गड्ढों को भरने एवं नई सड़क निर्माण कार्यों को लेकर शहर की जनता के निशाने पर हैं। ट्रिपल इंजन सरकार में बरसात के बाद सड़कों की हालत बद से बदतर हो गई हैं। निगम द्वारा नई सड़कों का जब निर्माण होगा, तब होता रहेगा, लेकिन निगम द्वारा अब फिलहाल गड्ढों को भरने के लिए निगम का खजाना खाली करने की तैयारी कर चुकी है। करीब चार करोड़ रुपये की लागत से निगम शहर की सड़कों के गड्ढे भरने के लिए टेंडर छोड़ने जा रही है। निगम के सर्वे में शहर की सड़कों में करीब 41 हजार से अधिक गड्ढों को भरने के लिए टेंडर 19 अगस्त को खोला जायेगा।
शहर में ट्रिपल इंजन सरकार फिलहाल जनता की अपेक्षा पर विकास कार्यों में खरी उतरती नहीं दिखाई दे रही है। जिसमें मुख्य रूप से अब तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं होने को लेकर शहर की जनता ने महापौर एवं पार्षदों से कम से कम सड़कों के गड्ढों को ही भरवा देने नसीहत देनी शुरू कर दी। निगम के पास सड़कों के निर्माण के लिए पैसा होते हुए भी निर्माण शुरू नहीं कराए जाने का एक प्रमुख कारण व्हाइट टाइपिंग सड़क को लेकर जो ऊहापोह की स्थिति चल रही है। जिसको लेकर सड़कों का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है।

अब शहर की जनता के आक्रोश को देखते हुए सड़कों में बने गड्ढों को भरने का कार्य शुरू कराने की योजना तैयार की। जिसमें निगम ने शहर की सड़कों का सर्वे कराया। करीब 50 किमी सड़क में 41 हजार से अधिक गड्ढों का सर्वे कराया। जिसकी इंजीनियर से रिपोर्ट तैयार कराई और कम से कम इन सड़कों के गड्ढों को भरने के लिए चार करोड़ रुपये का बजट रखा गया। जिसका टेंडर निकाला गया। निगम के द्वारा जो सड़कों में बने गड्ढों को भरने के लिए टेंडर निकाला गया।
उसके हिसाब से चार करोड़ रुपये गड्ढों को भरने पर नगर निगम खर्च करेगा। यह टेंडर 19 अगस्त को खोला जायेगा। जिसके बाद शहर की सड़कों के गड्ढों को भरने का कार्य शुरू कराया जायेगा। महापौर एवं पार्षदों का भी मानना है कि नई सड़कों के निर्माण का कार्य जब शुरू होगा तब होता रहेगा कम से कम शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का कार्य शुरू कर जनता में बढ़ते आक्रोश को कुछ कम जरूर किया जा सकता है।

