- गंगनहर पटरी: सड़क निर्माण के लिए भराव का अधिकांश कार्य पूरा
- मौसम में सुधार होने पर तेजी की संभावना
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: प्रचंड गर्मी ने विकास की रफ्तार भी धीमी कर दी है। चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग गंगनहर की दाई पटरी पर निर्माण कार्य भीषण गर्मी के चलते धीमा पड़ गया है। दोपहर में अधिक गर्मी होने के कारण कार्य रोकना पड़ रहा है। हालांकि शाम ाके दोगुनी तेजी से कार्य किया जा रहा है। करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रही पटरी के भराव का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब उस पर रोड़ा बिछाने की तैयारी की जा रही है। उम्मीद है कि कांवड़ यात्रा संपन्न होने के बाद पक्की सड़क का काम भी शुरू हो जाएगा। गंगनहर पटरी बनने के बाद दिल्ली से हरिद्वार जाने वालों के लिए सफर काफी सुगम हो जाएगा। माना जा रहा है कि नए साल के साथ इस नई पटरी पर वाहन दौड़ते हुए नजर आएंगे।
कांवड़ मार्ग गंगनहर की दाई पटरी शासन की प्राथमिकता में शामिल है। वर्ष 2008 में इस प्रोजेक्ट को शुरू करने का खाका तैयार किया गया था। पटरी के निर्माण का अनुमानित बजट करीब सात 702 करोड़ रुपये तय किया गया था। बजट की पहली किश्त जारी होने के बाद धरातल पर काम शुरू किया गया। मगर काम शुरू होने से पहले ही कागजी कार्रवाइ में अटक गया था। पटरी बनाने में सबसे बड़ी चुनौती यहां लगे पुराने फलदार और छायादार 1.12 लाख से अधिक पेड़ों को काटना था।
पेड़ कटान की अनुमति में ही करीब एक साल लग गया था। यह पटरी यूपी में गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर को जोड़ने का काम करेगी। साथ ही दिल्ली से उत्तराखंड जाने वालों की यात्रा भी सुगम हो सकेगी। इस ड्रीम प्रोजेक्ट की तमाम विभागों की कागजी कार्रवाई को पूरा होने में करीब पांच साल लग गए। कागजी कार्यवाही पूरी होने के बाद विभाग ने बड़े स्तर पर पेड़ों का कटान शुरू कराया। बड़ी बड़ी मशीनों ने पेड़ काटने शुरू किए। पटरी पर अधिकांश पेड़ों का कटान किया जा चुका है। छोटे पेड़ों का कटान जारी है।
अब रास्ते को समतल करने के लिए भराव किया जा रहा है। मिट्टी भराव भी अपने अंतिम पड़ाव पर है। मगर भीषण गर्मी ने विकास की रफ्तार धीमी कर दी है। प्रचंड गर्मी में आसमान से बरसती आग के नीचे खड़ा होना मुश्किल हो गया है। जिसके चलते दोपहर के समय कार्य रोकना पड़ रहा है। मगर शाम ाके उसी रफ्तार से कार्य किया जा रहा है। मिट्टी भराव का कार्य पूरा होते ही यहां रोड़ा बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा। उम्मीद है कि कांवड़ यात्रा के तुरंत बाद पक्की पटरी बनाने का काम शुरू हो जाएगा। शासन स्तर से जिले अधिकारियों से लगातार प्रगति रिपोर्ट ली जा रही है। यही कारण है कि अधिकारी लगातार पटरी पर निरीक्षण करने पहुंच रहे हैं। उम्मीद है कि नए साल के साथ पटरी पर वाहन दौड़ते हुए नजर आएंगे।
पटरी निर्माण से जमीन की कीमत में उछाल
गंगनहर की दाई पटरी पर वैसे तो कृषि भूमि के दाम काफी सस्ते थे। मगर जैसे ही दाई पटरी का निर्माण कार्य शुरू हुआ तो जमीन के दाम में भी उछाल आ गया है। जो भूमि पहले 5-7 लाख रुपये बीघा में कोई लेने को तैयार नहीं था। आज उस भूमि की कीमत 22 लाख रुपये प्रति बीघा से भी अधिक पहुंच रही है। उसमें भी जमीन कोई बेचने को तैयार नहीं है।
दिल्ली वालों का बढ़ा रुझान
गंगनहर की दाई पटरी पर सड़क निर्माण कार्य शुरू होने पर जमीन की डिमांड भी बढ़ गई है। सबसे अधिक दिल्ली व उसके आसपास के इलाके के लोग पटरी किनारे जमीन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। यही कारण है कि जमीन के दाम भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं।

