- अवैध कॉम्प्लेक्स पर मेडा ने पुलिस प्रशासन पर फोड़ा ठीकरा, प्राधिकरण अफसर तलब, 21 को सुनवाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दो फीट की गली में 100 दुकानों का अवैध कॉम्प्लेक्स कैसे बनकर तैयार हो गया। शहर की घनी आबादी वाले शीश महल, लाला का बाजार, शहर सराफा बाजार, नील की गली सरीखे तमाम इलाकों में तंग गलियों जिनमें से कुछ में गलियों से तो ई-रिक्शा या आॅटो भी नहीं निकल सकता वहां 100 या इससे अधिक दुकानों के कॉम्प्लेक्स कैसे बन गए। मेरठ विकास प्राधिकरण के अफसर कैसी डयूटी कर रहे थे,
जो उन्हें मेरठ शहर की गली कूचों में अवैध रूप से बनाए जा रहे कॉम्प्लेक्सों की भनक तक नहीं लगी। शहर की तंग गलियों में अवैध कॉम्प्लेक्सों को लेकर मिशन कंपाउंड थापर नगर निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट मनोज चौधरी की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट ने मेडा अफसरों को तलब कर लिया है और सवाल किया है कि शहर के पुराने मकान कैसे 100-100 दुकानों के अवैध कॉम्प्लेक्सों मे तब्दील हो गए।
मेरठ के अवैध कॉम्प्लेक्सों पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के चाबुक से घबराए मेडा प्रशासन ने सारा कसूर मेरठ के पुलिस प्रशासन के आला अफसरों का बता दिया। दरअसल, इस मामले की पहली सुनवाई इसी साल 29 अप्रैल को हुई थी। उसके बाद हाईकोर्ट से मेरठ विकास प्राधिकरण को नोटिस इश्यू हो गए थे। इन नोटिसों को जो उत्तर हाईकोर्ट में दाखिल किया गया है उसमे ठीकरा पुलिस प्रशासन पर फोड़ते हुए बताया गया है कि अधिकारियों ने फोर्स नहीं दिया, जिसकी वजह से कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
शहर की गली कूचों में पुराने मकान अवैध कॉम्प्लेक्सों में कैसे तब्दील हो गए इस पर जो हाईकोर्ट में मेरठ विकास प्राधिकरण की ओर से दाखिल किया गया है उसमें उसका कोई कारण नहीं बताया गया है। जनहित याचिका दायर करने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट का सवाल है कि एक अवैध कॉम्प्लेक्स रातों रात या फिर एक दो दिन या सप्ताह में या महीने में नहीं बन गए। इनमें एक अरसा लगा है। इस मामले में अब हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अदालत में 21 अक्तूबर को सुनवाई होनी है।
सोतीगंज में दिल्ली पुलिस का छापा, आरोपी फरार
मेरठ: सदर बाजार थाना के सोतीगंज इलाके में शनिवार की रात दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने थाना सदर बाजार पुलिस को साथ लेकर वाहन चोर के एकाउंट में बड़ी रकम डालने वाले की तलाश में दबिश दी। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम एसएसआई सचिन सिरोही के नेतृत्व में पहुंची थी। बताया जाता है कि सादावर्दी में पहुंचे दिल्ली क्राइम ब्रांच वालों ने पहले मनी ट्रांसफार करने वाले का ठिकाना तलाश लिया,
लेकिन बताया जाता है कि दिल्ली क्राइम ब्रांच के पहुंचने की भनक आरोपी को पहले ही लग गयी थी। सोतीगंज के घूमने के बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम थाना सदर बाजार पहुंची। वहां आमद दर्ज करायी। सदर थाने में आमद दर्ज कराने के बाद उस शख्स के ठिकाने पर पहुंची जिसने वाहन चोर कबाड़ी अजहरुद्दीन अज्जू के कहने पर दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े एक वाहन चोरी के खाते में मोटी रकम ट्रांसफर की थी। जिस शख्स की तलाश में दिल्ली क्राइम ब्रांच वाले आए थे वह पहले ही अपने पिता के साथ फरार हो गया था।
परिवार की महिलाओं का कहना था कि उनके बच्चे मनी ट्रांसफर का काम करते हैं। कोई भी आकर मनी ट्रांसफर कर सकता है। उन्होंने बदमाश से किसी प्रकार के संबंध की बात से इंकार किया। दिल्ली पुलिस वाले अज्जू के मकान पर भी पहुंचे, लेकिन वो भी नहीं मिला। काफी देर इधर उधर घूमने के बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम खाली हाथ लौट गयी।

