- दूसरा पुत्र गंभीर घायल, गंगनहर पुल पर शव रखकर जाम लगा रही भीड़ पर लाठीचार्ज, शव छीन ले गयी पुलिस
- धौलड़ी में गम और गुस्सा, पुलिस के आला अधिकारी व विधायक गुलाम मोहम्मद पहुंचे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ/जानीखुर्द: थाना क्षेत्र के गांव धौलड़ी निवासी पिता व उनके तीन पुत्रों को गाजियाबाद के गांव खिंदौड़ा में पानी के विवाद के चलते गोलियों से भून डाला गया। पिता व दो पुत्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घटना के विरोध में गंगनहर पटरी पर जाम लगा रही भीड़ पर लाठीचार्ज कर पुलिस शव छीनकर ले गयी। देर शाम शव धौलड़ी पहुंच गए। घटना को लेकर ग्रामीणों में गम और गुस्सा है। गाजियाबाद के एडिशनल कमिश्नर दिनेश कुमार व सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद मृतकों के घर पहुंचे। परिजनों को सांत्वना दी।
क्षेत्र के गांव धौलड़ी निवासी सिराजुद्दीन उर्फ पप्पू पुत्र मान ने थाना निवाड़ी के गांव खिंदौड़ा के वेद प्रकाश त्यागी उर्फ घमंडी के आम के बाग बटाई पर ले रखे हैं। परिजनों ने बताया कि एक दिन पहले शुक्रवार की शाम को सिराजुद्दीन अपने तीन बेटों शाहनवाज, चांद व सूफियान के साथ बाग में गये थे। वहां रजवाहे का पानी चलाने लगे। तभी पड़ोस वाले बाग के खिंदौड़ा निवासी सुधीर त्यागी अपने पुत्र दीपक, बिट्टू व लवली आदि के साथ वहां पहुंचे। पानी को लेकर उनके बीच कुछ विवाद हुआ। विवाद की सूचना पर बाग का मालिक वेद प्रकाश वहां पहुंच गया और दोनों में सुलह करा दी।
आरोप है कि रात करीब 10 बजे सुधीर त्यागी व उसके पुत्र कुछ अन्य लोगों को लेकर बाग में पहुंचे और गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। करीब 20 राउंड फायर किए गए। फायरिंग में सिराजुद्दीन व उसके बेटे शाहनवाज की मौके पर ही मौत हो गयी। जबकि दूसरा बेटा चांद बेहद गंभीर घायल हो गया। उसको पहले मोदीनगर और बाद में मेरठ के न्यूटिमा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से दिल्ली रेफर कर दिया। उसको भी छह गोली लगी हैं। फायरिंग के दौरान किसी प्रकार से सूफियान वहां से बचकर भाग निकला और घर पहुंचा। उसने घर जाकर घटना की जानकारी दी तो वहां कोहराम मच गया। कई लोग खिंदौड़ा के लिए रवाना हो गए।
परिजनों ने पिता-पुत्र के शव गंगनहर की पटरी पर रखकर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया तो पहले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर शव छीनकर पोस्टमार्टम को भिजवा दिये, लेकिन शाहनवाज का शव नहीं मिला। पुलिस, परिजन व ग्रामीण घंटों शाहनवाज के शव की तलाश करते रहे। शनिवार की सुबह डॉग स्क्वाड की मदद से शाहनवाज का शव रजवाहे से बरामद किया गया।
परिजनों से मिलने पहुंचे एडिशनल कमिश्नर
गाजियाबाद के एडिशनल कमिश्नर दिनेश कुमार जानीखुर्द के धौलड़ी में रहने वाले परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्होंने मौके से बचकर भागे सूफियान से घटना की जानकारी ली। कुछ देर बाद वहां सिवाल विधायक गुलाम मोहम्मद भी पहुंच गए थे। उन्होंने भी परिजनों से बातचीत की व मदद का भरोसा दिलाया।
जनाजे में उमड़ी भीड़
पिता-पुत्र के जनाजे में गांव ही नहीं आसपास के गांव के भी लोग पहुंंचे। इस दौरान भारी संख्खा में पुलिस फोर्स मौजूद रही। गांव के कब्रिस्तान में उन्हें दफना दिया गया।

