Sunday, February 25, 2024
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तालाब की जमीन पर रातोंरात खड़ा कर दिया मकान

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  • भूमाफियाओं की अंधेरगर्दी: सोए रहे अफसर
  • किठौर के गांव नंगली में तालाब पर अवैध कब्जे की शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: आला अफसर सोए रहे और गांव के प्रधान ने रातों रात तालाब पर कब्जा कर वहां मकान खड़ा करा दिया। इस घटना से पूरे गांव में हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीणों ने तालाब पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ पूरजोर तरीके से आवाज उठायी है, हालांकि यह आवाज तब तक सक्षम अधिकारियों के कानों तक पहुंचेगी, यह कहना जल्दबाजी होगा, लेकिन फिलहाल तलाश पर कब्जे को लेकर नाराजगी जरूर बनी है।

तालाब पर कब्जे का यह मामला किठौर थाना क्षेत्र के गांव नंगली का है। गांव के प्रधान पर आरोप है कि उन्होंने रातोंरात मजदूर लगाकर वहां पर मकान खड़ा करा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि रातोंरात मकान इसलिए खड़ा कराया गया ताकि तालाब की जगह पर कब्जे को लेकर गांव के लोग आवाज न उठाएं।

हालांकि रात में किए गए इस कब्जे व वहां चल रहे अवैध निर्माण की खबर ग्रामीणों को लग गयी थी। जैसे ही उन्हें पता चला कि तालाब पर प्रधान ने कब्जा कर मकान का निर्माण शुरू कर दिया है तो उन्होंने पुलिस को फोन किया। सूचना मिलते ही पुलिस गांव में आ धमकीं।

पुलिस को देखकर भागे मजदूर

गांव में जो मजदूर मिस्त्री कब्जाई गयी जमीन पर अवैध निर्माण कर रहे थे। पुलिस को देखकर अपने औजार छोड़ कर मौके से भाग गए। पुलिस के आने के बाद वहां पर मकान की चिनाई का काम बंद हो गया। हालांकि इससे पहले काफी बड़ा हिस्सा निर्माण किया जा चुका था।

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दरअसल जिस प्रधान पर तालाब की जमीन पर कब्जा कर मकान बनाने का आरोप है। ग्रामीणों ने बताया कि उसने बड़ी संख्या में चिनाई के लिए राज मजदूरों का इंतजाम कर लिया था। वहां लाइट का भी इंतजाम कराया गया था। ज्यादा मजदूर का फायदा यह हुआ कि वहां पर मकान का काम तेजी से चला।

ग्रामीण हुए मुखर

अवैध कब्जे का आरोप लगाने वाले गांव के लोग अब प्रधान के खिलाफ मुखर हैं। गांव के तनवीर हसन, कामिल आदि अनेक लोगों की प्रशासन से मांग है कि तालाब पर किए गए कब्जे हटवाए जाएं। आलाधिकारियों को गांव का दौरा करना चाहिए। उन्होंने बताया कि तालाब पर कब्जे किए जाने से गांव में जलभराव की समस्या खड़ी हो गयी है। इसके अलावा गांव में वाटर लेबल भी काफी नीचे पहुंच गया है। जिसके चलते अनेक लोगों ने सबमर्सिबल पंप लगवा लिए हैं।

इन सब के लिए गांव के तलाबों पर किए गए अवैध कब्जे ही जिम्मेदार हैं, कोई अन्य नहीं। इसलिए अवैध कब्जे तत्काल हटाए जाने चाहिए। सूबे के सीएम योगी के अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान के निर्देशों को लेकर अधिकारी कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि किठौर के गांव नंगली में प्रधान ने रातों रात तालाब की जमीन पर कब्जा कर वहां मकान खड़ा करा दिया। इसकी शिकायत किए जाने के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने मौके पर जाकर झांकने की जरूरत तक नहीं समझी।

चारों तालाबों पर अवैध कब्जे

ग्राम पंचायत नंगली में चार तालाब है। चारों तालाबों पर अवैध निर्माण है। जब जब बरसात आती है तो बारिश का पानी सड़कों पर भरा रहता है। जिससे ग्रामीणों को भयंकर बीमारी का डर रहता है और निकलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मगर बारिश का पानी निकलने का कोई रास्ता नहीं मिलेगा तो पानी तो भरना ही है। जहां पानी जाने की जगह है, वहां पर ग्राम प्रधान का कब्जा जमा हुआ है। अब ऐसे में देखना यह है। कि शासन प्रशासन ऐसे ग्राम प्रधान पर कोई लगाम लगाएगा या अवैध कब्जा मुक्त कराएगा या नहीं।

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