Saturday, May 23, 2026
- Advertisement -

कागजों में ग्रीन बेल्ट: बचाने की एमडीए क्यों नहीं कर रहा पहल ?

  • वायु प्रदूषण से बचाने के लिए ग्रीन बेल्ट भी शहर के लिए होती हैं अहम्

रामबोल तोमर |

मेरठ: प्रदेश के 10 बड़े शहर सर्वाधिक प्रदूषण युक्त है, जिसमें मेरठ भी शामिल है। जो बेहद चिंताजनक भी है। वायु प्रदूषण से बचाने के लिए ग्रीन बेल्ट भी शहर के लिए अहम् होती हैं, लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने मास्टर प्लान 2021 में शहर की कई सड़कों पर ग्रीन बेल्ट का प्लान तो कर दिया, मगर यह प्लान सिर्फ कागजों में, धरातल पर नहीं।

यह सच सरकारी सिस्टम के लिए बेहद कड़वा हो सकता हैं, मगर सच्चाई तो यही हैं। ग्रीन बेल्ट जब मास्टर प्लान में छोड़ी गई है तो फिर मौके पर क्यों नहीं हैं? इस पर एमडीए अधिकारियों ने गंभीरता क्यों नहीं दिखाई? यदि गंभीरता दिखाई होती तो शायद अब एनजीटी की फटकार के बाद ग्रीन बेल्ट में बनाये गए व्यापारिक प्रतिष्ठान या फिर आवास को रोका जा सकता था।

पेड़-पौधे भी बहुतायात में होने चाहिए, जिस तरह से कैंट ऐरिया में पेड़ बहुत है। इसी तरह से बाकी शहर में भी ग्रीन बेल्ट पर विशेष फोकस करने की आवश्यकता थी। एनजीटी ने भी मेरठ शहर की सड़कों के समीप छोड़ी गई ग्रीन बेल्ट को कब्जा मुक्त कराने के लिए डीएम व एमडीए उपाध्यक्ष को आदेश दिये हैं, मगर इसके बाद भी किसी तरह का सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। इसके जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।

दरअसल, एनएच-58 पर भी ग्रीन बेल्ट है। यहां भी ग्रीन बेल्ट पर लोग अवैध निर्माण कर काबिज हो गए हैं। कहीं भी धरातल पर ग्रीन बेल्ट पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही हैं। बागपत रोड पर 11 दुकानें ग्रीन बेल्ट में बनी थी, जिनको एमडीए इंजीनियरों ने गिराने का काम किया। बड़ा सवाल यह है कि जब ये ग्रीन बेल्ट है तो फिर यहां पर एमडीए इंजीनियरों ने निर्माण ही क्यों होने दिया?

पहले अवैध निर्माण कराया जाता है, फिर उसे ध्वस्तीकरण किया जाता है। आखिर सरकारी सिस्टम किस तरह से काम कर रहा है, यह भी जांच का विषय है। इसी तरह से सरधना रोड पर भी सड़क के दोनों और ग्रीन बेल्ट है। ग्रीन बेल्ट पर धड़ाधड़ अवैध निर्माण हो गए हैं, जिस पर एमडीए का बुल्डोजर नहीं चल पा रहा है।

आखिर क्यों? ग्रीन बेल्ट को भी एमडीए नहीं बचा पा रहा है, जिसके चलते शहर के एंट्री प्वाइंट भी बदसूरत हो रहे हैं। मोदीपुरम में भी ग्रीन बेल्ट हैं, जिस पर अवैध कब्जे हो गए हैं। ग्रीन बेल्ट मास्टर प्लान में सिर्फ कागजों तक सीमित है। मवाना रोड पर भी ग्रीन बेल्ट कागजों में हैं। धरातल पर कहीं भी ग्रीन बेल्ट को बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किये जा रहे हैं। यही वजह है कि ग्रीन बेल्ट खत्म होती जा रही है।

डा. अजय कुमार ने ग्रीन बेल्ट कब्जा मुक्त कराने का अभियान छेड़ रखा है। वह ग्रीन बेल्ट पर अवैध कब्जे के सवाल पर एनजीटी में भी गए हैं, जहां पर एक याचिका दायर कर ग्रीन बेल्ट को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की मांग की है। उनकी याचिका पर एनजीटी ने डीएम, एमडीए व नगर निगम से जवाब भी मांग लिया है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

Delhi News: निजी स्कूलों के लिए बड़ा फैसला, सरकारी मंजूरी के बिना भी बढ़ा सकते है फीस

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों...

Weather Update: देशभर में भीषण गर्मी का कहर, IMD ने 28 मई तक जारी की चेतावनी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: देशभर में लगातार बढ़ती गर्मी...

NEET-UG 2026 परीक्षा शुल्क रिफंड प्रक्रिया शुरू, 27 मई तक भरें बैंक डिटेल्स

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने...

Chirag Paswan: पेट्रोल-डीजल महंगाई पर चिराग पासवान का बयान, कहा बढ़ते दामों पर नियंत्रण की पूरी कोशिश

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग...
spot_imgspot_img