- आरआरटीएस ने बंगलों को खाली करने के लिए गेट पर चस्पा किये नोटिस
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रक्षा मंत्रालय की ओपन जमीन पर बेगमपुल के पास रैपिड रेल का स्टेशन बनेगा। अंडर ग्राउंड स्टेशन का काम चल रहा था, लेकिन यह जमीन पर्याप्त नहीं थी। अब तय हो गया है कि रक्षा मंत्रालय ने नेशनल स्कूल के मैदान, बंगला नंबर 80,81, 82, 83 आरआरटीएस को देने के आदेश दे दिए हैं।
अब यहां पर आरआरटीएस बहुत पहले कैंट क्षेत्र की ओपन लैंड की मांग की थी। इस मांग को रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार कर लिया तथा कैंट क्षेत्र की ओपन लैंड बंगला नंबर 80, 81, 82 और 83 को आरआरटीएस को सौंप दिया। सरकारी दस्तावेजों पर इसके हस्ताक्षर हो गए। इस तरह से विधिवत रूप से यह जमीन आरआरटीएस की हो गई।
यहां पर आरआरटीएस की तरफ से जिन लोगों का बंगलों पर कब्जा था, उनके मुख्य गेट पर नोटिस भी चस्पा कर दिए गए हैं। अब यह बंगले खाली कराए जा रहे हैं। बंगलों के ओपन लैंड में कबाड़ का सामान भरा हुआ था। सोतीगंज के कुछ कबाड़ियों ने भी खराब गाड़ियों को यहां पर स्टॉक कर रखा था, जिसको खाली कराया जा रहा हैं। नेशनल स्कूल का ओपन मैदान भी यहां पर मौजूद था।
स्कूल की खेल गतिविधियां यहां पर चलती थी, इस मैदान को भी आरआरटीएस को हैंड ओवर कर दिया गया। इस तरह से अब कुछ समय बाद यहां पर आरआरटीएस रैपिड रेल का स्टेशन आकार लेता हुआ दिखाई देगा। वैसे तो पहले से ही बेगमपुल पर स्टेशन का तेजी से अंडरग्राउंड काम चल रहा है, लेकिन अब इसी से सटकर यह जमीन रक्षा मंत्रालय से आरआरटीएस ने ली है।
वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में आरआरटीएस के पास स्टेशन की जगह होगी और यहां पर वाहनों को पार्क भी किया जा सकता है। स्टेशन के पास ही वाहनों की पार्किंग भी की जाएगी, जिसके लिए यह जमीन रक्षा मंत्रालय से ली गई हैं। इतनी व्यवस्था जमीन की हो गई है, किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। चार बंगले की ओपन लैंड को रक्षा मंत्रालय ने स्वीकृति तो दे दी, लेकिन अब इनका खाली कराना भी बड़ी चुनौती है। वर्तमान में इन बंगलों में लोग रह रहे थे। इनको कहां शिफ्ट किया जाएगा, यह अब देखना बाकी है।

