Friday, May 8, 2026
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30 सालों से लता से जुड़ी यादों का संग्रह बनाया

  • फूलबाग कालोनी में गौरव शर्मा ने हजारों किताबें, चित्र व गीत एकत्र किये

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: करोड़ों दिलों में अस्सी सालों से राज करने वाली स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर भले ही आज दुनिया से चली गई हो, लेकिन उनके गीतों और उनकी प्रतिभा के कायल लोग मौजूद है और उनके दिलों में लता कई रूपों में मौजूद है। फूलबाग कालोनी में रहने वाले गौरव शर्मा भी उन लाखों लोगों में से एक हैं जिनके पास लता से जुड़ी असंख्य यादें मौजूद है। गौरव शर्मा ने लता मंगेशकर को अपना गुरु मां मान रखा है। इस कारण उनसे जुड़ी हर याद को संजोकर रखना उनके जीवन का अभिन्न अंग बन गया है।

फूलबाग कालोनी में स्थित मंजूविला में रहने वाले गौरव शर्मा किसी परिचय के मोहताज नहीं है। तीस सालों से उनके घर में रोज सुबह और शाम लता मंगेशकर के द्वारा गाये भजन की धुन गूंजती रहती है। गौरव के घर में हर कमरे की दीवार लता से जुड़ी यादों के चित्रों से भरी हुई है। कमरे में घुसते ही अहसास हो जाता है कि इन कमरों की दीवारें महान गायिका की यादों को समेटे हुए है।

दीवारों पर लता की दुर्लभ तस्वीरें, उन पर लिखी तमाम किताबें, कैलेंडर और न जाने कितनी चीजें रखी हुई है जिनका रिश्ता लता से जुड़ा हुआ था। गौरव ने बताया कि उनके पास लता मंगेशकर पर लिखे पांच हजार से अधिक लेखों के अलावा यादगार गीतों की दो हजार डीवीडी, वीसीआर कैसेटस, रिकार्डस, सारेगामा कारवां, चार हजार किताबें, लता के नाम का परफ्यूम, जन्म के समय के सिक्के, मूल हस्ताक्षर, फिल्मों के पोस्टर, डाक टिकट और विदेशी लेखकों के द्वारा लिखी गई किताबें भी मौजूद है।

गौरव ने बताया कि 2013 में मुंबई में लता दीदी से मुलाकात हुई और उनका आशीर्वाद मिला। उन्होनें एक कैलेंडर भी दिया। उन्होंने बताया कि उनके प्रभुकुंज निवास में उनको देखते ही रोने लगा। उनके स्नेह, प्यार और चेहरे पर ओज देखते बनता था। दीदी हमेशा संघर्ष में विश्वास करती थी। बचपन से लेकर अंतिम दिन तक वो संघर्ष ही करती रही। उन्होंने बताया कि लताजी के जाने के बाद भी संग्रह का काम चलता रहेगा। उनकी प्रेरणा और जीवन दर्शन गुरु के रूप में हमेशा पूज्नीय रहेगा।

तेरा जाना दिल के अरमानों का लुट जाना…

महान गायिका और स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन से मेरठ के सिनेमाहाल संचालक बेहद दु:खी है और उनका कहना है कि लता जैसी विलक्षण प्रतिभा की गायिका अब दोबारा देखने को नहीं मिलेगी। इनका कहना है कि लता मंगेशकर के गानों के कारण ही अनगिनत फिल्में हिट हुई है। सही मायनों में कहा जाए तो लता मंगेशकर फिल्मों को हिट कराने का माध्यम बन गई थी।

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मेरठ के सिनेमाघरों में जो आज मृतप्राय स्थिति में आ गए वो किसी जमाने में बुलंदियों पर थे। नंदन सिनेमा के निदेशक देवेश त्यागी का कहना है कि 1994 में हम आपके हैं कौन फिल्म आई थी। इस फिल्म के सारे फीमेल सांग्स लता मंगेशकर ने गाये थे। यह फिल्म साठ सप्ताह चली थी। लता मंगेशकर ने 20 साल की माधुरी दीक्षित के लिये दीदी तेरा देवर दीवाना गाया तो 60 साल की सास रीमा लागू के लिये समधी समधन गीत गाकर लोगों का दिल जीता। देवेश का कहना है कि हर फिल्म में लता के गाये गीत इतिहास बन गये है।

जिस वक्त लता ने माधुरी दीक्षित के लिये गाना गया था उस वक्त उनकी उम्र 64 वर्ष थी। वहीं कम उम्र की भाग्यश्री हो या फिर राम तेरी गंगा मैली के लिये मंदाकिनी जैसी कम उम्र की हीरोइनों के लिये गाए गए गीत मील का पत्थर बन गए। निशात सिनेमा के मालिक दीपक सेठ का कहना है कि लता मंगेशकर के गीतों ने हमेशा दिल और दिमाग को सुकून दिया है।

उनके सिनेमाघर में लता के सुपर हिट गानों वाली मधुमती, दिल वाले दुल्हनियां ले जाएंगे, परख, धूल का फूल, देवदास, अनाड़ी जैसी सैकड़ों फिल्में लगी। इनके गीतों के कारण लोग सिनेमाघर में खिंचे चले आते थे। उन्होंने बताया कि 70 के दशक में दिल्ली के एक सिनेमाघर में लता मंगेशकर का कार्यक्रम हुआ था।

तब उनसे मिलने का मौका मिला था। इसके अलावा मुंबई में देव आनंद और जीनत अमान की फिल्म प्रेम शास्त्र के गानों की रिकार्डिंग के समय मिलने का मौका मिला था। गजब की विलक्षण प्रतिभा की धनी स्वर कोकिला की आवाज के लोग इस कदर दीवाने थे कि कैसेटस और रिकार्डस बाजार में ढूंढते रहते थे।

सिने एक्जीवीटिर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने बताया कि लता मंगेशकर फिल्मों के हिट होने का माध्यम बन गई थी। उनके गाये गीत बच्चों से लेकर बूढ़े तक गुनगुनाते थे। कोई नहीं सोच सकता था कि महल फिल्म में आएगा आने वाला गाने वाली लोगों के दिलों में 92 साल की उम्र तक राज करेगी।

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