Home Uttar Pradesh News Muzaffarnagar विद्युत अफसरों-कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार

विद्युत अफसरों-कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार

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विद्युत अफसरों-कर्मियों ने किया कार्य बहिष्कार

जनवाणी संवाददाता |

मुजफ्फरनगर: प्रबंधन द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के दंडात्मक उत्पीड़न के विरोध में पूर्व घोषित कार्यक्रम विद्युत विभाग के समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संविदा कर्मचारियों का एकदिवसीय धरना टाउन हाल प्रांगण में इं. यतेन्द्र गर्ग की अध्यक्षता में किया गया। इस प्रदर्शन के संयोजक इं. प्रणव चौधरी द्वारा विरोध सभा का संचालन किया गया।

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के चेयरमैन के दमनकारी हठवादी रवैय्ये के विरोध में आज पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में पूरी तरह कार्य ठप रहा। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के हजारों कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियर और अभियंताओं ने 24 घंटे का पूर्ण कार्य बहिष्कार।

कार्य बहिष्कार आज प्रात: 8 बजे से प्रारंभ हुआ जो कल प्रात: 8 बजे तक जारी रहेगा। कर्मचारियों और इंजीनियरों के अभाव में अनेक जिलों में बिजली व्यवस्था चरमराने के आसार है। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के अध्यक्ष वी पी सिंह और महासचिव प्रभात सिंह ने बताया की विगत दिनों उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लगभग 23 जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं को बिना कारण बताए सुदूर पूर्वांचल और कुछ अन्य वितरण निगम स्थानांतरित कर दिया है।

विद्युत अभियंता संघ और संघर्ष समिति कि यह स्पष्ट राय है कि अस्थाई बिजली संयोजन देने में यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और अनियमितता के दोषियों पर तदनुसार कार्यवाही की जानी चाहिए। किंतु बिना जांच पूरी हुए बड़े पैमाने पर अभियंताओं व जूनियर इंजीनियरों को सुदूर स्थानांतरित किया जाए। स्पष्टत: उत्पीड़नात्मक कार्यवाही है।

यह भी उल्लेखनीय है कि अधिकांश जूनियर इंजीनियर व अभियंता पहले ही ग्रेटर नोएडा व नोएडा से स्थानांतरित होकर पश्चिमांचल में अन्य स्थानों पर तैनात किये जा चुके हैं। ऐसे में इन सभी का बड़े पैमाने पर पुन: स्थांतरण किया जाना उत्पीड़न के अलावा और कुछ नहीं है।

अभियंता पदाधिकारियों ने इस बात पर क्षोभ प्रकट किया कि विगत एक सप्ताह से पश्चिमांचल में चल रहे व्यापक आंदोलन के बावजूद पावर कारपोरेशन प्रबंधन ने अभियंताओं से बातचीत करना तक जरूरी नहीं समझा जिससे स्पष्ट है की पावर कारपोरेशन प्रबंधन जानबूझकर बिजली निगमों में कार्य के स्वस्थ वातावरण को बिगाड़ रहा है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पश्चिमांचल या प्रदेश में कहीं भी आंदोलन के फलस्वरूप किसी भी कर्मचारी का उत्पीड़न किया गया तो प्रदेश के तमाम बिजली कर्मी मूकदर्शक नहीं रहेंगे और सीधी कार्यवाही करने हेतु बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। इस आशय का पत्र विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति पहले ही ऊर्जा मंत्री को प्रेषित कर चुकी है।

उन्होंने एक बार पुन: प्रदेश के ऊर्जा मंत्री पंडित श्रीकांत शर्मा से अपील की कि वे तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप करें जिससे पावर कारपोरेशन के प्रबंधन के अलोकतांत्रिक तानाशाही रवैया पर अंकुश लग सके, उत्पीड़न की दृष्टि से किए गए सामूहिक स्थानांतरण रद्द हों और बिजली कर्मियों को कार्य का स्वास्थ्य वातावरण मिल सके।

आज की विरोध सभा में मुख्य रुप से इं. एके भारती, इं. आईपी सिंह, इं. सचिन शर्मा, इं. अतुल यादव, इं. यूसी वर्मा, इं. रविन्द्र सिंह, इं. विजय कुशवाहा, कार्यालय सहायक दिनेश गौतम, सुबोध कुमार, सलीम अहमद खान, संजय गर्ग, विपिन कुमार त्यागी, अभिनव गोयल उर्फ मोन्टू, टीजी-2 मनीष गुप्ता, आकाश शर्मा एवं जनपद मुजफ्फरनगर में तैनात सभी अन्य विद्युत अधिकारी एवं कर्मचारीगण मौजूद रहे।

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