- लापरवाही: नहीं हो रहा एंटी लार्वा का स्प्रे और न हो रही फॉगिंग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: डेंगू का सीजन चलने के बावजूद नगर निगम और राजकीय मलेरिया विभाग सो रहा है। महानगर में मच्छरों की भरमार हो रही है, लेकिन न तो एंटी लार्वा का स्प्रे हो रहा और न ही फॉगिंग की जा रही। ऐेसे में महानगर में डेंगू फैलने का खतरा खड़ा हो गया है। आजकल डेंगू का सीजन चल रहा है। डेंगू के मच्छर भी पनपने शुरू हो गए हैं। डेंगू के मरीज भी प्राइवेट चिकित्सकों के पास पहुंचने शुरू हो गए, लेकिन डेंगू की रोकथाम को लेकर न तो नगर निगम गंभीर है और न ही मलेरिया विभाग।
नगर मलेरिया विभाग में डेंगू या अन्य मच्छरों पैदा होने की रोकथाम के लिए इस्तेमाल होने वाली एंटी लार्वा वैक्टीसाइड, फॉगिंग के लिए मैला थाइमोल और टैमीफोस उचित मात्रा में उपलब्ध है, लेकिन इनका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। इसकी वजह इस विभाग में कर्मचारियों की कमी का होना बताया जा रहा है। नगर मलेरिया कार्यालय में एक प्रभारी चिकित्सक के अलावा मच्छर मार दवाई का स्प्रे और फॉगिंग करने का जिम्मा मात्र चार आईएफडब्लू कर्मचारियों पर है। इनमें एक आईएफडब्लू अक्सर सीएमओ आफिस में ड्यूटी देता है और एक कर्मचारी अक्सर एडी हेल्थ के कार्यालय में सेवाएं देता है।
इन्हें इमरजेंसी में ही इन कर्मचारियों को बुलाया जाता है। उधर, नगर निगम को भी 90 वार्डांे में मच्छर मार दवाई का फॉगिंग करने का जिम्मा है। इसके लिए दवाई भी उपलब्ध है, लेकिन अभी तक फॉगिंग शुरू नहीं की गई। जब महानगर में सैकड़ों मरीज डेंगू की गिरफ्त में आ जाएंगे, शायद तभी नगर निगम फॉगिंग शुरू करेगा। फॉगिंग न होने से मच्छर पनप रहे हैं, जिसकी वजह से नगर में डेंगू फैलने का खतरा है। फॉगिंग न होने की वजह से लोग स्वयं मच्छर मारने की व्यवस्था कर रहे हैं।
नगर में डेंगू के मच्छरों की नहीं मिली शिकायत: डा. जितेन्द्र
नगर मलेरिया अधिकारी डा. जितेन्द्र नागर का कहना है कि अभी तक कहीं से डेंगू के मच्छर पैदा होने की खबर नहीं मिली, इसलिए फॉगिंग नहीं कराई गई। कुछ मलिन बस्तियों में एंटी लार्वा का स्पे्र कराया गया।
फॉगिंग का कार्य चल रहा: डा. हरपाल
प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. हरपाल का कहना है कि जहां मच्छर पनपने की शिकायत मिल रही है, वहां मच्छर मारने की दवा की फॉगिंग कराई जा रही है।
जन्म-मृत्यु पंजीयन के लिए दो प्रभारियों को जारी हुए आईडी, पासवर्ड
नगर निगम में जन्म-मृत्यु पंजीयन को परेशान होने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। उक्त कार्य के लिए दो जोनल दफ्तरों में बनाए गए प्रभारियों को अब आईडी और पासवर्ड जारी कर दिए गए हैं। इन्हें कंप्यूटर में फीड किया जाएगा। इसके बाद कर्मचारी लॉगिंग खोलकर कार्य कर सकेंगे। नगर निगम में जन्म-मृत्यु पंजीयन अनुभाग में जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने और नाम संशोधन आदि कार्यांे के लिए काफी समय से समस्या बनी है। इसकी एक प्रमुख वजह वेबसाइट न चलना और धीमी गति से चलना है। इसके अलावा पार्षदों द्वारा फार्मांे के गड्डे लाना भी है। हाल ही में सेना के जवान के साथ मारपीट को लेकर चर्चा में आए जन्म-मृत्यु पंजीयन अनुभाग में तीन कर्मचारियों पर गाज गिरी और उक्त कार्य को तीन दफ्तरों में बांटने का निर्णय लिया गया।
उक्त कार्य नगर निगम मेन कार्यालय के साथ-साथ शास्त्रीनगर जोनल कार्यालय और कंकरखेड़ा कार्यालय में किया जाएगा। नगर निगम कार्यालय में प्रभारी डा. गजेन्द्र सिंह हैं तथा शास्त्रीनगर का प्रभारी नर सिंह राणा व कंकरखेड़ा का प्रभारी शिवकुमार गौतम को बनाया गया है। डा. गजेन्द्र सिंह के पास पहले से सीआरएस पोर्टल का आईडी व पासवर्ड है, जबकि नर सिंह राणा व शिवकुमार गौतम को भी आईडी पासवर्ड मिल गया है। अब उनके अधिनस्थ कर्मचारी लॉगिंग खोलकर कार्य कर सकेंगे।
वेबसाइट न चलने से दिनभर कार्य प्रभावित, हंगामा
नगर निगम मेन कार्यालय के जन्म-मृत्यु पंजीयन अनुभाग में गुरुवार को वेबसाइट न चलने से दिनभर कार्य प्रभावित रहा। लोग अपने कार्य के लिए घंटों परेशान रहे। कई बार वेबसाइट चली तो उसकी स्पीड इतनी धीमी थी कि नाम मात्र कार्य ही हो सका। कुछ आवेदकों ने दफ्तर में हंगामा किया। कर्मचारियों ने उन्हें वेबसाइट की समस्या बताकर शांत किया।

