- सीएम योगी ने सभी होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में नाम और पता डिस्प्ले कराने के दिए थे आदेश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों पर अफसर पलीता लगाते नजर आ रहे हैं। आदेश के चार दिन बाद भी होटल-ढाबों पर नाम व पता डिस्प्ले होना तो दूर, उसका थोड़ा भी असर नहीं दिख रहा है। होटल व ढाबा संचालकों का कहना है कि उन्हें अभी इन आदेशों की जानकारी भी नहीं हुई। खाद्य विभाग का भी कोई अधिकारी उनके होटल, ढाबों व रेस्टोरेंट पर निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचा है। जनवाणी टीम ने अलग-अलग जगहों पर जाकर होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट का भ्रमण किया, लेकिन एक पर भी नाम व पता डिस्प्ले नहीं किया गया था।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने चार दिन पहले खाद्य विभाग की बैठक में सख्त आदेश दिए थे कि खाने-पीने की वस्तुओं में मिलावट या अशुद्धि कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे करने वालों पर तुरंत ही कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके साथ उन्होंने कहा था कि होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट संचालक उनके प्रतिष्ठानों पर नाम का डिस्प्ले अनिवार्य रूप से कराए। संचालक सहित उनके समस्त कर्मचारियों का वेरिफिकेशन भी किया जाए। उन्होंने इस संबंध में संयुक्त टीमों के गठन कर एक्शन तुरंत लेने के लिए कहा था। मुख्यमंत्री को आदेश दिए हुए चार दिन का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक खाद्य एवं सुरक्षा सुरक्षा विभाग के अधिकारी सक्रिय नहीं हुए है।
वहीं, होटल व ढाबों पर सीसीटीवी कैमरे तक भी नहीं लगाए गए है। खानों की शुद्धता के लिए भी अभी तक किसी ढाबा, रेस्टोरेंट और होटल पर प्रमुखता से संचालक, प्रोपराइटर, प्रबंधक व कर्मचारियों के नाम व पते भी डिस्प्ले नहीं किए गए। खाना परोसते हुए किसी भी कर्मचारी को मास्क और ग्लब्स का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों के स्वास्थ्य से किस कदर खिलवाड़ किया जा रहा है। उधर, सीएम के आदेश के बाद भी जब अधिकारी इतनी लापरवाही बरतते हैं तो फिर आम जनता की शिकायत पर वह कितना संज्ञान लेते होंगे, इसका अंदाजा भी साफ लगाया जा सकता है।

