Wednesday, May 6, 2026
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दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल के बेटे की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

  • लाइसेंसी दोनाली बंदूक शव के नीचे पड़ी मिली परिजनों में मचा कोहराम

जनवाणी संवाददाता |

कंकरखेड़ा: रविवार सुबह दिल्ली पुलिस में तैनात कांस्टेबल के बेटे का गोली लगा शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर में तीसरी मंजिल पर एक कमरे के अंदर पड़ा मिला। परिजनों ने शव को देखने के बाद उनके होश उड़ गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच ली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया।

कंकरखेड़ा सरधना रोड स्थित डिफेंस एन्क्लेव निवासी विजय कुमार आर्मी से रिटायर्ड है। वहीं, वर्तमान में वह दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। विजय कुमार मूलरूप से मुजफ्फरनगर के निवासी हैं, लेकिन काफी समय से वह अपने परिवार के साथ कंकरखेड़ा के डिफेंस एन्क्लेव कालोनी में रह रहे हैं। कांस्टेबल के परिवार में मां केला देवी, पत्नी दीपा, एक बेटा सौरभ व सिद्धांत राठी था। छोटा बेटा 22 वर्षीय सिद्धांत सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। शनिवार रात सिद्धार्थ अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद था।

इसके बाद सिद्धांत अपने कमरे में सोने के लिए चला गया था। जब सुबह वह काफी देर के बाद अपने कमरे से बाहर नहीं आया परिजनों को चिंता हुई थी। परिजनों ने ऊपर जाकर आवाज लगाई, लेकिन कमरे के अंदर से कोई आवाज नहीं आई। उसके बाद युवक का बड़ा भाई पड़ोसियों के मकान से दीवार फांदकर अपने मकान की छत पर पहुंचा। उसने देखा कि भाई का शव खून में सना पड़ा है। उसके पिता की लाइसेंसी बंदूक उसके शव के नीचे पड़ी है उसने छत की ममटी के दरवाजे की कुंदी खोली और नीचे अपने परिवार वालों को आवाज देकर ऊपर बुलाया।

यह देखकर पूरे परिवार के लोगों के होश उड़ गये और पूरे परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव मोर्चरी भेज दिया। वहीं, परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। पुलिस ने दोनाली बंदूक को कब्जे में ले लिया। वहीं, इस संबंध में एसपी सिटी विक्रम सिंह का कहना है कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई थी। परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से मना कर दिया है।

लापता ग्रामीण का मिला कंकाल, फैली सनसनी

सरूरपुर: सरूरपुर निवासी ओमप्रकाश, सुरेश व यशपाल तीन भाई हैं। जिनमें से सबसे छोटे यशपाल की एक वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। जबकि सुरेश पुत्र जोगराज (58) की शादी नहीं हुई है और वह पिछले 10 दिन से लापता चल रहा था और उसकी गुमशुदगी थाने पर दर्ज थी। रविवार को पाथौली गांव के जंगल में रजवाहे में कंकाल मिलने के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने कंकाल के रूप में सुरेश की जेब से मिली चाबी और कपड़ों के आधार पर शिनाख्त की।

10 दिन से लापता ग्रामीण की हत्या को लेकर सनसनी फैल गई। शिनाख्त होने के बाद परिजनों ने पुलिस के सामने ही विदुर सुरेश की हत्या का आरोप लगाया। सुरेश का एक वर्ष पूर्व एक्सीडेंट हो गया था। जिससे वह पैदल चलने में असमर्थ था। आखिर वह चार किलोमीटर दूर पाथौली के जंगल में कैसे पहुंच गया? इस संबध में भाई ओमप्रकाश ने बताई कि उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं थी और उनका भाई विदुर होने के साथ सीधा-साधा व्यक्ति था।

सीओ सरधना ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मामले की रिपोर्ट दर्ज करके शीघ्र खुलासा किया जाएगा। इससे पूर्व सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी हत्या के खुलासे के लिए मौके से सबूत जुटाए। हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए ग्रामीण थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कर हत्याकांड के शीघ्र खुलासे की मांग की।

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