Sunday, February 25, 2024
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सीडीए अफसर की मौत का कारण बना सूखा नशा

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  • हद से ज्यादा सूखा नशे का था आदी सीडीए अफसर
  • तलाशी में हॉस्टल से पर्स और ड्रग्स की पुड़िया बरामद
  • नशे की हालत में सर्द मौसम में निकल आया था होटल से
  • सुलझाने के बजाय पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उलझा दी सीडीए अफसर की मौत की गुत्थी

जनवाणी संवाददाता |

कंकरखेड़ा: सीडीए अफसर की मौत का मामला अभी सुलझता नजर नहीं आ रहा है। वहीं, दूसरी ओर सोमवार को पुलिस ने आरटीसी के जिस हॉस्टल में वह ठहरे थे, उसको खुलवा कर जब तलाशी ली तो उसना पर्स बरामद हो गया। इसके अलावा हॉस्टल के रूम से ड्रग्स की पुड़ियां भी मिली हैं। यह भी कहा जा रहा है कि सीडीए अफसर परले दर्ज का नशे यानि ड्रग्स एडिक्ट था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत की गुत्थी सुझाने के बजाय और भी उलझा दी है। मौत का स्पष्ट कारण न बताए जाने की वजह से पुलिस अब बिसरा जांच कराए जाने को भेजने की बात कह रही है। वहीं, दूसरी ओर मामला सीडीए अफसर की मौत से जुड़ा होने के चलते सेना पुलिस ने भी जांच शुरू की है। सेना पुलिस के कुछ कर्मी थाना कंकरखेड़ा पहुंचे व घटना स्थल का भी मुआयना किया।

ये था मामला

देहरादून के लैंसडाउन में रक्षा लेखा नियंत्रक कार्यालय (सीडीए) में आॅडिटर अंकित पंवार पुत्र सुधीर पंवार निवासी सुभाष नगर देहरादून (30) का शव कंकरखेड़ा क्षेत्र में हाइवे किनारे बाग के पास मिला। अंकित लालकुर्ती स्थित सीडीए कार्यालय में चल रही ट्रेनिंग में हिस्सा लेने आए थे। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर बिसरा सुरक्षित कर लिया है।

सीडीए कार्यालय में आठ से 19 जनवरी तक देशभर से आए 40 अफसरों की सीनियर आॅडिटर के लिए ट्रेनिंग हो रही है। अंकित मेरठ के आरटीसी हॉस्टल में रह रहे थे। रविवार सुबह हॉस्टल से लगभग 15 किलोमीटर दूर कंकरखेड़ा के द कलाम रेस्टोरेंट के सामने बाग के पास अंकित का शव मिला। पुलिस ने तलाशी ली तो आरटीसी हॉस्टल के कमरे की चाबी मिली।

लोहड़ी उत्सव में हुए थे शामिल

शनिवार रात को सभी अफसरों के साथ अंकित पंवार भी होली उत्सव में शामिल हुए थे। सीडीए के सभी अधिकारी लोहड़ी मनाने के बाद सोने चले गए थे। अंकित अपने रूम में अकेले थे। रात को नौ बजे के करीब वे कमरे का ताला लगाकर बाहर निकले। सीओ दौराला अभिषेक पटेल ने जानकारी दी कि अंकित मूलरूप से शामली कांधला के एलम गांव के रहने वाले थे।

राज बेपर्दा होना अभी बाकी

सीडीए आॅफिसर अंकित पंवार रात को हॉस्टल से 15 किलोमीटर दूर हाइवे तक कैसे पहुंचे। सबसे बड़ा सवाल ये है कि अंकित वहां पैदल क्या करने गए थे। पुलिस इन सवालों के जवाब के लिए हॉस्टल से लेकर घटनास्थल के बीच लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अंकित का शव बाइपास पर बाग के पास से मिलना तमाम सवाल खड़े कर रहा है। इतनी दूर व्यक्ति पैदल नहीं जा सकता है। ऐसे में वे किसके साथ वहां गए, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस अंकित के मोबाइल की लोकेशन और सीडीआर की जांच कर रही है।

