Sunday, May 26, 2024
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लग्जरी गाड़ियां चुराने वाले बदमाश गिरफ्तार

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  • ब्रह्मपुरी पुलिस, क्राइम ब्रांच ने की संयुक्त कार्रवाई
  • चोरी की चार गाड़ियां बरामद, चार बदमाश फरार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ब्रह्मपुरी पुलिस और क्राइम बं्राच की स्वाट टीम ने मिलकर ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है। जो पहले तो गाड़ियां खरीदने के लिए 10 प्रतिशत रुपया जमा करा देता था। इसके बाद उन गाड़ियों को फाइनेंस कर बाद में अपने साथियों से चोरी करवाकर अच्छे दामों में बेच देता था। वाहन चोरी के इस खुलासे में पुलिस ने दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चार गाड़ियां बरामद की हैं।

पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में सीओ क्राइम एएसपी विवेक यादव ने बताया कि ब्रह्मपुरी पुलिस और स्वाट टीम के संयुक्त प्रयास से वाहन चोरी के मामले में दो अभियुक्त दिलीप कुमार पुत्र रविन्द्र कुमार निवासी 22ए साकेत गोल मार्केट, सिविल लाइन, गौरव मल्ल उर्फ अनुज मल्ल पुत्र प्रेम चन्द्र निवासी कंठी पटटी थाना बघौचघाट जिला देवरिया को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर चार कार बरामद हुई हैं।

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जबकि इनके चार साथी सचिन यादव उर्फ दिव्यानंद यादव पुत्र सम्पूर्णानन्द यादव निवासी रामकोला जिला कुशीनगर, संदीप चौधरी निवासी-782 नर्मदा टावर महागुनपुरम, गाजियाबाद, ताहिर पुत्र नसरुददीन निवासी सोतीगंज सदर बाजार, शाहिद उर्फ सईद पुत्र शमशुद्दीन निवासी सोतीगंज सदर बाजार फरार बताये गए हैं। पुलिस ने चार गाड़ियां और दो आरसी बरामद की हैं।

फर्जी तरीके से गाड़ियां बेचकर कमाते थे लाखों

नई गाड़ियां सब कुछ असली, लेकिन माइंड शातिर रखने वाले इस गिरोह ने कमाई का अवैध तरीका निकाल लाखों रुपये की गाड़ियां बेच दी। शातिर बदमाश पहले तो फाइनेंस कंपनियों को 10 प्रतिशत रुपया जमा कराते थे उसके बाद गाड़ी खरीद लेते थे। इसमें खरीदार भी गैर राज्यों व अन्य जिलों के वो गरीब लोग होते थे। जो यहां आकर अपनी आईडी पू्रफ के तौर पर जमा कराकर गाड़ियां खरीदवाकर 30-40 हजार रुपये लेकर निकल जाते थे,

लेकिन ये गिरोह इन गाड़ियों के फर्जी कागजात तैयार कराकर इन्हें तीन से चार लाख कीमत में बेच देते थे। इसके बाद खेल यही से शुरू होता था। संदीप चौधरी गाड़ियों के फाइनेंस के कागजात आरसी तैयार कराकर इन्हें तीन से चार लाख कीमत में गैर राज्यों में बेच देते थे। जो गाड़ियां नहीं बिक पाती थी, उन्हें सोतीगंज के दो कबाड़ी ताहिर व शाहिद को देकर उन्हें कटवा देते थे। इस गिरोह ने कई गाड़ियां इसी तरह से बेचकर लाखों रुपये की अवैध कमाइ की है।

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