नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को बड़े हर्ष और भक्ति के साथ गोवर्धन पूजन मनाया जाता है। इस बार यह शुभ अवसर आज बुधवार को है। आमतौर पर गोवर्धन पूजन दिवाली के अगले दिन आयोजित किया जाता है, लेकिन इस बार पंचांग के अनुसार अमावस्या की तिथि दो दिन होने के कारण पूजा बुधवार को होगी। इस खास दिन को अन्नकूट पर्व भी कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की पूजा करके अपने गाँव की रक्षा की थी। इस अवसर पर घरों और मंदिरों में बड़े पैमाने पर गोवर्धन की पूजा और भव्य अन्नकूट का आयोजन किया जाता है। भक्त गोवर्धन की पूजा करके सुख, समृद्धि और परिवार की रक्षा की कामना करते हैं।
गोवर्धन पूजा का पर्व प्रकृति के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक है। इस दिन लोग गोवर्धन पर्वत की पूजा करके प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान करते हैं और उनके संरक्षण का संकल्प लेते हैं। पूजा के समय कोई भी सामग्री कम न पड़े, इसलिए हमने आपके लिए गोवर्धन पूजन की समस्त आवश्यक सामग्री की पूरी लिस्ट तैयार की है। ऐसे में आइए जानते हैं शुभ मुहूर्त और वह सामग्री जो आपकी पूजा को पूर्ण और सफल बनाएगी।
गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त
गोवर्धन पूजा 2025 के लिए शुभ मुहूर्त इस साल दोपहर 3:13 बजे से लेकर शाम 5:49 बजे तक रहेगा। इस दौरान स्वाति नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग बनेगा, जो पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। खास बात यह है कि इस दिन सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा भी गोचर करेंगे, जिससे यह समय विशेष रूप से कल्याणकारी और शुभ रहेगा। इस समय में पूजा करने से भगवान श्री कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होने की संभावना अधिक होती है।
सामग्री लिस्ट
गोबर – गोवर्धन पर्वत का आकार बनाने के लिए
मिट्टी का दीया – पूजा में दीप जलाने के लिए
घी – दीयों में लगाने और हवन में उपयोग के लिए
बाती या रुई – दीपक के लिए
गंगाजल या साफ पानी – पूजा में छिड़कने और आचमन के लिए
आम के पत्ते – कलश की सजावट के लिए
नारियल – कलश पर स्थापित करने के लिए
सुपारी – कलश और पूजा में चढ़ाने के लिए#
सिक्के या मुद्रा – लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है
भोग सामग्री
कच्चा चावल
गेहूं
दूध
दही
घी
गुड़
मिश्री
फल जैसे केला, सेब, अनार
सूखे मेवे जैसे काजू, बादाम, किशमिश
मिठाइयां– लड्डू, पेड़ा, खीर आदि
पूजन सामग्री
लाल कपड़ा – पूजा स्थल पर बिछाने के लिए
पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर का मिश्रण)
कपूर – आरती के लिए
अगरबत्ती या धूपबत्ती
गेंदे के फूल
पुष्पमाला
तुलसी के पत्ते
रोली, हल्दी, चावल (अक्षत)
पान के पत्ते और लौंग

