Wednesday, May 29, 2024
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चेक बाउंस कराकर गायब हो गये बकायेदार

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  • हाउस टैक्स के बकायेदारों ने दिया नगर निगम को झटका
  • 60 लाख बकाये पर इंस्टीट्यूट संचालकों ने दिये थे चेक

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर निगम को उसके ही बकायेदारों ने एक बार फिर जोर का झटका जोर से ही दिया है। हाउस टैक्स के इन बकायेदारों ने निगम को 60 लाख रुपये के चेक देकर उनको बाउंस करा दिया। अब नगर निगम ने इन बकायेदार इंस्टीट्यूट संचालकों को नोटिस जारी किये तो यह नोटिस इनके प्रतिष्ठानों से वापिस लौट आये। चेक बाउंस कराकर यह बकायेदार गायब हो गये हैं। अब नगर निगम के अधिकारी इन बकायेदारों के गारंटरों को ढूंढ रहे हैं।

नगर निगम में इन दिनों हाउस टैक्स को लेकर बहुत मारामारी मची हुई है। अपने हाउस टैक्स की धनराशि को बढ़ाने के लिए नगर निगम के अधिकारी ऐसे खाली प्लॉटों पर भी हाउस टैक्स लगा रहे हैं, जहां कुछ भी निर्माण नहीं हुआ है। वजह साफ है बकायेदार प्रदर्शित करके अपने रिकार्ड में दर्ज कर लिया जायेगा कि इतनी अधिक रकम बकाया है। नगर निगम ने मुख्यालय जोन के साथ-साथ शास्त्री नगर जोन व कंकरखेड़ा जोन कार्यालय भी खोल रखे हैं। जहां अधिक संख्या में बकायेदारों पर रकम बकाया चल रही है।

इन बकायेदारों से वसूली करने के लिए नगर निगम के गैंग ने पिछले दिनों छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई में मेरठ के कई शिक्षण संस्थानों के संचालकों ने 60 लाख रुपये के चेक जमा कराये। गत माह 31 मार्च तक हाउस टैक्स के बिल जमा करने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने एडी चोटी का जोर लगाया। अब नगर निगम ने यह चेक अपने एकाउंट में लगाये तो सभी चेक बाउंस हो गये। नगर निगम के संपत्ति अधिकारी व मुख्य कर निर्धारण अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि बकायेदारों में 5 लाख रुपये का चेक ज्ञान भारती इंस्टीट्यूट का है। इसी तरह 3 लाख रुपये का चेक ऋषि इंस्टीट्यूट का था।

जबकि बाकी भी शिक्षण संस्थानों के चेक बाउंस हुए हैं। इन सभी बकायेदारों को दोबारा से नोटिस देकर एक सप्ताह की मोहलत दी गई है। इनसे कहा गया है कि यदि एक सप्ताह में बकाया हाउस टैक्स जमा नहीं किया तो उनके संस्थानों पर तालाबंदी की जायेगी। नगर निगम के अधिकारी सोच रहे थे कि अब नोटिस जारी हो गया है और उनको बकाया हाउस टैक्स की वसूली हो जायेगी। लेकिन निगम के अधिकारियों को तब झटका लगा,

जब नोटिस के यह तमाम लिफाफे नगर निगम में बैरंग वापिस लौट आये। इस तरह नगर निगम के अधिकारी फिर से खाली हाथ रह गये हैं। नगर निगम ने अपने हाउस टैक्स अनुभाग के बाबुओं को इन शिक्षण संस्थानों के संचालकों के पास भेजा, लेकिन यह संचालक अपने-अपने प्रतिष्ठानों पर नहीं मिले। अब नगर निगम के अधिकारी इन बकायेदारों से वसूली करने के लिए कुछ नई जुगत लगा रहे हैं।

बकायेदारों के खिलाफ कोर्ट जाने की दी चेतावनी

नगर निगम के संपत्ति अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि हमारे पास चेक बाउंस होने के बाद एक आॅप्शन यह भी है कि हम इन शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कोर्ट में भी याचिका दायर कर सकते हैं। एक सप्ताह की ओर मोहलत देते हुए इन सभी बकायेदारों के प्रतिष्ठानों पर नोटिस चस्पा कराया गया है। यदि एक सप्ताह में चेक की धनराशि जमा नहीं की जाती है तो इन सभी के खिलाफ कोर्ट में मामले दायर किये जायेंगे।

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