Wednesday, December 1, 2021
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रैपिड प्रोजेक्ट: तो हल हो जाएंगे अतिक्रमण के बरसों पुराने विवाद

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  • केसरगंज में जिला पंचायत पुराने खंडहर स्कूल पर जता रहा अपना अधिकार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: रैपिड रेल प्रोजेक्ट अगर ठीक तरह से लागू हुआ तो सरकारी जमीन पर कब्जे के कई विवाद एक साथ निपट जाएंगे। केसरगंज में जिला पंचायत पुराने खंडहर स्कूल पर अपना अधिकार जता रहा है, यहां पर रैपिड रेल के लिए प्रयोग किया जा सकता है। इसका विवाद भी सुलझ जाएगा।

क्योंकि पहले यहां पर जिला पंचायत अध्यक्ष दुकान बनाकर निर्माण करना चाहते थे, जिसको लेकर बवाल खड़ा हो गया था। विवाद पैदा होने के बाद दुकानों का निर्माण लटक गया था। बाद में इस जमीन को बेचने की तैयारी भी की जा रही थी, लेकिन विपक्षी दलों के नेताओं ने इस मुद्दे को हवा दे दी, तब से यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया।

अब इस प्रोजेक्ट पर रैपिड रेल उपयोग में ला सकती है, जिसकी प्रक्रिया चल रही है। भैंसाली रोडवेज डिपो का विवाद करीब-करीब सुलझ गया है। एमडीए डिपो को 4.5 एकड़ जमीन देने के लिए सहमत हो गया है। इसकी फाइल पर फाइनल मुहर लगा कर शासन को भेज दी गई है।

अब इसके लिए एमडीए को रैपिड रेल जमीन का पैसा मुहैय्या करायेगा, तब जाकर रोडवेज वर्कशॉप शहर से बाहर शताब्दीनगर में शिफ्ट हो जाएगा। इसको लेकर भी दो दशक से विवाद बना था। लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि रोडवेज वर्कशॉप को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाए, लेकिन बात शासन स्तर पर जाकर अटक जाती थी।

इस बार मामला रैपिड रेल के प्रोजेक्ट से जुड़ा है,जिसके चलते रोडवेज अधिकारियों की वर्कशॉप को शिफ्ट करने की मजबूरी बन गयी है। इसमें शासन कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है। दिसंबर माह में कई बड़े काम होने वाले हैं, जिसमें वर्कशॉप भी शिफ्ट होगी। सरकारी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी।

हालांकि एनसीआरटीसी के अधिकारियों का कहना है कि उनकी तैयारी जमीन अधिग्रहण को लेकर पूरी कर ली गई है। बस इसको फाइनल रूप देना बाकी है। इससे भी बड़ा मामला है कैंट क्षेत्र की जमीनों से कब्जा हटवाने का। कैंट बोर्ड में भी इसे एनसीआरटीसी रखवाने वाली है।

बोर्ड मीटिंग में एक साथ जमीन को खाली कराने का अधिकार एनसीआरटीसी को सौंपा जाएगा। फिलहाल विवाद नहीं बढ़े, इसके लिए व्यापारियों से संवाद स्थापित किये जा रहे हैं। अतिक्रमण को लेकर कुछ विवाद हमेशा ही बना रहता है। सोतीगंज में भी अतिक्रमण को लेकर दिक्कत है, जिसको रैपिड प्रोजेक्ट के बहाने यहां से अतिक्रमण भी साफ हो जाएगा।

फुटबाल चौराहे से लेकर मछैरान तक अतिक्रमण सड़कों पर है, इस अतिक्रमण से भी छुटकारा मिलेगा। क्योंकि रैपिड रेल के प्रोजेक्ट के आने के बाद अतिक्रमण की तमाम समस्याओं का निस्तारण हो जाएगा।

रैपिड एक्ट में प्रावधान

रैपिड के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद सारे विवाद बेमानी है। रैपिड एक्ट लागू होने के बाद जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसमें साफ प्रावधान है कि रुट में आ रही तमाम सम्पत्ति का अधिग्रहण किया जा सकता है। कोई विवाद है तो कोर्ट में किसी का मालिकाना हक तय होगा उसे मुआवजा मिलेगा।

फुटबाल चौराहे पर भी ढाबे व अन्य शिफ्ट किये जाएंगे। वैसे यहां पर जमीन के नीचे रेलवे स्टेशन बनेगा। वैसे तो चौड़ाई काफी हैं, मगर फिर भी प्रशासन से कुछ प्राइवेट लोगों की जमीन अधिग्रहण करने के लिए कहा गया है। प्राइवेट लोगों से जमीन अधिग्रहण को लेकर बातचीत भी चल रही है।

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