- जीवन भर के लिए विकलांग हो गई स्कूटी सवार महिला
- होर्डिंग्स गिरने से कई लोग हो चुके हैं हादसों का शिकार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जानलेवा बने होर्डिंग्स व यूनिपोल मेरठ में भी एक महिला को तो ऐसा दर्द दे चुके हैं कि वह जीवन भर खड़ी नहीं हो सकती। जबकि होर्डिंग्स गिरने के अन्य मामले में कई लोगों को काल का ग्रास बनना पड़ा। हादसों से नगर निगम के अधिकारियों के आंखे मूंद लेने से अवैध होर्डिंग का कारोबार फल फूल रहा है।
मुंबई में हादसे के बाद अब दिखावे के लिए नगर निगम के अधिकारी दिखायेंगे कि वह कायदे कानूनों का पालन कर रहे हैं, लेकिन हकीकत तो यह है कि इनको सिर्फ अपनी सेटिंग से मतलब होता है। हादसों का सबब बने होर्डिंग्स व यूनिपोल को लेकर नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा शहरवासी भुगतते चले आ रहे हैं। ई-ब्लॉक शास्त्री नगर मंदिर के पास कुछ साल पहले एक महिला स्कूटी पर जा रही थी। तभी मंदिर के पास एक होर्डिंग्स इस महिला पर गिरा। महिला होर्डिंग्स के नीचे स्कूटी समेत दब गई। महिला की जान तो बच गई पर जीवन भर के लिए अपाहिज हो गई।
इसी तरह एल-ब्लॉक तिराहे के पास भी होर्डिंग्स गिरने से दो लोग काल का ग्रास बने थे। इस मामले में भी नगर निगम के अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तथा कुछ दिन अखबार की सुर्खियां बनने के बाद मामला खुद ही शांत हो गया। ऐसे ही एक अन्य मामले में मवाना रोड पर कसेरूखेड़ा नाले वाले रास्ते पर गत वर्ष आई आंधी में यूनिपोल गिर गया। जिसके नीचे दबकर बाइक सवार व साइकिल सवार दबकर घायल हो गए। आसपास के लोगों ने उन्हें दिव्य ज्योति अस्पताल में भर्ती कराया। एक की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस मामले में परिजनों ने शिकायत करने की बात कही है।
मेयर पर पिस्टल तान चुका है होर्डिंग्स माफिया ?
होर्डिंग्स माफिया के रूप में विख्यात ज्ञानेन्द्र चौधरी वर्ष-2014 में मेयर रहे हरिकांत अहलूवालिया पर पिस्टल भी तान चुका है। गत 13 दिसंबर 2014 को अवैध होर्डिंग के खिलाफ अभियान में ज्ञानेंद्र चौधरी ने तत्कालीन महापौर हरिकांत अहलूवालिया पर पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी दी थी। हुआ यह था कि मलियाना फ्लाईओवर से उतरने के बाद मेन रोड पर ही सड़क के बीचों बीच ज्ञानेन्द्र चौधरी का बड़ा यूनिपोल लगा था। इस बात की जानकारी मिलने पर महापौर हरिकांत अहलूवालिया तथा भाजपा के अन्य पार्षद मौके पर पहुंचे।

उनके सामने भी ज्ञानेन्द्र यूनिपोल लगवाता रहा। इस पर मेयर हरिकांत ने विरोध किया तो ज्ञानेन्द्र चौधरी ने सीधे उन पर पिस्टल तान दी। इस मामले में टीपीनगर थाने में पार्षद रविन्द्र तेवतिया की ओर से ज्ञानेंद्र चौधरी, उसके पार्टनर सचिन चौधरी, शाहनवाज और कामिल के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस की जांच में सभी आरोपित पाए गए हैं। साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने 10 जनवरी 2015 को आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया है, जिस मुकदमे की सुनवाई अदालत में विचाराधीन है। इसी तरह गत 14 दिसंबर 2012 को अवैध होर्डिंग अभियान के दौरान हजारी के प्याऊ पर लगे दो यूनिपोल को काटने का ठेकेदार के बाउंसरों ने विरोध करते हुए दबंगई दिखाई थी।
