- शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगरायुक्त ने कर रखा है फोकस
- नगर निगम के अधिकारियों ने कवायद की शुरू
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जिस तरह से शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगरायुक्त मनीष बंसल ने फोकस कर रखा है, ठीक उसी तरह से शहर के नालों की सफाई के लिए बिग प्लान बनने जा रहा है। इसको लेकर नगर निगम के अधिकारियों ने कवायद शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि दो अधिकारियों को नाला सफाई कैसे हो, इसका प्लान तैयार करने में लगा दिया है।
ये अधिकारी धरातल पर नाला सफाई का प्लान तैयार कर नगरायुक्त के सामने रखेंगे, जिसके बाद उस पर भी फोकस किया जाएगा। क्योंकि बारिश के दौरान जलभराव की बड़ी समस्या हैं। इस समस्या से निपटने के लिए नालों की सफाई होना बेहद आवश्यक है। हालांकि नगर निगम ने शहर के बड़े नालों को कवड़ करने का भी प्लान तैयार किया था, मगर उस प्लान पर काम नहीं हुआ।
उस प्लान पर बड़ा बजट खर्च होने वाला था, जिस पर निगम के आला अफसर सहमत नहीं हुए थे। क्योंकि पहले नालों की सफाई कराना आवश्यक है, जिस पर फोकस करने की जरुरत है। क्योंकि जेसीबी मशीन से वहीं पर नालों की सफाई हो पाती है, जहां तक जेसीबी मशीन जाती है।
अब छोटे नालों की सफाई कैसे होगी? इसको लेकर प्लान तैयार की जा रही है। नगर निगम में 2200 सफाई कर्मी है, जिसमें स्थाई और अस्थाई दोनों शामिल है। अब इनको कूड़ा उठाने में लगाया जाए या फिर नालों की सफाई में। यह सब देखा जाएगा। नाला सफाई भी शहर के लिए बेहद आवश्यक है।
वैसे तो देखा जाए तो प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपये शहर के नालों की सफाई पर खर्च हो जाता हैं, मगर इसके बाद भी नालों की सफाई नहीं हो पाती है। यही वजह है कि बारिश के दिनों में पानी की निकास नहीं हो पाती है तथा पानी सड़कों पर भरा रहता है। बारिश के दौरान अधिकारियों को भी जलभराव देखकर शर्म नहीं आती है।
हाईकोर्ट में भी जलभराव की समस्या को लेकर याचिका दायर की गई थी, लेकिन इसके बाद भी नालों की सफाई को लेकर कोई सुधार नहीं हुआ। इसको लेकर निगम के अफसरों पर हमेशा अंगुली उठती रहती है। इसको लेकर ही नगरायुक्त मनीष बंसल ने नालों की सफाई के लिए बिग प्लान तैयार करने के विभागीय अफसरों को निर्देश दिये हैं, ताकि बारिश आने से पहले ही इस प्लान पर गंभीरता से विचार कर काम किया जा सके।

