Tuesday, June 25, 2024
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हादसे में डीआरएम ने बनाई जांच कमेटी

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  • एचएजी कमेटी बनाकर जांच के दिए आदेश

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शनिवार को मेरठ के दौराला रेलवे स्टेशन पर सहारनपुर से दिल्ली जा रही पैसेंजर ट्रेन में आग लग गई। जिससे स्टेशन पर हड़कंप मच गया। गनीमत ये रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। हादसे की खबर दिल्ली मुख्यालय पहुंची तो वहां से डीआरएम डिम्पी गर्ग, एडीआरएम समेत अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। डीआरएम ने घटना की जांच के लिए तीन अफसरों की एचएजी कमेटी बनाई है जो मामले की जांच करेगी। जांच के बाद ही घटना की वजह का पता चलेगा।

सकौती से चलते समय ही लग गई थी आग

आरएम सिटी रेलवे स्टेशन आरपी सिंह ने बताया कि जो गाड़ी हादसे का शिकार हुई है। उसका नंबर 04460 है, जो सकौती स्टेशन से सुबह 7.06 मिनट पर दौराला के लिए चली थी। 7.14 मिनट पर यह दौराला पहुंची। सकौती से चलते समय गेट संख्या 39 पर गेटमैन ने ट्रेन की बोगी में आग लगी देखकर स्टेशन मास्टर सकौती को बताया, उन्होंने दौराला स्टेशन मास्टर को सूचना दी। जिसके बाद स्टेशन पर गाड़ी को रोका गया। समय रहते आग की सूचना मिलने से बड़ा हादसा होने से बच गया।

तीन घंटे तक अप-डाउन ट्रैक पर यातायात रहा बाधित

दौराला में ट्रेन में आग लगने की सूचना मिलते ही मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन पर दिल्ली से देहरादून जानें वाली शताब्दी एक्सप्रेस को रोक दिया गया। यह गाड़ी 8.03 पर मेरठ पहुंंची थी, इसे 9.46 मिनट पर मेरठ से रवाना किया गया। इसी तरह लखनऊ से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी लिंक एक्सप्रेस मेरठ में 7.55 पर आ गई थी जिसे दो घंटे बाद 9.55 पर भेजा गया।

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इसी तरह सहारनपुर की तरफ से आने वाली शालीमार एक्सप्रेस सकौती स्टेशन पर 8.46 पर पहुंच गई थी, लेकिन हादसे के बाद उसे 10.58 पर मेरठ के लिए रवाना किया गया। दिल्ली से सहारनपुर जाने वाला ट्रैक सुबह 7.15 से 9.45 जबकि सहारनपुर से दिल्ली जाने वाला ट्रैक 7.15 से 10.55 तक प्रभावित रहा।

ट्रेन में आग और फोरेंसिक पड़ताल, लिये पांच नमूने

ट्रेन में आग की घटना के पीछे कोई साजिश तो नहीं थी? इसको लेकर भी जांच पड़ताल की गई। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने पांच नमूने लिये। यह टीम करीब एक घंटे तक दौराला स्टेशन पर बनी रही। रेलवे की तरफ से सूचना देने के बाद ही फोरेंसिक टीम यहां पहुंची थी। टीम में शामिल लोगों ने अलग-अलग बोगी से पांच नमूने लिये, जिनको सील कर जांच के लिए भेजा जाएगा।

जांच के दायरे में इस वजह से भी लिया गया है कि अंधेरे में कहीं ट्रेन को उड़ाने की तो कोई साजिश नहीं रही थी। इसी वजह से फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच पड़ताल कराई गयी। क्योंकि आग की घटना के दौरान कहीं विस्फोटक सामग्री का तो प्रयोग नहीं हुआ? इस बिन्दु को लेकर भी रेल विभाग के अधिकारियों ने अपने स्तर से जांच पड़ताल कराई। हालांकि इसकी रिपोर्ट बाद में मिलेगी, लेकिन तमाम उन आंशकाओं को लेकर जांच पड़ताल की गई, कहीं बाद में कोई मामला नहीं निकल जाए।

डीआरएम डिम्पी गर्ग ने भी फोरेंसिक टीम से बातचीत की तथा तमाम उन बिन्दुओं को लेकर भी चर्चा की, जिसमें किसी आंतकी हाथ तो नहीं रहा? इसको लेकर चर्चा की तथा आग लगने के कारणों की भी तलाश की गई। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि इलेक्ट्रिक फाल्ट इसमें रहा, जिसके बाद ही आग लगी। सबसे पहले आग लगने की घटना गेटमैन इस्लाम ने देखा। उसने ही टेÑन में आग लगने की सूचना सकौती में ही दे दी थी। तब करीब 7 बजे थे। आग के भीषण रूप लेने से पहले ही मामूली आग लगी होगी। धुआं उठा होगा, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके बाद आग ने बड़ा रूप ले लिया। दो बोगी पूरी तरह से आग से खाक हो गई। तीसरी बोगी का कुछ हिस्सा भी आग में नष्ट हो गया।

तीन मैकेनिक बने धूरी

दौराला स्टेशन पर जिस ट्रेन की बोगी में आग लगी, उसमें दो मैकेनिक पहले से सवार थे तथा तीसरा दौराला स्टेशन पर खड़ा था। इन तीनों मैकेनिक को गाजियाबाद जाना था। इन तीनों ने आग लगने के बाद जिन बोगी में आग की लपटे उठ रही थी, उन्हें मुख्य ट्रेन लाइन से कट कर अलग किया तथा उसमें यात्रियों से धक्का लगवाकर दूरी बनाई, ताकि आग ज्यादा भीषण थी, इसके बाद आगे दूसरे हिस्से में नहीं जा सके। ये तीनों मैकेनिक रेलवे के कर्मचारी थे, जिनकी ड्यूटी गाजियाबाद में लगी थी। तीनों रेलवे मैकेनिक की मौके पर पहुंचे डीआरएम डिम्पी गर्ग ने पीठ भी थपथपाई।

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