तब भाजपा नेताओं ने उन्हें दौड़ा लिया था। पुलिस ने लाठियां चलाकर बाउंसरों को मौके से भगा दिया था। साथ ही दोनों अवैध यूनिपोल तोड़कर जब्त कर लिए थे। इसके अलावा 2 अप्रैल 2015 को गंगानगर में होर्डिंग ठेकेदार ज्ञानेंद्र चौधरी ने मीडियाकर्मी पर पिस्टल तानकर जान से मारने की धमकी दी। मीडियाकर्मी ने गंगानगर थाने में ज्ञानेंद्र चौधरी और सचिन चौधरी के खिलाफ तहरीर दी गई थी। देर रात कई घंटों तक जद्दोजहद हुई। उसके बाद दूसरे दिन पुलिस की बीच बचाव में दोनों पक्षों का समझौता हो गया था।
नगर निगम ने 35 होर्डिंग्स ठेकेदारों को दिये नोटिस
मुंबई हादसे से सबक लेते हुए नगर निगम के अधिकारी भी सजग हो गये हैं। गुरुवार को नगर निगम ने 35 होर्डिंग्स ठेकेदारों को नोटिस जारी किये हैं। इसमें भवन स्वामियों की बिल्डिंग पर भी सवालिया निशान उठाये गये हैं। हालांकि जवाब देने के लिए ठेकेदारों को एक सप्ताह की मोहलत दी गई है। मुंबई के घाटकोपर इलाके में गत दिनों धूल भरी आंधी के बाद एक बड़ा होर्डिंग गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 74 से अधिक लोग घायल हो गए। लगभग 15 हजार वर्ग फीट से बड़े इस होर्डिंग का नाम लिम्का बुक आॅफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है, हालांकि अब अधिकारियों का कहना है कि इसे नगर निकाय की अनुमति के बिना किया गया था।
मुंबई की ही तरह मेरठ की सभी सड़कों पर होर्डिंग्स व यूनिपोल की बाढ़ आई हुई है, लेकिन इस हादसे से पहले ही नगर निगम के अधिकारी सजग हो गये हैं। नगर निगम में होर्डिंग्स का कार्य देख रहे अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार का कहना है कि हमने 35 ऐसे होर्डिंग्स ठेकेदारों को नोटिस जारी किये हैं। जिन्होंने शहर में अलग-अलग स्थानों पर भवनों पर रूफ टॉप पर विशालकाय होर्डिंग्स लगा रखे हैं। एक तो इतनी ऊंची बिल्डिंग और उसके ऊपर हवा में टांगे गये विशालकाय होर्डिंग्स में क्या मानक अपनाये गये हैं? ठेकेदारों से भवन स्वामी के साथ-साथ इंजीनियर की रिपोर्ट भी मांगी गई है। उधर, नगर निगम के एआईएमआईएम के पार्षद फजल करीम तथा पूर्व पार्षद व कार्यकारिणी सदस्य अब्दुल गफ्फार का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र में भी अवैध होर्डिंग्स की भरमार है
जिसका मुद्दा आने को बार पूर्व एवं वर्तमान सदनो में भी पार्षदों द्वारा उठाया जाता रहा है नगर निगम कार्रवाई करने के बजाय मात्र खाना पूर्ति करता है। ऐसा प्रतीत होता है महाराष्ट्र जैसे दुर्घटना का नगर निगम इंतजार कर रहा है। उधर, शहर में होर्डिंग्स के ठेकेदार अभिनव एडवरटाइजिंग एजेंसी के संचालक सचिन चौधरी का कहना है कि उनको नगर निगम की ओर से अभी कोई नोटिस नहीं मिला है। नोटिस देखने के बाद उसका विधि सम्मत जवाब दिया जायेगा।

