- हरपाल ने कहा-वादा किया था सरधना से टिकट देंगे
- शिवपाल यादव और आजम खान का सम्मान तक नहीं पार्टी में
- लोहिया और मुलायम सिंह यादव के विचारों को तिलांजलि दी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पूर्व एमएलसी हरपाल सैनी ने समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर अहंकार का आरोप लगाते हुए पार्टी से नाता तोड़ लिया है। सपा छोड़ने के बाद अब वो किस पार्टी में जाएंगे अभी तय नहीं किया है, लेकिन उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी में अब राम मनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र जैसे विचारकों की कोई जगह नहीं रह गई है। जिस पार्टी में शिवपाल यादव जैसे वरिष्ठ नेता का सम्मान न हो और जिस पार्टी का शीर्ष नेतृत्व अहंकारी हो, ऐसे चापलूसों और दागियों की पार्टी से मेरा मोह भंग हो गया है।
शास्त्रीनगर स्थित आवास पर पूर्व एमएलसी हरपाल सैनी ने कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्य के कहने पर भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुआ था और पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वादा किया था कि सरधना सीट पर चुनाव लड़वाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अतुल प्रधान को टिकट दे दिया गया। बाद में कहा कि एमएलसी बनाएंगे, लेकिन पार्टी चुनाव हार गई। अतुल प्रधान को चुनाव जितवाने में ओबीसी वोटों का धु्रवीकरण सपा के पक्ष में किया, लेकिन अतुल प्रधान ने जीतने के बाद धन्यवाद तक नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव के प्रति अखिलेश यादव का व्यवहार अहंकारपूर्ण है और उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया जा रहा है। इसी तरह आजम खान को दरकिनार किया जा रहा है। जिस पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी कर चापलूसों को तवज्जो दी जा रही हो वो सपा अब विचारधारा वाली पार्टी नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि अपने सहयोगियों, पिछड़े समाज के साथियों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद नई दिशा तय करेंगे। 1996 और 2002 में सरधना विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हरपाल सैनी का कहना है कि जहां समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के अहंकारी स्वभाव के कारण परेशानी हुई।
वहीं, स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा नेताओं के प्रति दिये गए अशोभनीय बयानों के कारण मन खट्टा हो गया था। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी में जाने का निर्णय गलत साबित हुआ और अब नई दिशा जल्द तय करेंगे। उन्होंने कहा कि हमेशा सदन में पिछड़ों और गरीबों की आवाज बुलंद करता रहा। चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने मुझे सम्मान और प्रतिष्ठा देने का वादा किया था, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं हुआ।

