Tuesday, April 23, 2024
- Advertisement -
HomeUttar Pradesh NewsMeerutरजवाहा पटरी की रात में पेट्रोलिंग करेंगे जिलेदार

रजवाहा पटरी की रात में पेट्रोलिंग करेंगे जिलेदार

- Advertisement -
  • भेजेंगे लाइव रिपोर्ट, सिंचाई विभाग में पटरी टूटने का कारण अवैध कुलाबा नहीं, शेह पर फोड़ा ठीकरा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते टूटी रजवाहा पटरी किसानें के साथ पटरी से होकर गुजरने वाले राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन रही है। रजवाहों की सफाई के बाद जब से पानी छोड़ा गया है, एक-दो जगह नहीं बल्कि सात अलग-अलग जगहों पर पटरी टूटने की घटनाएं हो चुकी हैं।

सलावा रजवाहा पटरी अटेरना व दूसरे जगह खिर्वा के जंगल में टूट जाने के कारण जहां किसानों सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई और कुछ खेतों में जो हाल ही में गेहूं की बुआई की थी, वह बर्बाद हो गई। मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों की नींद टूटी मामले की जांच शरू करते हुए रात में अपने-अपने क्षेत्रों में जिलेदारों को अलर्ट रहने के लिए निर्देशित किया गया है।

प्रतिवर्ष दिवाली के दौरान गंगनहर में हरिद्वार से पानी बंद होने के बाद सिंचाई विभाग द्वारा रजवाहों की साफ-सफाई कराई जाने का कार्य शुरू किया जाता है। सिंचाई विभाग द्वारा रजवाहे में पानी बंद होने के बाद समय से साफ-सफाई का कार्य शुरू नहीं कराया जाता है। जब रजवाहों में पानी छोडेÞ जाने का समय होता है। अधिकतर किसानों का आरोप रहता है कि तब खानापूर्ति की साफ-सफाई शुरू की जाती है। सूत्रों की माने तो इस सफाई के दौरान रजवाहे की पटरी में जो अवैध कुलाबे दबे हैं, जिनके कारण अक्सर पटरी में कहीं न कहीं कटान होता है।

उन अवैध कुलाबों को नहीं हटाने के लिए जेसीबी चालक व उक्त ठेकेदार पर अधिकारियों का दबाव भी होता है, ताकि यदि अवैध कुलाबे हटे तो फिर उनकी चांदी कैसे होगी। उनकी यही लापरवाही के चलते अधिकतर किसानों एवं पटरी हो होकर गुजरने वाले राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन जाती है, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों पर किसानों व आम लोगों की इस परेशानी का कोई असर नहीं पड़ता। वहीं, दूसरी ओर यदि कभी-कभार मामले में शिकायत हो भी जाए तो उनके पास एक रटा रटाया जवाब होता है कि पटरी का कटान शेह के कारण हुआ है।

शेह द्वारा पटरी की मिट्टी खोदी जाने के कारण पटरी टूट गई।  वह अवैध कुलाबों पर कार्रवाई नहीं करते हुए शासन को गुमराह करने वाली रिपोर्ट भेज देते हैं। सलावा से जुड़े रजवाहों में हाल ही मेें पानी शुरू किया गया है और अटेरना-कपसाड़ के जंगल के साथ ही खिर्वा व अन्य कुल मिलाकर सात जगहों पर रजवाहा पटरी टूट चुकी है। उधर, कुछ लोगों द्वारा मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल तक पर कर दी गई है।

जिसके बाद सिंचाई विभाग अब एक्शन मोड में आ गया है। अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग मेरठ सिंचाई विभाग के जिलेदारों के अपने-अपने क्षेत्र में रात्रि के समय रजवाहा पटरी पर कम से कम एक बार पेट्रोलिंग कर लाइव रिपोर्ट अधिकारियों के मोबाइल नंबर पर भेजने के लिए निर्देशित किया है।

बुधवार को अधिशासी अभियंता एसके लाम्बा ने इस संबंध में जिलेदारों को पत्र भी जारी करने की बात कही है ताकि रजवाहा की पटरी यदि टूटती है तो उसे तत्काल बंद कराकर किसी भी हादसे या किसानों के खेतों में खड़ी फसल रजवाहा के अत्यधिक पानी के जमा होने के कारण बर्बाद होने से रोका जा सके।

अटेरना के साथ ही खिर्वा के जंगल में रजवाहा की पटरी टूटने की जानकारी मिली थी। जिसमें दोनों ही जगह पटरी की मरम्मत कराकर रजवाहे में पानी शुरू करा दिया गया है। करीब सात जगहों से पटरी टूटने की जानकारी मिली है। उन्हें सिंचाई विभाग के अधीनस्थ कर्मचारी/अधिकारियों के द्वारा जो जानकारी दी गई। उसमें रजवाहे की पटरी टूटने का कारण शेह द्वारा बताया गया है। यदि रजवाहा की पटरी में अवैध कुलाबे दबे हैं तो उनकी जांच कराई जायेगी। उधर रात्रि के समय सभी जिलेदारों को निर्देशित किया गया है कि रात्रि के समय अपने-अपने क्षेत्र कें एक बार रात्रि में पेट्रोलिंग करके लाइव रिपोर्ट भी भेजें, ताकि पटरी कटान से कोई क्षति किसान या अन्य किसी को न हो सके।
-एसके लाम्बा, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, मेरठ

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Recent Comments