Saturday, June 15, 2024
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जनवाणी लाइव में खुली सिटी स्टेशन के भोजनालय की पोल

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  • भोजनालय पर भोजन कर संवाददाता ने अधिकारियों से वर्जन लिया तो आनन-फानन में बंद कर दिया गया भोजनालय

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सिटी स्टेशन के भोजनालय पर भोजन देखभाल कर करें। रेलवे की तरफ से भोजनालय पर किस तरह का भोजन यात्रियों को दिया जा रहा है, उसका तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शुक्रवार को भोजनालय के बाहर कुछ यात्री खड़े और अव्यस्थाओं की चर्चा कर रहे थे। जिसके बाद जनवाणी संवाददाता ने लाइव किया तो रेलवे के भोजनालय की पोल खुल गई। जिसके बाद आनन-फानन में भोजनालय को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया।

सिटी स्टेशन पर भोजनालय का शुक्रवार को जनवाणी संवाददाता ने लाइव किया। इस दौरान संवाददाता ने भोजनाल पर लगी रेट लिस्ट के आधार पर भोजन के बारे में जानकारी की तो भोजन के नाम पर खानापूर्ति की जा रही थी। इस दौरान भोजनालय के अंदर लगा पंखा भी बंद था। इस दौरान वहां पर भोजन एवं चाय के लिए आने वाले यात्री भोजनालय से बैरंग लोटते दिखाई दिए। इस दौरान संवाददाता ने भोजनालय पर मिले रोहित चौधरी से बात की ओर भोजनालय की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी की तो उसने बताया कि वह अब तक वंदे भारत ट्रेन में कार्य कर रहा था वह हाल ही में आया है।

उससे भोजन के बारे में पूछा तो उसने 70-80 रुपये की खाने की एक डाइट की पलेट बताई। वहीं वह खुद ही चाय एवं खाना तैयार कर रहा था,ओर वह खुद ही यात्रियों को सर्व कर रहा था। इस दौरान उसने कहा कि कुछ देर ठहरना पडेगा वह अकेला ही व्यवस्था संभाल रहा है। इस दौरान पास में ही एक यात्री भोजन कर रहा था,तो उसकी पलेट में कच्ची-पक्की सिकी रोटियां रखी हुई थी। इसी बीच संवाददाता ने भी यह चेक करने के लिए भोजन का आॅर्डर दिया ताकि पता चल सके की जो यात्री को कच्ची पक्की रोटी व सब्जी के नाम पर खानापूर्ति के आलू व सोयाबीन की सब्जी हैै। क्या उसके भोजन में कुछ अंतर तो नहीं।

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जैसे ही भोजन की पलेट टेबल पर आई तो पलेट में चार रोटिया वह भी पूरी तरह से अधकची थी। एवं सब्जी के नाम पर आलू व सोयाबीन का पानी दिखाई दे रहा था। जिस पलेट के सत्तर रुपये बताए गए। कच्ची रोटियों के बारे में रोहित चौधरी से कहा गया तो उसने बताया कि वह अकेला भोजनालय को कैसे संभाल रहा है। कंपनी की तरफ से उसको अन्य कारीगर नहीं दिए गए। जो पूर्व में कैंटीन चला रहा था,वह छोडकर चला गया। रोहित ने धीरे-धीरे अपना दर्द बयां करना शुरू किया। कि वह वंदे भारत ट्रेन में कुक का कार्य करता था,अब उसे सिटी स्टेशन पर भेज दिया गया है।

रोहित से उनकी कंपनी के जिम्मेदार अजय कुमार से मोबाइल पर बात की तो उसने भोजनालय पर फैली अव्यवस्था का जिम्मा पूर्व भोजनालय के इंचार्ज पर फोड दिया। साथ ही जब पूछा गया कि कच्ची रोटियां खाने से तो यात्री बीमार पड सकते हैं। जिस तरह का भोजन भोजनालय पर दिया जा रहा है,वह तो बेहद घटिया स्तर का है। साथ ही भोजनालय पर भोजन के रूप में मात्र एक सब्जी व रोटी के सिवाय कुछ नहीं है।

जिस पर कंपनी की तरफ से अजय ने बताया कि वह तत्काल भोजनालय को बंद करा रहा है। वह एक सप्ताह बाद उसका संचालन करेगा,जब स्टेशन के भोजनालय की व्यवस्था में सुधार होने के आसार दिखाई देंगे। इस पूरी अव्यवस्था के बारे में सिटी स्टेशन अधीक्षक आरपी सिंह से संपर्क किया गया तो वह कार्यालय में नहीं मिले। साथ ही मोबाइल पर कॉल भी रिसीव नहीं की। फिलहाल संवाददाता के लाईव के बाद भोजनालय को करीब एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया।

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