Tuesday, April 21, 2026
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नींबू की महंगाई से दांत हुए खट्टे

  • सब्जी की दुकानों पर 300 रुपये किलो बिक रहा नींबू

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: तपती गर्मी में राहत के लिए नींबू-पानी या नींबू-शिकंजी पीना चाहते हैं तो अब आपको जेब ढीली करनी पड़ेगी। इसकी सबसे बड़ी वजह नींबू के दाम हैं। दरअसल, बीते कुछ दिनों में नींबू की कीमत में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। नींबू की कीमत अब 10 रुपये प्रति पीस हो गई है।

सदर सब्जी मंडी के आढतियों के मुताबिक जनवरी में एक नींबू की कीमत दो रुपये थी। मार्च में यह बढ़कर पांच रुपये हो गई और अब अप्रैल में इसकी कीमत बढ़कर 10 रुपये प्रति पीस हो गई है। भुजबल के मुताबिक एक बैग में नींबू की मात्रा उसके आकार पर तय की जाती है। फिलहाल थोक बाजार में एक नींबू की कीमत 8 से 10 रुपये है। अगले दो महीनों में कीमत समान रहने या बढ़ने की उम्मीद है।

गर्मी के मौसम में बढ़ जाती है कीमत

कारोबारियों का कहना है कि हर गर्मियों में, मांग बढ़ने और आपूर्ति कम होने के कारण नींबू की कीमत बढ़ जाती है। इस बार भी नींबू के दाम बढ़े हैं। नींबू के दाम बढ़ने की एक बड़ी वजह पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमते हैं। पेट्रोल-डीजल रिकॉर्ड स्तर पर हैं। नींबू की ढुलाई गाड़ियों से होती है तो भाड़े भी अब पहले के मुकाबले ज्यादा लग रहे हैं।

इस भाड़े की वसूली नींबू के दाम बढ़ाकर किए जा रहे हैं। इसके अलावा नवरात्र और रमजान के महीने में नींबू की खपत ज्यादा हो जाती है। वहीं उत्पादन भी बहुत ज्यादा नहीं होता है। इस वजह से भी नींबू के दाम बढ़ रहे हैं। नींबू के दाम बढ़ जाने की वजह से शिकंजी से लेकर सलाद तक के लिए लोगों को जेब ढीली करनी पड़ रही है।

नींबू निचोड़ रहा लोगों की जेब

लू से बचने के लिए शिकंजी बनाने और सब्जी व दाल को खट्टा करने वाला नींबू अब आम जनता की जेब निचोड़ने लगा है। ठेले और बाजार में सब्जी की दुकानों पर 300 रुपये किलो नींबू के भाव सुनकर लोगों के दांत खट्टे होने लगे हैं। महंगाई की वजह स्थानीय पैदावार कम होना और माल भाड़ा बढ़ना बताया गया है। महंगा होने से लोग 10 रुपये में एक नींबू खरीदकर काम चला रहे हैं।

वहीं, मंडी में सब्जी बेचने वाले आढ़ती रमेश का कहना है कि कुछ दिन पहले नींबू का भाव थोक में 50 से 60 रुपये किलो था। इस समय नींबू 300-320 रुपये प्रति किलो थोक में आ रहा है। पहले सब्जी मंडी में नींबू का भाव काफी कम था, उस समय सब्जी खरीदने वाले नागरिक आधा किलो से लेकर एक किलो तक खरीद रहे थे। महंगाई होते ही नींबू की बिक्री पर ब्रेक लग गया है। ग्राहक छोटा-सा नींबू 10 रुपये में एक लेकर चला जाता है।

विटामिन-सी का अच्छा स्त्रोत

नींबू का इस्तेमाल अचार बनाने के साथ गर्मी के सीजन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल शिकंजी बनाने और सब्जियों को खट्टा करने में होता है। इसके उपभोग से शरीर को विटामिन सी भी मिलता है तो यह पेट को राहत देने के साथ नागरिकों को तरो-ताजा भी रखता है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी इसे लाभकारी बताया जा रहा है। सलाद और चाट में इसका जमकर इस्तेमाल होता है।

कभी नहीं रहा इतना महंगा

उद्यान विभाग में मौजूद सब्जी के भावों में तो नींबू कभी इतना महंगा नहीं रहा। इस और बीते साल यह 100 रुपये किलो तक रहा, जबकि पांच साल में यह एक बार 200 रुपये किलो तब बिका, लेकिन इतना तो महंगा कभी नहीं रहा। उद्यान विभाग के अधिकारी गमपाल सिंह का कहना है कि स्थानीय स्तर पर इसकी कम पैदावार होती है, महंगाई की यह भी एक वजह हो सकती है।

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