Tuesday, August 9, 2022
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutपहले दिखाई दरियादिली, अब भुगतान में प्रशासन दिखा रहा आंखें

पहले दिखाई दरियादिली, अब भुगतान में प्रशासन दिखा रहा आंखें

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  • ठेकेदारों ने कहा-एक सप्ताह में भुगतान न हुआ तो भूख हड़ताल पर बैठेंगे
  • आबकारी आयुक्त को सुनाया दुखड़ा, जल्द भुगतान का मिला आश्वासन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना काल में शहर में जरूरतमंदों का पेट भरने के लिए जिला प्रशासन ने रसोई के चार टेंडर जारी किए थे, लेकिन टेंडर प्रक्रिया में तीन रसोई के लिए ठेकेदारों का चयन हो सका था। तीनों रसोई और उनके ठेकेदारों ने 19 मई से काम शुरू कर दिया था।

अतिथि भवन, बैजल भवन, ओलीविया, आॅल सेंट, डिफेंस इन्क्लेव और कम्युनिटी हाल पांडव नगर में रसोई चलाने वाले ठेकेदारों को करीब पांच करोड़ का भुगतान न होने से भुखमरी की स्थिति आ गई है। ठेकेदारों का कहना है कि बैंकों से लोन लेकर सामुदायिक किचन शुरु की गई थी और किश्तों का भुगतान न होने से बैंकों के नोटिस धड़ाधड़ आ रहे है। परेशान ठेकेदारों ने गुरुवार को आबकारी आयुक्त पी गुरुप्रसाद से मुलाकात कर भुगतान कराने की मांग की।

सामुदायिक किचन के ठेकेदारों सलीम खान और अतुल शर्मा आदि के हिस्से में ए-डिफेंस एन्क्लेव, कंकरखेड़ा के लिए सेवन इलेवन 37 रुपये, फर्स्ट किचन 31.60 रुपये, जेडी रेस्टोरेंट 37.75 रुपये की बोली लगी। इनमें से फर्स्ट किचन को खाने का ठेका दे दिया गया।

पांडव नगर के लिए सौभाग्य इंडस्ट्रीज-29.29 रुपये, सीक्रेट शेफ-32.40 रुपये की बोली लगाई। यहां सौभाग्य इंडस्ट्रीज को ठेका दे दिया गया। इसमें भी सात लोगों ने हिस्सा लिया था। बैजल भवन के लिए शीतल ने 37.50 रुपये, अतुल शर्मा ने 29.70 रुपये की बोली लगाई। इनमें अतुल शर्मा को ठेका दिया गया। इसमें भी सात लोगों ने टेंडर डाले थे। ठेकेदारों को 20 हजार पैकेट रोज बनाने थे।

इसमें सब्जी, दाल, चावल, रोटी/पूरी आदि रखी गई थी। मुख्य ठेकेदार सलीम खान ने बताया कि 20 मई को किचन चालू कर दी गई थी। इससे पहले प्रशासन सलीम खान के जरिये जरुरतमंदों को खाना खिलवा रहा था और करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान हो गया था। भाजपा नेताओं के द्वारा किये गए बवाल के बाद टेंडर दोबारा डाले गए थे। सलीम खान ने बताया कि करीब सात महीने बाद भी प्रशासन ने भुगतान नहीं किया है।

ठेकेदारों का करीब साढ़े चार करोड़ रुपया फंसा हुआ है। ठेकेदार सलीम ने आबकारी आयुक्त और नोडल अधिकारी पी गुरुप्रसाद से मुलाकात की और कहा कि जिस बैंक से एडवांस लेकर काम शुरु किया था उसके चार नोटिस आ चुके हैं और सभी के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

सलीम ने कहा कि चार अप्रैल से लेकर पांच जून तक दो महीने तक रोज 20 हजार पैकेट खाना बांटा गया था। पूर्व डीएम अनिल ढींगरा से मिलकर कई बार भुगतान कराने को कहा गया तो उनकी तरफ से झूठा आश्वासन ही मिला। ठेकेदारों ने कहा कि पहले अधिकारी दरियादिली दिखा रहे थे और अब भुगतान के नाम पर दूरियां बना रहे हैं।

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