Tuesday, December 7, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutपेट्रोल और डीजल सेंचुरी के करीब

पेट्रोल और डीजल सेंचुरी के करीब

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  • जोरो का झटका लगा धीरे से, फिर बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: पेट्रोल-डीजल के दाम का बोझ जनता की जेब पर बढ़ता जा रहा है। फिर से पेट्रोल-डीजल के दाम झटका देने लगे हैं। रविवार को एक बार फिर से तेल के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। सैकड़ा मारने के करीब डीजल व पेट्रोल के दाम पहुंच गए हैं। 29 से 36 पैसे तो वहीं पेट्रोल के दाम 25 से 33 पैसे बढ़े हैं। वर्तमान में कच्चे तेल के दाम 70 से 75 रुपये प्रति बैरल है, लेकिन कांग्रेस के शासन में बैरल का रेट 130 तक पहुंच गया था, फिर भी तेज के दाम नीचे थे। अब पेट्रोल व डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम जनता की जेब ढीली हो रही है।

पेट्रोल की कीमतों में 60 प्रतिशत हिस्सा सेंट्रल एक्साइज और राज्यों के टैक्स का होता है, जबकि डीजल में ये 54 प्रतिशत होता है। पेट्रोल पर सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 32.90 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल पर 31.80 रुपये प्रति लीटर है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आमतौर पर रोज बदलाव होते हैं। ये कीमतें बेंचमार्क अंतरराष्ट्रीय क्रूड कीमतों और फॉरेन एक्सचेंज रेट के आधार पर तय होती हैं, लेकिन यहां पेट्रोल व डीजल सेंचुरी मारने के लिए करीब पहुंच गया है।

कभी भी सेंचुरी का समाचार मिल सकता है। आसमान छूती महंगाई अब भाजपा को दिखाई नहीं दे रही है, जिसके चलते पेट्रोल व डीजल से जुड़े बसों का किराया बढ़ा दिया गया है। थ्री व्हीलर के किराये में भी वृद्धि कर दी गई है। आखिर पेट्रोल व डीजल के दामों में वृद्धि को केन्द्र सरकार नहीं रोक पा रही है।

जब किसी राज्य में चुनाव होता है, तब इस पर ब्रेक लग जाता है। विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमत के आधार पर पेट्रोल और डीजल की कीमत प्रतिदिन अपडेट की जाती है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत कम होती है, फिर भी पेट्रोल व डीजल के दाम कम नहीं किये जाते। एक बार बसों का किराया बढ़ गया, फिर कम नहीं किया जाता। माल-भाड़ा भी बढ़ा दिया गया हैं, यह सब जनता की जेब पर बोझ बढ़ रहा है।

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