Thursday, April 25, 2024
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राज्यमंत्री के दखल के बाद भी दोनों पक्षों के मुकदमे दर्ज

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  • गंगानगर थाने में टेंट व्यापारी और सिपाही ने दर्ज कराया मुकदमा
  • राज्यमंत्री की डीएम के साथ हुई वार्ता के बाद मामला सुलझा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और टेंट व्यापारी के साथ मारपीट के चार दिन बीतने के बाद भी गंगानगर थाने की पुलिस के कार्रवाई न करने के कारण राज्यमंत्री दिनेश खटीक के समर्थन में आने के बावजूद पुलिस ने बजाय भाजपा कार्यकर्ता की तरफ से मुकदमा दर्ज करने क्रास रिपोर्ट भी दर्ज कर ली। मुकदमा दर्ज न होने से नाराज राज्यमंत्री ने सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस तक रख दी थी, लेकिन दोबारा डीएम से वार्ता होने के बाद इसे रद कर दी गई।

गंगानगर निवासी बिरजू टेंट व्यापारी और भाजपा कार्यकर्ता हैं। चार दिन पूर्व वह टेंट का सामान लेकर टेंपो से जा रहे थे। गंगानगर थाने में तैनात सिपाही आकाश गाड़ी लेकर जा रहा था। गंगानगर में उसकी कार टेंपो से टकरा गई। आरोप है कि सिपाही आकाश ने बिरजू के साथ मारपीट कर दी थी। दोनों में कहासुनी के बाद बिरजू ने आकाश के खिलाफ उसी दिन तहरीर दे दी थी। वह तभी से मुकदमा दर्ज कराने के लिए चक्कर काट रहे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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इसकी जानकारी उन्होंने राज्यमंत्री दिनेश खटीक को दी तो वह गुरुवार रात थाने पहुंच गए। कार्रवाई की मांग की तो पुलिसकर्मी टालमटोल करने लगे। इस पर उनकी पुलिसकर्मियों नोकझोंक हो गई। थाना प्रभारी राजपाल सिंह ने कहा कि शुक्रवार सुबह आकाश से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी देहात केशव कुमार का कहना है कि टेंट व्यापारी की तहरीर पर आकाश के खिलाफ लूट व मारपीट का मुकदमा दर्ज हो गया है।

वहीं, आकाश की तरफ से भी लूट व मारपीट का मुकदमा बिरजू और कमल सिंह के खिलाफ दर्ज हुआ है। इससे पहले राज्य मंत्री दिनेश खटीक ने नाराजगी जाहिर करते हुए प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर दी थी। माना जा रहा था कि वो पुलिस से नाराज होकर इस्तीफा देने की बात करेंगे, लेकिन ऐन मौके पर कांफ्रेंस निरस्त करके मंत्री डीएम के साथ बैठक की।

बाद में दोनों तरफ से मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं। शुक्रवार सुबह एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने दोनों पक्षों को अपने पास बुलाया था। दोनों पक्ष की बात सुनी। दोनों पक्षों ने बाद में समझौते की बात की जिसे एसएसपी ने मानने से इंकार कर दिया और दोनों पक्षों की तरफ से मुकदमा दर्ज करने को कहा।

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