जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में उनकी मां राखी अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भावुक ईमेल लिखकर बेटे के लिए न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने इस जघन्य हत्या के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने और मामले में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है।
“कभी नहीं सोचा था कि बेटे के लिए न्याय मांगना पड़ेगा”
अपने पत्र में राखी अग्रवाल ने लिखा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन उन्हें अपने बेटे के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को पत्र लिखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हर मां की तरह उनका भी सपना था कि केतन एक खुशहाल जीवन जिए, शादी करे और परिवार के साथ लंबी उम्र बिताए। लेकिन नियति ने उन्हें अपने ही बेटे का अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर कर दिया।
“केतन की मौत के साथ मेरी दुनिया उजड़ गई”
राखी अग्रवाल ने लिखा कि केतन की हत्या ने उनके परिवार में ऐसा खालीपन छोड़ दिया है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, “जिस दिन केतन की मृत्यु हुई, उसी दिन मेरी दुनिया खत्म हो गई।” उन्होंने बताया कि घर का हर कोना, उसका कमरा, उसके कपड़े और तस्वीरें उन्हें हर पल बेटे की याद दिलाते हैं।
दादा भी नहीं सह पाए पोते का गम
पत्र में उन्होंने केतन के दादा का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उनके ससुर अपने पोते से बेहद प्यार करते थे और उसकी मौत का सदमा सहन नहीं कर सके। हत्या के एक महीने से भी कम समय बाद उनका भी निधन हो गया। इस तरह परिवार को कुछ ही हफ्तों के भीतर दो पीढ़ियों को खोने का दुख झेलना पड़ा।
“मैं दया नहीं, सिर्फ न्याय मांग रही हूं”
प्रधानमंत्री से भावुक अपील करते हुए राखी अग्रवाल ने लिखा, “मैं किसी सहानुभूति या विशेष कृपा की भीख नहीं मांग रही हूं। मैं सिर्फ न्याय चाहती हूं। कृपया इस मामले पर उचित ध्यान दें और बिना किसी देरी के दोषियों को सजा दिलाई जाए।”
उन्होंने आगे लिखा, “कृपया केतन को महज एक और मामला बनकर मत रहने दीजिए। वह किसी का बेटा, किसी का पोता और किसी का भाई था, लेकिन मेरे लिए वह मेरी पूरी दुनिया था। मैं हर दिन उसकी तस्वीर देखकर कहती हूं-‘बेटा, तेरी मां तेरे लिए लड़ रही है।’ अब मुझे उस दिन का इंतजार है, जब मैं कह सकूं-‘बेटा, तुझे इंसाफ मिल गया।'”
राष्ट्रपति से भी लगाई गई थी न्याय की गुहार
इससे पहले केतन के पिता ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर मामले में न्याय की मांग की थी और परिवार पर टूटे दुख का जिक्र किया था। फिलहाल पुलिस हत्या और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
तीन बार हत्या की कोशिश का दावा
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल पहले भी कई बार केतन को लोहगढ़ किले पर ले जाने की कोशिश कर चुकी थी।
31 मई को वह केतन को किले पर ले गई थी।
4 जून को उसने दोबारा ले जाने की कोशिश की, लेकिन केतन की मां ने अनुमति नहीं दी।
14 जून को भी वह कथित तौर पर उसे किले पर ले गई और धक्का देने की कोशिश की, लेकिन उस समय केतन बच गया।
हत्या से पहले दो बार किया गया पूर्वाभ्यास
पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और चेतन ने कथित तौर पर हत्या को अंजाम देने से पहले पुणे के लुल्लानगर स्थित सेक्टर-37 इलाके में दो बार धक्का देकर मारने का पूर्वाभ्यास किया था। पुलिस का मानना है कि केतन की हत्या कई सप्ताह से रची गई सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने कथित रूप से पहाड़ी इलाके में इस योजना का अभ्यास करने की बात स्वीकार की है।

