जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: एक दर्दनाक घटना में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ऐस सिटी सोसाइटी में रहने वाली महिला साक्षी चावला ने अपने ऑटिज्म से पीड़ित बेटे दक्ष के साथ 13वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना पूरे क्षेत्र को झकझोर गई है।
मानसिक बीमारी से जूझ रहा था बेटा, मां लंबे समय से थीं तनाव में
परिवार के करीबी और सोसाइटी के निवासियों के अनुसार, 7 वर्षीय दक्ष कई सालों से ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर से ग्रसित था। हालांकि उसका शारीरिक विकास सामान्य था, लेकिन मानसिक रूप से वह अन्य बच्चों के मुकाबले काफी पीछे था, जिससे परिवार बेहद परेशान रहता था।
साक्षी चावला, जो पहले एक आईटी कंपनी में काम करती थीं, बेटे की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ चुकी थीं। पति दर्पण चावला पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और हाल ही में बेटे को दिखाने के लिए पंजाब ले गए थे, जहां से दो दिन पहले ही लौटे थे।
“हम दुनिया छोड़ रहे हैं, सॉरी…”साक्षी का सुसाइड नोट
घटनास्थल से पुलिस को एक डायरी में सुसाइड नोट मिला है, जिसमें साक्षी ने लिखा “हम दुनिया छोड़ रहे हैं, सॉरी। हम तुम्हें अब और परेशान नहीं करना चाहते। हमारी वजह से तुम्हारी ज़िंदगी खराब न हो। हमारी मौत का जिम्मेदार कोई नहीं है। हमें माफ करना।”
पुलिस के अनुसार, सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और संदिग्ध पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है। अभी तक परिवार की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
13वीं मंजिल से गिरने के बाद तेज धमाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मां और बेटे ने शाफ्ट की ओर से छलांग लगाई, जिससे गिरने पर इतनी तेज आवाज हुई कि कई लोगों को लगा सिलिंडर फट गया। इसके बाद तुरंत सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची।
“बर्न आउट सिंड्रोम” जानें इसके बारे में..
एक्सपर्ट्स मनोवैज्ञानिक का कहना है कि “ऑटिज्म से जूझ रहे बच्चों के माता-पिता लंबे समय तक मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबाव में रहते हैं। यह स्थिति ‘बर्न आउट सिंड्रोम’ कहलाती है, जिसमें वे जीवन को लेकर निराश हो जाते हैं।”
उन्होंने कहा कि बच्चे की मनोवैज्ञानिक जांच और परिवार को मानसिक स्वास्थ्य पर मदद मिलना बेहद जरूरी है। “कई बार ये परिवार सामाजिक सहयोग और सही मार्गदर्शन के अभाव में आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं।”
पुलिस जांच जारी
घटना के बाद से पूरी सोसाइटी में मातम पसरा है। स्थानीय लोग स्तब्ध हैं कि एक ऐसा परिवार, जो हमेशा मुस्कुराता नजर आता था, अंदर ही अंदर इतने गहरे तनाव से जूझ रहा था।

