Monday, April 27, 2026
- Advertisement -

दिल्ली पुलिस किसे और क्यों ले जा रही लालकिला ?

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: 26 जनवरी के दिन हुई हिंसा के आरोपी इकबाल सिंह और दीप सिद्धू को दिल्ली पुलिस की टीम लाल किला लेकर जा रही है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम दोनों से पूछताछ में जुटी है। पुलिस जानना चाहती है कि 26 जनवरी को हुई हिंसा के दौरान वह कैसे लाल किले तक पहुंचे और उन्होंने क्या-क्या किया। उन्होंने किन रास्तों का प्रयोग किया इस बात की भी जानकारी ली जा रही है।

इससे पहले आरोपी दीप सिद्धू ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए। दीप सिद्धू ने बताया कि लालकिला हिंसा के बाद संदीप सिंह उर्फ दीप सिद्धू ने सोनीपत में अपना मोबाइल बंद कर दिया था। इसके बाद इसने फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया था। इसने इन लोगों के नामों से फोन कई दिन चलाए थे।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को जांच में ये भी पता लगा है कि दीपू सिद्धू ने व्हाट्सएप व मैसेंजर पर दो ग्रुप बना रखे थे। इस ग्रुप में लक्खा सिधाना और जुगराज जैसे आरोपी जुड़े थे। जुगराज ने ही लाल किले की प्राचीर पर झंडा फहराया था।

अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये ग्रुप काफी पहले बनाए गए थे और इन ग्रुप में साजिश रचने की खूब बात होती थी। पुलिस दीप के मोबाइलों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है, ताकि ये पता लगाया जा सके कि व्हाट्सएप ग्रुप में क्या-क्या बात होती थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरूआती जांच के बाद ऐसे संकेत मिले हैं कि आरोपियों ने ग्रुप में ही लालकिला हिंसा व लाल किले की प्राचीर पर झंडा फहराने की साजिश रची थी। मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही इसका खुलासा हो पाएगा।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार दीप सिद्धू करनाल में एक होटल में रुका हुआ था। दरअसल दीप 26 व 27 जनवरी तक दो मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहा था। खास तौर पर 26 जनवरी की सीडीआर के जरिए दिल्ली पुलिस हिंसा में उसकी मौजूदगी को साबित करेगी।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

यज्ञ और वैदिक कर्मकांड से अधिक फल देता है मोहिनी एकादशी व्रत

पंडित पूरनचंद जोशी हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह में...

धर्म को आचरण और व्यवहार में उतारने की जरूरत

राजेंद्र बज यह एक स्थापित तथ्य है कि विशुद्ध रूप...

वोट में ही क्या धरा है?

ये लो कर लो बात। विधानसभा चुनाव का वर्तमान...

ट्रंप के लिए न निगलते न उगलते जैसे बने हालात

भारत के खिलाफ 23-24 अप्रैल की हालिया टिप्पणी और...

जारी है दल बदल की राजनीति

सिद्धांत व विचारविहीन राजनीति करते हुए अपनी सुविधा,लाभ व...
spot_imgspot_img