उससे पता चल पाएगा कि उनकी लोकेशन कहां-कहां रही। रोहटा रोड पर अंकित के ताऊ सुरेंद्र पंवार रहते हैं। पुलिस का कहना है कि हो सकता है कि अंकित वहीं जा रहा हो, लेकिन परिजनों का कहना है कि ताऊ को तो ट्रेनिंग का ही पता नहीं था। अंकित के चाचा सुशील पंवार ने बताया कि सोमवार को वे कंकरखेड़ा थाने में तहरीर देंगे। अंकित दो भाइयों में बड़े थे। 10 साल पहले नौकरी लगने के बाद वह मां कुसुम और पिता सुधीर पंवार को लेकर देहरादून ही रहने लगे थे। सीडीआर से ही काफी कुछ स्पष्ट होगा। प्रथम दृष्टयता हार्ट अटैक से मौत लग रही है।

बेगमपुल तक सीसीटीवी में हुआ कैद

थाना प्रभारी ने बताया कि अंकित हॉस्टल से निकलने के बाद बेगमपुल तक सीसीटीवी कैमरे में अकेला ही दिखाई दे रहा है। इस दौरान कोई भी अंकित के साथ आता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। वही बेगमपुल से लेकर हाइवे तक के सीसीटीवी चेक किया जा रहे हैं। फिलहाल बेगमपुल से आगे किसी भी सीसीटीवी में अंकित दिखाई नहीं दे रहा है।

नहीं लगा मोबाइल का सुराग

सीडीए अधिकारी अंकित का मोबाइल व पर्स पुलिस 24 घंटे बाद भी तलाश नहीं कर सकी है। पुलिस ने सोमवार को मृतक के मोबाइल की बेगमपुल व घटनास्थल के आसपास के क्षेत्र में भी तलाश की। वहीं पुलिस के अनुसार सीडीआर रिपोर्ट में भी कुछ खास जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस ने मृतक के मोबाइल को सर्विलांस पर लगा दिया है।

  • की जा रही जांच

सीडीए अफसर अंकित पंवार की मौत की जांच की जा रही है। घटना के तमाम पहलुओं को जांच में शामिल किया गया है। -अभिषेक पटेल, सीओ दौराला

पत्नी ने शराब पीने से रोका तो दे दी जान

मेरठ: भावनपुर थाना के कमला विहार कालोनी में एक व्यक्ति से पत्नी के शराब पीने से रोकने पर गुस्से में आकर फांसी लगाकर जान दे दी। उसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। थाना क्षेत्र के जयभीम नगर कमला नगर निवासी अरुण पुत्र बिजेंद्र मजदूरी का काम करता था। वह पत्नी रेखा और चार बच्चों तरुण, करण, दीपांशु और वरुण के साथ रहता था। उसका रविवार की रात शराब को लेकर उसकी पत्नी रेखा से विवाद हो गया था। जिसके चलते बिजेंद्र ने कमरे में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं अरुण की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पत्नी व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है पड़ोसियों ने बताया अपने परिवार का वह इकलौता सहारा था, लेकिन शराब पीने की उसकी लत परिवार में अशांति का कारण बनी हुई थी। वह जितना भी कमाता था, सब शराब में खर्च कर देता था। पत्नी के लिए परिवार चलाना मुश्किल हो रहा था।

विवाहिता ने की आत्महत्या

मेरठ: लालकुर्ती थाना के बेगमबाग के खटीकान मोहल्ले का रहने वाला अरुण टेंपो चलाता है। अरुण ने बताया कि उसकी शादी 12 साल पहले सोनम के साथ हुई थी। बताया जाता है कि दंपति के बीच अक्सर विवाद रहता था। सोमवार को अरुण और उसका पिता अपने-अपने काम पर गए थे। इसके बाद दंपति की दोनों बेटियां ट्यूशन चली गईं और बेटा घर से बाहर था। दोपहर करीब 3:30 बजे जब दंपति का बेटा घर पहुंचा तो मकान के फर्स्ट फ्लोर पर कमरे में सोनम की लाश दुपट्टे के सहारे पंखे से लटक रही थी।

दंपति के बेटे की चीख-पुकार सुनकर जब क्षेत्रवासी मौके पर पहुंचे तो नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही अरुण और उसका पिता भी घर पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। लालकुर्ती थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने गृह-क्लेश में महिला द्वारा खुदकुशी की बात कही है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। सोनम की मौत से उसके बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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