- टोल प्लाजा पर अभी होता है 30 फ़ीसदी कैश कलेक्शन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ/मोदीपुरम: सड़क परिवहन मंत्रालय के आदेश अनुसार 15 फरवरी से सभी टोल प्लाजा पर फास्टैग से ही पेमेंट अनिवार्य होने जा रहा है। टोल प्लाजा अधिकारियो ने जिसके चलते टोल प्लाजा की दोनों तरफ काउंटर खोले हुए हैं। जिसमें प्रतिदिन 100 से 150 तक फास्टैग बिक पाते हैं।
टोल प्लाजा पर अब भी 30 प्रतिशत कैश कलेक्शन होता है और सरकार ने इसको 15 फरवरी तक 100 प्रतिशत करने का आदेश दिया है। टोल अधिकारियों की मानें तो टोल प्लाजा से निकलने वाले वाहन तो टोल प्लाजा पर लगे फास्टैग काउंटर से अपना फास्टैग बनवा रहे हैं।

कंपनी के मैनेजर प्रदीप चौधरी ने बताया कि टोल प्लाजा के 10 किमी के रेडियस में अगर कोई रहता हो तो उनकी कारों को 75 प्रतिशत डिस्काउंट मिलता है और कॉमर्शियल वाहनों को 50 प्रतिशत मिलता है जो कि सिर्फ फास्टैग में ही मिलेगा जिसके लिए वाहन स्वामी को टोल प्लाजा के कार्यालय में लोकल के डॉक्यूमेंट सबमिट करने पड़ेंगे।
लोग ज्यादा से ज्यादा जागरूक हो इसके लिए टोल प्लाजा प्रबंधक ने आसपास में आने वाले गांवों में फास्टैग बिक्री करने के लिए कैंप लगाना शुरू कर दिया है शुक्रवार को मटोर गांव में फास्टैग का काउंटर लगाया गया परंतु शाम तक एक भी फास्टैग नहीं बना।
इस पर टोल प्लाजा मैनेजर प्रदीप चौधरी ने बताया कि लोकल लोग फास्टैग लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। कॉमर्शियल वाहनों पर 90 प्रतिशत फास्टैग लग चुके हैं। जबकि 75 प्रतिशत अन्य वाहनों पर भी अब तक लग चुके हैं हालांकि इसमें लोकल के दायरे में रहने वाले ग्रामीण अपने वाहनों पर फास्टैग नहीं लगवा रहे हैं लेकिन उसके बावजूद भी टोल प्रबंधन प्रत्येक गांव में कैंप लगाकर ग्रामीणों को जागरूक कर रहा है।

