Wednesday, July 24, 2024
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नलकूप मीटर के खिलाफ किसानों की हुंकार

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  • किसानों ने घेरा ऊर्जा भवन, सरकार को 10 दिन का समय
  • युवाओं को नक्सलवाद की ओर धकेल रही सरकार: टिकैत

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ऊर्जा भवन पर भारतीय किसान यूनियन की किसान पंचायत के दौरान किसानों ने सरकार को जमकर कोसा। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत व उनके पुत्र तथा यूनियन की युवा विंग के अध्यक्ष गौरव टिकैत सहित विभिन्न वक्ताओं ने सरकार की नीतियों को किसान व युवा विरोधी बताया। पूरे दिन चली किसान पंचायत शाम लगभग साढ़े छह बजे समाप्त हुई।

शाम लगभग चार बजे किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के नेतृत्व में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी से वार्ता की और अपनी मांगों के लिए सरकार को 10 दिन का समय दिया। यह भी साफ कर दिया गया है कि यदि इस दौरान उनकी मांगे न मानी गर्इं तो फिर किसान यूनियन आर पार की लड़ाई के लिए नई रणनीति तैयार करेगा।

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इससे पूर्व किसानों को सम्बोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने सरकार पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वो युवाओं को नक्सलवाद की ओर धकेल रही है। अध्यक्ष ने इस बात का जमकर विरोध किया कि किसानों के नलकूपों पर मीटर क्यों लगाए जा रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि यदि यह मीटर लग गए तो प्रत्येक मीटर का किराया कम से कम बीस हजार रुपये प्रति वसूला जाएगा और किसान इसके लिए किसी भी कीमत पर तैयार नहीं होंगे।

गौरव टिकैत ने भी सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसानों के खिलाफ साजिश की जा रही है और किसानों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है। गौरव टिकैत ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार डिवाइड एंड रुल की पॉलिसी पर चल रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार तीनों कृषि कानून किसानों के लिए फांसी थे

उसी प्रकार नलकूपों पर मीटर वाला कानून भी किसी फांसी से कम नहीं है और जब तक यह नियम वापस नहीं लिया जाएगा किसान चुप बैठने वाला नहीं है। गौरव टिकैत ने युवा किसानों को सलाह दी कि वो सरकार से कोई उम्मीद न रखें और अपनी जमीन पर ही रोजगार के अवसर तलाशें।

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उन्होंने सरकार की अग्निपथ योजना का भी विरोध किया और कहा कि यह भर्ती किसी सिक्योरिटी कम्पनी में भर्ती की तरह है। इस दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन की युवा इकाई के अध्यक्ष अनुराग चौधरी, ओमपाल मलिक, कुशलपाल आर्य, विनोद जिटौली, राजेन्द्र दौरालिया, सत्यवीर जंगेठी,भारतीय किसान आन्दोलन के पूर्व अध्यक्ष कुलदीप त्यागी, पवन खटाना, गजेन्द्र सिंह चौहान, अनुराग चौधरी व जिला पंचायत सदस्य अजीत प्रताप सहित बड़ी संख्या में किसान नेताओं ने सभा को सम्बोधित किया।

उन्होंने इस बात पर भी रोष जताया कि यह अफवाह भी फैलाई जा रही है कि जो नलकूूपों पर बिजली के मीटर लगाए जा रहे हैं उनका ठेका टिकैत परिवार के किसी सदस्य को ही दिया गया है। चौ. नरेश टिकैत ने सरकार से मांग की कि वो अन्य राज्यों की भांति बिजली रेट घटाए।

एमडी खुद पहुंचे मंच पर

पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी दोपहर के समय खुद मंच पर पहुंचे और किसानों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि जो मांग उनके स्तर की हैं वो उस पर सहानूभुतिपूर्वक विचार करेंगे जबकि जो मांगे शासन स्तर की हैं उन्हें वो शासन को लिखेंगे।

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इतना कहकर एमडी जब वापस जाने लगे तभी किसान फिर रोष में आ गए और बोले कि एमडी साहब हर बात खुलकर और खोलकर बताओ। इसके बाद एमडी ने किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए अपने कार्यालय में आमन्त्रित किया।

किसानों ने नलकूपों से उखाड़े बिजली मीटर

नलकूपों पर लगाए गए बिजली मीटरों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को ऊर्जा भवन पर हुए प्रर्दशन के दौरान विभिन्न गांवों के दर्जनों ने किसान ऐसे थे जो अपने नलकूपों पर लगाए गए मीटर उखाड़ कर उन्हें एमडी दफ्तर में जमा कराने लाए थे। कुछ किसान तो इतने उत्तेजित थे कि वो इन मीटरों की होली जलाने की बात कह रहे थे।

पुलिस प्रशासन को मंच से सीधी चेतावनी

मंच का संचालन कर रहे विनोद जिटौली ने बार बार मंच से स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष मंच पर पहुंच चुके हैं लिहाजा फौरन पुलिस के अधिकारियों को सभा स्थल पर भेजा जाए। कई बार मंच से घोषणा होने के बावजूद कोई अधिकारी या फोर्स नहीं आई तब किसानों ने बेहद सख्त लेहजे में चेताया तब कहीं जाकर पुलिस फोर्स मंच के इर्द गिर्द दिखी।

‘सिसौली राजधानी है, आंख न उठा दे कोई’

मंच पर कुछ वक्ता ऐसे भी थे जो बार बार सिसौली का नाम लेकर उसे किसानों की राजधानी के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। इन वक्ताओं ने मंच से ही चेतावनी दी कि यदि किसी ने किसानों की इस राजधानी कि ओर आंख उठाने की कोशिश भी की तो ठीक न होगा।

अधिकारियों को धूप में बैठाने पर अड़े किसान

किसानों के प्रदर्शन के दौरान तेज गर्मी व उमस से किसान उबल रहे थे। धरने के बीच में कई बार किसान उत्तेजित भी हुए और अधिकारियों को बुलाकर उन्हें भी उनके साथ धूप में बैठाने पर अड़ गए।

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