जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: उत्तर-पश्चिम भारत के लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने का सिलसिला आगे भी जारी रहने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर-पश्चिम भारत में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रह सकता है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बीते 24 घंटों के दौरान भी उत्तर-पश्चिम, पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान 60 से 95 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई।
आईएमडी के वैज्ञानिक के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम में आए इस बदलाव की मुख्य वजह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी से भरी हवाओं के आपस में मिलने से एक मजबूत मौसमी सिस्टम बन गया है। इसी कारण दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में लगातार बारिश और तेज हवाओं का असर देखा जा रहा है।
धूल भरी आंधी और तेज हवाओं की संभावना
आईएमडी ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रह सकता है। दोपहर और शाम के समय कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। साथ ही धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया गया है।
हिमालय से लेकर दक्षिण भारत तक बारिश
पिछले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर से लेकर असम और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश दर्ज की गई। असम और दक्षिण अंदरूनी कर्नाटक में कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेमी तक भारी वर्षा हुई। वहीं हिमाचल प्रदेश, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु और मणिपुर में 7 से 11 सेमी तक बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, ओडिशा, मध्य महाराष्ट्र, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, राजस्थान और गोवा में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि भी हुई, जबकि विदर्भ क्षेत्र में लू जैसी स्थिति बनी रही।
पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पुंछ-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग शनिवार को करीब पांच घंटे तक बंद रहा। मलबा हटाने के बाद यातायात बहाल किया गया। इस दौरान लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, हालांकि बारिश से गर्मी से राहत भी मिली। किसान भी इस मौसम से उत्साहित नजर आए।
कश्मीर में तापमान में भारी गिरावट
कश्मीर घाटी में शनिवार सुबह से शुरू हुई बारिश शाम तक जारी रही। इसके चलते कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई और अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 8.7 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 8.4 डिग्री कम है। काजीगुंड में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया।
हिमाचल में बर्फबारी और बारिश
हिमाचल प्रदेश के रोहतांग और धौलाधार क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई, जबकि शिमला, धर्मशाला और अन्य हिस्सों में बारिश हुई। लगातार दूसरे दिन तापमान में करीब 8 डिग्री तक गिरावट देखी गई और ऊना को छोड़कर पूरे राज्य में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। मौसम विभाग ने 14 जून को भी कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है और चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व शिमला के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।

