- घटना का वीडियो वायरल आरोपी के पिता ने की एसएसपी से शिकायत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हर्ष फायरिंग प्रथा पर रोक लगाने के बाद भी हर्ष फायरिंग की घटनाओं का जारी रहना स्थानीय पुलिस पर सीधा सवाल करता है। स्थानीय पुलिस की लापरवाही की वजह से नामकरण या फिर अन्य खुशी के मौकों पर, शादियों में बंदूक और गोलियां चलाई जाती है। पुलिस इस मामले पर उदासीनता का रवैया अपनाती है। शादी समारोह में लोग गोली चला कर अपना रुतबा दिखाना चाहते हैं, लेकिन पुलिस कानून का रुतबा दिखाने हर दिन विफल हो रही है।
दौराला क्षेत्र का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें आधा दर्जन लोग हाथ में तमंचा लेकर हर्ष फायरिंग कर रहे हैं। हैरत की बात ये है कि वीडियो वायरल होने के बावजूद पुलिस ने केवल एक युवक पर मुकदमा दर्ज किया है। जिस युवक को पुलिस ने फायरिंग में आरोपी बनाया है, उसके पिता ने शनिवार को एसएसपी आफिस पर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाये। यहां तक कहा है कि पुलिस ने उसके बेटे को जानबूझकर फायरिंग में फंसाया है। जबकि उसके हाथ में कोई तमंचा ही नहीं है। वह फायरिंग भी नहीं कर रहा है।
दौराला क्षेत्र का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें एक बच्चे का नामकरण कार्यक्रम चल रहा है। उसमें तमाम बच्चे शामिल हुए हैं। तभी बच्चों के सामने ही ताबड़तोड़ फायरिंग की जा रही है। वीडियो सामने आया तो पुलिस ने एक युवक को आरोपी बनाते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी युवक के पिता कृष्णपाल ने शनिवार को एसएसपी से मिलकर बताया कि वायरल वीडियो में आधा दर्जन लोग फायरिंग कर रहे हैं, लेकिन पुलिस ने आरोपियों से सांठगांठ कर उसके बेटे को दोषी ठहराते हुए मुकदमा लिख दिया। जबकि उसका बेटा न गोली चला रहा है और न ही उसके हाथ में तमंचा है। उन्होंने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
स्वामीपाड़ा में हत्या लूट वारदात में पुलिस को मिला क्लू
कोतवाली थाना के स्वामीपाड़ा इलाके में घर में घुसकर महिला की हत्या व लूट की वारदात में पुलिस को कुछ क्लू मिले हैं। दरअसल, पुलिस ने कुछ ऐसे लोग उठाए हैं जो रंगाई पुताई का काम करते हैं। हालांकि उनको उठाए जाने के बाद रंगाई-पुताई करने वालों की यूनियन के कई नेता थाना कोतवाली में आ धमके। उनकी ओर से सफाई दी गयी कि जिन्हें उठाया गया है वो तो वारदात वाले घर में रंगाई पुताई के काम के लिए कभी आए ही नहीं। पूछताछ के नाम पर जिन्हें उठाया गया उन्होंने ही बताया कि अमुक लोग इस मकान में रंगाई पुताई के लिए आए थे।
बस यहीं से पुलिस को क्लू मिलने की शुरुआत हुई। उसके बाद पुलिस ने कुछ लोगों के फोटो का इंतजाम किया। वो फोटो मेडिकल में भर्ती घायल सरिता को दिखाए। उनसे पूछा कि क्या वह इनको पहचानती हैं, लेकिन उन्होंने कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया। पुलिस के लिए इस मामले में सबसे बड़ी मुसीबत महिला की मानसिक दशा है। घटना को लेकर सरिता कुछ भी साफ-साफ नहीं बता पा रही हैं। यहां तक कि उन्हें अभी तक यह नहीं पता कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही। जिन्होंने वारदात को अंजाम दिया, उन्होंने उनकी बेटी की भी जान ले ली है। लेकिन आज अच्छी बात यह रही कि सरिता की दूसरी बेटी को पुलिस ने आज उनसे मिलवाया। वहीं, इस संबंध में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि कुछ सुराग मिले हैं, उम्मीद की जानी चाहिए कि घटना का शीघ्र अनावरण कर दिया जाएगा।

