Friday, June 14, 2024
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हस्तिनापुर ने किया नये इतिहास का सृजन

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  • चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सुभाष चन्द्र प्रेक्षागृह में तीन दिवसीय आयोजित आयुर्वेद पर्व के उद्घाटन कार्यक्रम में बोले-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सुभाष चन्द्र प्रेक्षागृह में तीन दिवसीय आयोजित आयुर्वेद पर्व के उद्घाटन कार्यक्रम में बोलते हुए प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ कहा कि ये मेरठ की धरती हैं, भारत के इतिहास की धरती हैं। महाभारत के रचनाकार वाली धरती हैं। मेरठ से कुछ ही दूरी पर हस्तिनापुर हैं, जिसने महाभारत की नींव रखी थी और एक नये इतिहास का सर्जन किया था।

आने वाली पीढ़ी को एक धरोहर दी थी, जिसमें घोषणा भी की थी कि धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चार मानवीय पुरुषार्थ है। इनसे संबंधित जो कुछ भी है, वो सब इस ग्रंथ में हैं। जो इसमें नहीं हो रहा, वो ग्रंथ में नहीं हैं। उद्घोष करने वाली धरती हैं। देश की आजादी प्रथम स्वतंत्र स्वर उद्घोष करने वाली क्रांतिधरा हैं। अन्नदाता किसानों के पुरुषार्थ की धरा भी मेरठ हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को आयुर्वेद पर्व के तीन दिवसीय उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे। कहा कि अलहादित करने वाले क्षण हैं। जब इस आयुर्वेद पर्व पर तमाम विशेषज्ञ और उप राष्टÑपति जगदीप धनखड़ का आशीर्वाद प्राप्त हो रहा हैं, ये सौभाग्य की बात हैं। भारत की परंपरागत चिकित्सा पद्धति पिछले नौ वर्ष के अंदर एक लंबी छल्लांग लगाकर दुनिया के अंदर छाने की स्थिति में हैं। इसका श्रेय पीएम नरेन्द्र मोदी को जाता हैं।

जिन्होंने पहली बार परंपरागत चिकित्सा पद्धति को आयुष मंत्रालय में लेकर और योग, आयुर्वेद, यूनानी, प्राकृतिक चिकित्सा को लेकर मंत्रालय का गठन किया। 21 जून 2016 को योग दिवस दुनिया मना रही हैं। योग की क्रिया के साथ सभी जुड़ते हैं। दुनिया को जोड़ने आयुर्वेद को दुनिया में स्थापित करने को पीएम नरेन्द्र मोदी ने प्रयास किये, जो परिणाम आपके सामने हैं। पौराणिक और ऐतिहासिक धरा की पृष्ठ भूमि पर उप राष्टÑपति का स्वागत किया।

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कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नौ वर्ष पहले परंपरागत चिकित्सा को आगे बढ़ाने का कार्य किया, जो इतिहास में दर्ज हो गया हैं। इसी का परिणाम है कि यूपी में 3039 आयुष चिकित्सालय मौजूद हैं। 105 आयुष महाविद्यालय कार्यरत हैं। परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के लिए कार्य किये जा रहे हैं।

इनका बजा आयुर्वेद के क्षेत्र में डंका

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर में जन्में और आयुर्वेद का डंका बजाने वाले उन नामचीन वैद्यों का जिक्र भी किया। कहा कि क्रांतिधरा पर जन्मे और आयुर्वेद का दुनिया भर में डंका बजाने वाले वैद्य रामसहाय कौशिक, हरिदत्त, कृष्ण लाल वाजपेयी, मुरारी लाल शर्मा, पशुपति नाथ और विष्णुदत्त शर्मा आदि वैद्यों ने आयुर्वेद के क्षेत्र में देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया हैं

तथा प्राचीन आयुर्वेद चिकित्सा को आगे बढ़ाने का काम किया। उनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम हैं। राष्टÑपति के जाने-माने चिकित्सक पदम पुरस्कार से सम्मानित हकीम सैफुद्दीन का भी उन्होंने जिक्र किया तथा कहा कि हकीम सैफुद्दीन जाने-माने वैद्य थे, जो मेरठ के निवासी थे। आयुर्वेद के क्षेत्र में क्रांतिधरा से बहुत सारी प्रतिभाएं निकली, जिनका आयुर्वेद को आगे बढ़ाने में बड़ा योगदान रहा।

