Wednesday, July 24, 2024
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गंदगी से पटे रजवाहे, टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी

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  • रजवाहे की साफ-सफाई न होने से किसान परेशान नहीं हो रही सिंचाई
  • नलकूप से सिंचाई को मजबूर है किसान, धान की रोपाई हो रही प्रभावित

जनवाणी संवाददाता |

बहसूमा: रजवाहे और और माइनर का सूखा हलक नसीब नहीं हो रहा है। पानी जहां सरकार द्वारा किसानों को नि:शुल्क पानी देने की सिंचाई विभाग को आदेश दिए हुए हैं। वहीं, सिंचाई विभाग की नाकामी व लापरवाही के चलते किसानों को पानी की बूंद बूंद को तरसना पड़ रहा है। विभाग द्वारा इन माइनरों में झाड़-घास-फूंस व साफ-सफाई न होने के चलते उसमें पानी भी नहीं आ रहा है।

किसानों की सिंचाई न होने के चलते फसल सूखने की कगार पर है, लेकिन विभागीय अधिकारी की मिलीभगत के कारण इन माइनरों में पानी की जगह कटीली झाड़ियां सूखे पडेÞ हुए हैं। फसलों को सुरक्षित रखने के लिए किसान खेतों पर ट्यूबवेल लगाकर फसलों की सिंचाई करने पर मजबूर है, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों के कान तले जूं तक नहीं रेंग रही है।

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क्षेत्र के गांव सदरपुर, मोड़खुर्द, समसपुर के समीप माइनर राजवाहे साफ सफाई होने के चलते पानी भी नहीं आ रहा है। रजवाहे द्वारा फसलों की सिंचाई के लिए क्षेत्र के दर्जनों गांव के किसानों को पानी न मिलने पर फसल सूखने के कगार पर है। जब जनवाणी संवाददाता ने किसानों से रूबरू होकर धरती पुत्रों से उनका दर्द जाना और उनकी समस्याओं को देखा।

रजवाहों और माइनर से पानी नदारद

फसल की समय पर सिंचाई यदि नहीं होती है, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव उपज पर पड़ेगा। माइनर में पानी न होने से वे फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। मवाना तहसील में आने वाले करीब दो दर्जन गांव के किसान इससे प्रभावित हैं। किसानों ने कहा कि जब फसलों की सिंचाई होनी थी, तो उस समय भी नहर में पानी नहीं था।

अब जबकि दूसरी फसल की तैयारी है तो एक बार फिर से पानी नदारद है। फसल के लिए पानी बहुत जरूरी है। अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। यह अत्यंत चिंता का विषय है कि जब किसानों को सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है। ऐसे में नहर व माइनर से पानी नदारद है।

किसानों का दर्द आया जुबां पर

किसान लोकेश सिरोही का कहना है कि प्रदेश सरकार किसानों को कई सुविधा के लिए तत्पर नहीं है तथा सिंचाई विभाग की हठधर्मिता के चलते किसानो की फसलों की समय सिंचाई नहीं हो रही है। फसलो को बचाने के लिए लाखों रुपये खर्च कर ट्यूबवेल लगा रहे हैं।

किसान नेता अरविंद चौधरी का कहना है कि रजवाहे व माइनरों में साफ-सफाई व पानी के न आने के चलते किसानों की फसल सूखने की कगार पर है। सिंचाई विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिसके कारण किसानों को मजबूरी वंश नलकूप लगाकर सिंचाई करना पड़ रहा है।

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पूर्व मंत्री सरदार अमृतपाल सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों के हित में खेती करने के लिए नई नई तकनीकी अपना रहे हैं, लेकिन विभागीय अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की नाकामी से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है।

किसान परविंदर जैन का कहना है कि रजवाहे पानी न आने के चलते और साफ-सफाई न होना चिंता का विषय है। रजवाहों में कटीली झाड़ियां उनका नसीब सूख गया है। विभाग द्वारा महज साफ-सफाई करने के नाम पर खानापूर्ति कर अपने कार्य की इतिश्री कर लेते हैं, लेकिन उसके बावजूद इन माइनरों में पानी तलक नहीं आता है।

प्रधान इंतजार देशवाल का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते इन माइनर में पानी नहीं आ रहा है। जिसके चलते धरतीपुत्र के परिवारों की जेब ढीली हो रही है। सरकार को किसानों की समस्याओं को देखते हुए लापरवाह अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि धरती पुत्रों के परिवारों में खुशहाली बनी रहे और बच्चों का पालन पोषण ठीक से कर सके।

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