Friday, May 1, 2026
- Advertisement -

मृत पशुओं के मांस सप्लाई धंधे का भंडाफोड़

  • दो दबोचे, दर्जनों फरार, हापुड़ में चल रहा था अवैध कमेला
  • नंगली किठौर के लोगों ने घेराबंदी कर पकड़वाया
  • जहर देकर मारते थे पशु, गिरोह के लोगों में कार्य वितरण

जनवाणी संवाददाता |

किठौर: जहर से पशु हत्या कर मांस तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। किठौर के नंगली निवासी ग्रामीणों की सूचना पर हापुड़ पुलिस ने बुलंदशहर रोड पर ये अवैध कमेला पकड़ा। मामला किठौर से जुड़ा होने के कारण स्थानीय थाने में भी पांच लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

नंगली किठौर निवासी मुनकाद पुत्र शमशाद ने शुक्रवार को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि गांव में शाहजमाल मार्ग पर उसका घेर है। जहां उसके पशु बंधे रहते हैं। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 1:30 बजे उनके बच्चे घेर में खेलने पहुंचे तो दो व्यक्ति वहां लगे सरकारी हैंडपंप पर हाथ धो रहे थे। जो बच्चों को देख चंपत वे हो गए।

बताया कि करीब आधा घंटा बाद उनकी भैंस मर गई। मुनकाद ने मुर्दा मवेशी ठेकेदार भूषण निवासी भटीपुरा किठौर, सुमित निवासी कैली खरखौदा, करन, राहुल और शेखर निवासी हापुड़ पर निजी लाभ के लिए भैंस को जहर देकर मारने का आरोप लगाया।

बातों से गहराया शक

भैंस की मौत के बाद परिजन घेर में पहुंचे और चारागाह से पशुथान तक पड़ताल की, लेकिन मौत का कारण समझ न आया। तभी बच्चों ने घेर में दो अज्ञात व्यक्ति देखे जाने बताए। जिससे परिजनों को संदेह हुआ। लगभग 3 बजे मुर्दा मवेशी ठेकेदार को सूचना दी। बताया कि बार-बार फोन करने के बावजूद ठेकेदार हर-बार 10 मिनट में नंगली पहुंचने का आश्वासन देता रहा। शाम 6:30 बजे चालक सुमित गाड़ी लेकर भैंस उठाने पहुंचा तो ग्रामीणों ने भैंस उसकी गाड़ी में लदवा दी।

ऐसे खुला राज

मृत भैंस लेकर चालक जैसे गांव से निकला ग्रामीणों ने दो कारों से उसका पीछा करना शुरू कर दिया। चश्मदीदों ने बताया कि पहले सुमित ने मृत भैंस लदी गाड़ी को पल्ल ढककर भटीपुरा के जंगल में छोड़ दी। तब तक ग्रामीण गाड़ी के इर्द-गिर्द लगे रहे। करीब 40 मिनट बाद चालक पुन: पहुंचा और गाड़ी लेकर नंगलामल, मुंडाली के रास्ते खरखौदा फिर लालपुर होते हुए हापुड़ जा पहुंचा।

21 9

ग्रामीण भी उसके लगे रहे। बकौल मुनकाद चालक हापुड़-बुलंदशहर रोड पर गाड़ी ले दौड़ा। रामपुरा पहुंचने पर चालक ने गाड़ी खत्तों में उतार दी। जिसके बाद पीछा कर रहे ग्रामीणों ने पीआरवी को सूचना दी। पीआरवी थाना पुलिस के साथ पहुंची और खत्तों में चल रहे अवैध कमेले पर छापेमारी की।

मांस के साथ दो दबोचे

ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस के साथ वे अवैध कमेले में पहुंचे तो वहां आधा दर्जन बाइक, दो अवैध मांस लदी पिकअप लगभग डेढ़ दर्जन लोग कटान में लगे थे। जो पुलिस को देखकर फरार हो गए। हापुड़ पुलिस ने मांस लदी गाड़ियों में सो रहे सुमित और एक अन्य गाड़ी के चालक को दबोच लिया। पुलिस एक पिकअप व बाइक समेत दोनों को थाने ले गई। बकौल मुनकाद इंस्पेक्टर हापुड़ कोतवाली ने ग्रामीणों मुनकाद को आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का आश्वासन देकर वापस भेज दिया और उसी रात मुठभेड़ में गिरफ्तारी दिखाई।

शेखर चलाता है कमेला

मुनकाद ने हापुड़ पुलिस के हवाले से बताया कि हापुड़ निवासी शेखर नाम का व्यक्ति अवैध कमेला चलाता है। जिसमें सिर्फ मुर्दा मवेशी ही काटकर सप्लाई किए जा रहे हैं। मुनकाद ने बताया कि तस्करों ने उनकी भैंस को भी तुरंत काट डाला। बताया गया कि इस धंधे में लिप्त तस्करों का महाजाल फैला है। पुलिस इनकी कुंडली खंगाल रही है।

इंस्पेक्टर किठौर सुनील सिंह का कहना है कि नंगली में जहर देकर भैंस मारने के बाद हापुड़ में उसको काटकर मांस सप्लाई का मामला सामने आया है। नंगली के ग्रामीणों ने हापुड़ कोतवाली में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई है। किठौर थाने में भी निजी लाभ के लिए जहर देकर भैंस मार देने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले की जांच के साथ आरोपियों की तलाश की जा रही है।

गैंग सदस्यों में कार्य वितरण

सूत्रों की मानें तो हापुड़-बुलंदशहर रोड रामपुरा के खत्तों में मृत पशुओं का कमेला काफी समय से चल रहा है। इसमें दो दर्जन लोग शामिल हैं। जिनके भैंस मारने से लेकर मांस काटने, सप्लाई करने तक के कार्य विभाजित हैं। पुलिस को इससे जानबूझकर अनजान बनी हुई है। अब ग्रामीणों की घेराबंदी के बाद पुलिस फजीहत के भय से गैंग के विरुद्ध खानापूर्ति की कार्रवाई में लगी है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

किसानों के लिए वरदान हैं बैंगन की टॉप 5 किस्में

किसानों के लिए बैंगन की खेती में बेहतर उत्पादन...

धान उगाने की एरोबिक विधि

डॉ.शालिनी गुप्ता, डॉ.आर.एस.सेंगर एरोबिक धान उगाने की एक पद्धति है,...

बढ़ती मांग से चीकू की खेती बनी फायदेमंद

चीकू एक ऐसा फल है जो स्वाद के साथ-साथ...

झालमुड़ी कथा की व्यथा और जनता

झालमुड़ी और जनता का नाता पुराना है। एक तरफ...

तस्वीरों में दुनिया देखने वाले रघु रॉय

भारतीय फोटो पत्रकारिता के इतिहास में कुछ नाम ऐसे...
spot_imgspot_img