ये लोग रहे मौजूद

डा. लक्ष्मीकांत वाजपेई, सचिव आयुष मंत्रालय राजेश कोटेचा, वैद्य देवेंद्र त्रिगुणा, जयंत देव पुजारी, प्रोफेसर राकेश शर्मा, बृज भूषण शर्मा, प्रोफेसर वैद्य गोपाल दत्त शर्मा, राज्यसभा सांसद कांता कर्दम, सांसद राज्यसभा विजय पाल सिंह तोमर, सांसद बागपत सत्यपाल सिंह, विधायक कैंट अमित अग्रवाल, डा. सरोजनी अग्रवाल, पूर्व एमएलसी हरपाल सैनी, पुलिस महानिदेशक पीटीएस अनिल अग्रवाल, एडीजी राजीव सब्बरवाल, आयुक्त सेल्वा कुमारी जे, आईजी प्रवीण कुमार, डीएम दीपक मीणा, सीडीओ शशांक चौधरी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

उपराष्ट्रपति के भाषण पर बार-बार बजी तालियां

लोकसभा में आज तक माइक बंद नहीं हुआ। कोई बाहर जाकर कहता है कि माइक बंद किया जाता है। यह कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं। सोचो छाती पर कितना सांप लोटता होगा। वहीं उन्होंने कहा कि सदन में अपने मन की बात खुलकर रखें।

रामदेव से पूछा कैसे गुस्सा दूर करें

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संसद की गरिमा पर चोट से आहत दिखे। उन्होंने बताया कि एक बार मेरी मुलाकात बाबा रामदेव से हुई। रामदेव ने गुस्सा दूर करने के योग बताए, मैंने कहा कोई ऐसा योग बनाइए की संसद की गरिमा बनी रहे।

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मेरी यह बात सुनकर रामदेव हंसने लगे। संसद चर्चा के लिए है, हंगामे के लिए नहीं। हमें क्या बोलना है, इस पर सोचना चाहिए। अपनी वाणी को काबू में रखना चाहिए। हमें कुछ भी नहीं बोलना चाहिए।

सफाई में क्रांतिकारी बदलाव

उन्होंने कहा आज दुनिया भर में हर विषय पर भारत क्या सोचता है, इसका इंतजार किया जाता है। कोरोना काल में 140 करोड़ लोगों के लिए किए गए प्रयास और जनता कर्फ्यू का निर्णय बहुत कारगर रहा। दुनिया अचंभित थी कि कैसे भारत ने कोरोना को काबू कर लिया। देश में बड़े पैमाने पर जनता को नि:शुल्क गैस कनेक्शन दिए गए हैं। एक अप्रैल 2020 से गरीबों को नि:शुल्क राशन दिया जा रहा है। सफाई के मामले में देश में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं।

गली में छोरा, गांव में ढिंढोरा

आयुर्वेद के लिए चुटीले अंदाज में बोले, यह ऐसा ही है जैसे गली में छोरा और गांव में ढिंढोरा। चिकित्सा की सभी पद्धतियों का सम्मान करता हूं, लेकिन आयुर्वेद का अपना अलग स्थान है। यह प्राचीन है, हमारी सभ्यता में शामिल है। अब सेहत के लिए मोटे अनाज को प्राथमिकता दी जा रही है। कोरोना से रोकथाम में आयुर्वेद ने महती भूमिका निभाई।

विवि में उतरवाया हेलीकॉप्टर

उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुझे कृषक का बेटा कहा, यह मेरे लिए बहुत ही गर्व की बात है। आज मुख्यमंत्री ने चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में मेरा हेलीकॉप्टर उतरवाया। इससे मैं गदगद हूं।

मुख्यमंत्री की पीठ थपथपाई

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पीठ थपथपाई। कहा कि ऐसा लगता था कानून व्यवस्था काबू नहीं आएगी, मगर न सिर्फ काबू आई, बल्कि काबू करने की जड़े भी मजबूत हो गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को भी सराहा। कहा कि दुनिया में अब भारत का डंका बज रहा है, जो प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता का परिणाम है।

आयुर्वेद से चौथी पीढ़ी का नाता हैं…

उपराष्टÑपति जगदीप धनखड़ ने राज्यभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का दो बार नाम ही नहीं लिया, बल्कि उनके पारिवारिक वंश बेल के बारे में भी ऐसा बोल दिया कि प्रेक्षागृह में तालियां बजने लगी। कहा कि वाजपेयी जी…लक्ष्मी से नाता हैं, लेकिन आयुर्वेद से चौथी पीढ़ी का नाता हैं।

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