- मेरठ के 30 पीसीसी सदस्य 17 की सुबह लखनऊ पहुंच चुनाव में लेंगे भाग
- गोपनीय चुनाव होने के कारण खुलकर कोई भी बोलने को तैयार नहीं
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बरसों बाद कांग्रेस में अपना ‘मुखिया’ चुनने के लिए चुनाव की नौबत आई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को होने वाले चुनाव के लिए अध्यक्ष पद के दोनों उम्मीदवार देश भर से समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं। हालांकि यह तो 19 अक्टूबर को ही पता चलेगा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच किस का पलड़ा भारी है, लेकिन ‘आॅफ द रिकॉर्ड’ बात करने की शर्त पर अधिकतर कांगे्रसियों का यही आंकलन है कि मल्लिकार्जुन खड़गे का पलड़ा शशि थरूर के मुकाबले भारी है।
सब जानते हैं कि कांग्रेस में गांधी परिवार से ही ज्यादातर अध्यक्ष बनते आए हैं, लेकिन हाल ही के दिनों में कुछ वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के बगावती सुरोें ने पार्टी हाईकमान को बैकफुट पर ला खड़ा कर दिया है जिस कारण पार्टी में चुनावा की नौबत आ गई है। 17 अक्टूबर को पार्टी के नए अध्यक्ष के लिए चुनाव होगा। अध्यक्ष पद के लिए दोनों गुट लगातार देश भर के लगभग नौ हजार 82 पीसीसी सदस्यों से किसी न किसी माध्यम से सम्पर्क कर कर रहे हैं।
कई पीसीसी सदस्यों ने बताया कि उनके पास दोनों पक्षों के उम्मीदवारों की तरफ से दिल्ली से समर्थन के लिए कॉल आ रही हैं। बताते चलें कि कांग्रेस के केन्द्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री एक दिन पहले ही दिल्ली में साफ कर दिया था कि पार्टी अध्यक्ष का चुनाव पूरी तरह से गोपनीय होगा। जब हमने कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में मेरठ के 30 पीसीसी सदस्यों की सोच की मॉनिटिरिंग ‘दूसरे सोर्स’ (उक्त पीसीसी सदस्यों के समर्थक) के आधार पर की तो पता चला कि इनमें से अधिकतर पीसीसी सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे को शशि थरूर के मुकाबले ‘इक्कीस’ मानते हैं।
कई वरिष्ठ कांग्रेसी भी यही बताते हैं कि पूरे देश में मल्लिकार्जुन खड़गे मजबूती के साथ चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। महानगर अध्यक्ष जाहिद अंसारी के अनुसार सभी पीसीसी सदस्य 17 अक्टूबर की सुबह सवेरे लखनऊ पहुंच जाएंगे और पूरे जोश के साथ चुनाव में भाग लेंगे।

